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ये है वीना की फैक्‍ट्री, यहां बेकार मोबाइल-लैपटॉप भी नहीं होता बेकार

भारत ने पैदा हुई वीना सहजवाल ने ई-कबाड़ ने निपटने के लिए खास मशीन बनाई है। भारत ने पैदा हुई वीना सहजवाल ने ई-कबाड़ ने निपटने के लिए खास मशीन बनाई है।
वीना भारत में पैदा हुई हैं और ऑस्‍ट्रेलिया की न्‍यू साउथ वेल्‍स यूनिवर्सिटी में मैटेरियल साइंस की प्रोफेसर हैं। वीना भारत में पैदा हुई हैं और ऑस्‍ट्रेलिया की न्‍यू साउथ वेल्‍स यूनिवर्सिटी में मैटेरियल साइंस की प्रोफेसर हैं।
वीना ने 1986 में आईआईटी- कानपुर से बीटेक की डिग्री हासिल की थी। वीना ने 1986 में आईआईटी- कानपुर से बीटेक की डिग्री हासिल की थी।
वह ऑस्‍ट्रेलियाई चैनल के फेसम टीवी शो he New Inventors की जज भी रह चुकी हैं। वह ऑस्‍ट्रेलियाई चैनल के फेसम टीवी शो he New Inventors की जज भी रह चुकी हैं।
वीजा को उनके प्रयोगों के लिए ऑस्‍ट्रेलिया में कई अवॉर्ड मिल चुके हैं। वीजा को उनके प्रयोगों के लिए ऑस्‍ट्रेलिया में कई अवॉर्ड मिल चुके हैं।

भारत में पैदा हुईं वीना सहजवाल ने एक ऐसी माइक्रोफैक्‍ट्री तैयार की है, जो खराब होने के बाद मोबाइल, लैपटॉप के कचरे को दोबारा इस्‍तेमाल होने वाले वैल्‍यूएबल मैटेरियल में बदल देगी। वीना की यह फैक्‍ट्री अपनी तरह की दुनिया की पहली फैक्‍ट्री है, कबाड़ हो चुके मोबाइल या लैपटॉप को भी बेकार नहीं होने देगी। ऑस्‍ट्रेलिया की न्‍यू साउथ वेल्‍स यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर वीजा के मुताबिक, इलेक्‍ट्रॉनिक वेस्‍ट मौजूदा दौर में तेजी के साथ बढ़ती समस्‍या है और मेरी ई-वेस्‍ट माइक्राफैक्‍ट्री में इस समस्‍या से पार पाने की पोटेंशियल है। बता दें कि ई-वेस्‍ट से दुनिया भर में पर्यावरण को भी बेहद नुकसान हो रहा है। उसका सबसे बड़ा कारण यह है कि जमीन में गाड़ने के बाद भी यह आसानी से नहीं गलता है।

Money bhaskar

Apr 10,2018 12:29:00 PM IST

मेलबर्न। भारत में पैदा हुईं वीना सहजवाल ने एक ऐसी माइक्रोफैक्‍ट्री तैयार की है, जो खराब होने के बाद मोबाइल, लैपटॉप के कचरे को दोबारा इस्‍तेमाल होने वाले वैल्‍यूएबल मैटेरियल में बदल देगी। वीना की यह फैक्‍ट्री अपनी तरह की दुनिया की पहली फैक्‍ट्री है, कबाड़ हो चुके मोबाइल या लैपटॉप को भी बेकार नहीं होने देगी।

ऑस्‍ट्रेलिया की न्‍यू साउथ वेल्‍स यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर वीना के मुताबिक, इलेक्‍ट्रॉनिक वेस्‍ट मौजूदा दौर में तेजी के साथ बढ़ती समस्‍या है और मेरी ई-वेस्‍ट माइक्राफैक्‍ट्री में इस समस्‍या से पार पाने की पोटेंशियल है। बता दें कि ई-वेस्‍ट से दुनिया भर में पर्यावरण को भी बेहद नुकसान हो रहा है। उसका सबसे बड़ा कारण यह है कि जमीन में गाड़ने के बाद भी यह आसानी से नहीं गलता है।

प्‍लास्टिक हो या ग्‍लास कुछ नहीं होगा बेकार

वीना के मुताबिक, उसकी यह माइक्रोफक्‍ट्री ग्‍लास, प्‍लास्टिक और टिम्‍बर जैसे कचरे को भी कॉमर्शियल मैटैरियल और उपयोगी प्रोडक्‍ट्स में बदल सकती है। उदाहरण के लिए यह मशीन काबड़ हो चुके कम्‍प्‍यूटर सर्किट बोर्ड को कॉपर और टिन जैसी मिश्र धातु में भी तब्‍दील कर सकती है। ई-डिवाइस में यूज हुए ग्‍लास और प्‍लस्टिक को यह मशीन इंडस्ट्रियल ग्रेड सेरैरिक और 3-डी प्रिंटिंग में यूज होने वाले प्‍लास्टिक फिलामेंट्स में तब्‍दील कर देती है। इंडस्ट्रियल ग्रेड सेरैरिक से प्‍लास्टिक के बर्तन बनाए जाते हैं।

कहीं भी जा सकती है फैक्‍ट्री 

वीना के मुताबिक, उनकी फैक्‍ट्री अभी डेवलपमेंट प्रॉसेस में है। जल्‍द ही ग्राहकों के लिए इसका प्रोडक्‍टशन शुरू हो जाएगा। वीना ने आईआईटी कानपुर से 1986 में बीटेक की डिग्री हासिल की थी। वीना के मुताबिक, उनकी फैक्‍ट्री ई-कचरे को जलाने और गाड़ने का नया सॉल्‍यूशन देती है। इसकी मदद से कचरे को वैल्‍यूएबल मैटेरियल में बदला जा सकता है। वीना की ओर से डेवलप मॉल्‍यूलर माइक्रोफैक्‍ट्री मात्र 50 स्‍क्‍वॉयर मी‍टर जगह लेती है। साथ ही जहां भी इस तरह का कचरा है, वहीं इसे ले जाया जा सकता है। 

 

 

 

खास है यह मशीन 

यह पूरी फैक्‍ट्री बहुत सी मशीन और  डिवाइस की एक पूरी सिरीज है, जो वेस्‍ट प्रोडक्‍ट को नए और प्रयोग होने वाले रिसोर्स के रूप में तब्‍दील करने के लिए एक या अधिक फंक्‍शन्‍स का यूज करती है। यह मशीन कम्‍प्‍यूटर, लैपटॉप, मोबाइल, प्रिंटर और फॉटोकॉपी मशीन को नए प्रोडक्‍ट के रूप में तब्‍दील करती है। इसके लिए इसमें बहुत से माड्यूल्‍स लगे हैं, जो एक छोटी से जगह में फिट हैं।   वीना सहवाला न्‍यू साउथ वेल्‍स यूनिवर्सिटी में मैटेरियल साइंस की प्रोफसर हैं। 

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भारत ने पैदा हुई वीना सहजवाल ने ई-कबाड़ ने निपटने के लिए खास मशीन बनाई है।भारत ने पैदा हुई वीना सहजवाल ने ई-कबाड़ ने निपटने के लिए खास मशीन बनाई है।
वीना भारत में पैदा हुई हैं और ऑस्‍ट्रेलिया की न्‍यू साउथ वेल्‍स यूनिवर्सिटी में मैटेरियल साइंस की प्रोफेसर हैं।वीना भारत में पैदा हुई हैं और ऑस्‍ट्रेलिया की न्‍यू साउथ वेल्‍स यूनिवर्सिटी में मैटेरियल साइंस की प्रोफेसर हैं।
वीना ने 1986 में आईआईटी- कानपुर से बीटेक की डिग्री हासिल की थी।वीना ने 1986 में आईआईटी- कानपुर से बीटेक की डिग्री हासिल की थी।
वह ऑस्‍ट्रेलियाई चैनल के फेसम टीवी शो he New Inventors की जज भी रह चुकी हैं।वह ऑस्‍ट्रेलियाई चैनल के फेसम टीवी शो he New Inventors की जज भी रह चुकी हैं।
वीजा को उनके प्रयोगों के लिए ऑस्‍ट्रेलिया में कई अवॉर्ड मिल चुके हैं।वीजा को उनके प्रयोगों के लिए ऑस्‍ट्रेलिया में कई अवॉर्ड मिल चुके हैं।
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