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जि‍सका भी फेसबुक लॉग इन चाहि‍ए, 350 रुपए में यहां मि‍ल जाएगा

सुप्रीम कोर्ट खुद कुछ दि‍नों पहले ये फैसला सुना चुका है कि‍ नि‍जता का अधि‍कार आपका मौलि‍क अधि‍कार है।

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नई दि‍ल्‍ली। प्राइवेसी को लेकर इन दि‍नों अदालत से लेकर ग्रुप चैट तक में गर्म बहस चल रही है। सुप्रीम कोर्ट खुद कुछ दि‍नों पहले ये फैसला सुना चुका है कि‍ नि‍जता का अधि‍कार आपका मौलि‍क अधि‍कार है। आपका फेसबुक प्रोफाइल, बैंक अकाउंट, इंस्‍टाग्राम, मेल आईडी वगैरह सबकुछ पासवर्ड प्रोटेक्‍टेड है। कंपनि‍यां आपको सलाह देती हैं कि‍ पासवर्ड में एक अंक, एक स्‍पेशल कैरेक्‍टर और एक बड़ा अक्षर भी होना चाहि‍ए, इससे आपका पासवर्ड मजबूत हो जाता है। 


आईटी कंपनि‍यां अपनी सिक्‍योरिटी को दुरुस्‍त करने के लि‍ए करोड़ों रुपए खर्च कर रही हैं। मगर सौ बातों की एक बात - ताले चोरों के लि‍ए नहीं होते। इस सारे तामझाम को ताक पर रखने की कीमत है महज 350 रुपए। केवल इतने रुपए देकर जि‍सके भी फेसबुक एकाउंट में चाहें घुस सकते हैं। पासवर्ड चाहे कि‍तना भी मजबूत क्‍यूं न हो। यही है नि‍जता को सार्वजनि‍क करने की कीमत।  आगे पढ़ें 

डीप वेब पर मि‍लता है सब 
इंटरनेट की दुनि‍या जि‍तनी हम जातने हैं वो केवल 1 से 2 फीसदी ही है। यह दुनि‍या एक काले गहरे कुएं जैसी है, जहां वो सबकुछ मि‍लता है, जि‍सकी आप कल्‍पना भी नहीं कर सकते। इस दुनि‍या को डार्क वेब कहा जाता है। यहां लोगों की फेसबुक लॉग इन महज 350 रुपए में मि‍ल जाती है। यहां तो वैसे बहुत मि‍लता है मगर इन दि‍नों जब फेसबुक के डाटा को लेकर बहुत शोर हो रहा है तो हम केवल इसी का जि‍क्र कर रहे हैं। कंटेंट मार्केटिंग एजेंसी फ्रैक्‍टल ने पि‍छले महीने डीप वेब में तीन बड़े प्‍लेटफॉर्म को टटोला तो पाया कि‍ यहां लोगों की फेसबुक प्रोफाइल केवल 5.20 डालर में बि‍क रही थी। आगे पढ़ें  

 

ऐसे नहीं मि‍लती डीप वेट में एंट्री 
डीप वेब में आप सीधे एंट्री नहीं कर सकते। ये वो वेबसाइट होती हैं जो अपने आप को गूगल या अन्‍य सर्च इंजन में रजि‍स्‍टर ही नहीं करातीं। इन तक केवल वही लोग पहुंच पाते हैं जि‍नकी सही यूआरएल की जानकारी होती है या फि‍र वो लोग यहां पहुंच पाते हैं जो इंटरनेट की दुनि‍या में महारथ हासि‍ल कर चुके होते हैं। अब आईटी सुरक्षा से जुड़ी कंपनि‍यां भी एक्‍सपर्ट के जरि‍ए डीप वेब में क्रॉलिंग करती हैं ताकि‍ उन्‍हें डाटा बि‍कने जैसी घटनाओं की जानकारी मि‍ल सके। कुछ दि‍नों पहले पीएनबी के डेबिट और कार्ड की डि‍टेल भी यहां बि‍क रही थी, जिसकी जानकारी एक सुरक्षा कंपनी ने दी थी। 

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