अमेरिका ने पाकिस्तान को कम की Arms supply, भारत ने भी नीति बदली, आयात कम करने का जोर

मोदी सरकार ने हथियार खरीदी नीति अहम बदलाव किया है। इसके तहत बीते पांच सालों से रूस की बजाय अमेरिका, फ्रांस और इजरायल को खरीदी में तरजीह दी है। यही नहीं सरकार की कोशिश है कि कम से कम आयात किया जाए ताकि भारत खुद ही हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ सके। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की अंतरराष्ट्रीय हथियार लेन-देन का रुख-2018 रपट में यह जानकारी सामने आई है।

 

money bhaskar

Mar 11,2019 05:36:00 PM IST

नई दिल्ली. मोदी सरकार ने हथियार खरीदी नीति अहम बदलाव किया है। इसके तहत बीते पांच सालों से रूस की बजाय अमेरिका, फ्रांस और इजरायल को खरीदी में तरजीह दी है। यही नहीं सरकार की कोशिश है कि कम से कम आयात किया जाए ताकि भारत खुद ही हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ सके। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की अंतरराष्ट्रीय हथियार लेन-देन का रुख-2018 रपट में यह जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान को अमेरिका ने हथियार बेचने में आनाकानी की है। इसके चलते उसका आयात भी 39 प्रतिशत कम हो गया है।

दुनिया में हथियार खरीदी में अव्वल है भारत

रिपोर्ट के अनुसार भारत के हथियारों के आयात में पिछले चार साल में रूस की हिस्सेदारी घटी है। वर्ष 2009-13 के बीच देश के कुल हथियार आयात में रूस से आयातित हथियारों की हिस्सेदारी 76 फीसदी थी जो 2014-18 में घटकर 58 फीसदी रह गई। जबकि वर्ष 2014-18 के बीच अमेरिका और फ्रांस से भारत को हथियारों का निर्यात बढ़ा है। वैश्विक हथियार आयात में भारत का हिस्सा साढ़े नौ प्रतिशत के करीब है।

24 फीसदी घट गया है आयात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूरी कोशिश arms के मामले में देश की आयात पर निर्भरता को खत्म करना है। रपट के अनुसार 2009-13 के मुकाबले 2014-18 में देश में हथियारों का आयात 24 प्रतिशत तक घटा है। आयात के आंकड़ों में कमी की एक अहम वजह विदेशी हथियारों की आपूर्ति में देरी होना भी है। जैसे कि रूस को लड़ाकू विमान का ऑर्डर 2001 में और फ्रांस को पनडुब्बी का ऑर्डर 2008 में दिया गया था। हालांकि इन सबके बावजूद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा arms आयातक है।

पाकिस्तान में भी हथियारों का आयात घटा

2009-13, 2014-18 के बीच पाकिस्तान में हथियारों का आयात 39% तक घटा है। अमेरिका अब पाक को हथियार बेचने में आनाकानी कर रहा है। अमेरिकी हथियारों का पाक में निर्यात 81% तक कम हुआ है।

अमेरिका हथियारों का सबसे बड़ा निर्यातक

वैश्विक स्तर पर अमेरिका हथियारों का सबसे बड़ा निर्यातक है। इस कैटेगरी में उसके बाद रूस, फ्रांस, जर्मनी और चीन का नंबर आता है। पांच सबसे बड़े आयातक सऊदी अरब, भारत, मिस्र, ऑस्ट्रेलिया और अल्जीरिया हैं। 2009 से 2018 के बीच हथियारों के वैश्विक निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी 30 से बढ़कर 36% हो गई। इस मामले में रूस से तुलना की जाए तो 2009-13 के दौरान हथियार बेचने में अमेरिका उससे 12% आगे रहा। 2014-18 में यह अंतर 75% हो गया।

वेनेजुएला में रूसी हथियारों का निर्यात 96% घटा

सूत्रों का कहना है कि हथियारों के निर्यात में रूस के पिछड़ने की सबसे बड़ी वजह भारत और वेनेजुएला हैं। हालांकि भारत अभी भी रूसी हथियारों का सबसे बड़ा खरीदार है, लेकिन वेनेजुएला में रूसी हथियारों का निर्यात 96% तक कम हुआ।

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