विज्ञापन
Home » Economy » InternationalPakistan will not oppose proposal against JEM chief Masood Azhar in UN

भारत की आर्थिक नाकेबंदी से डरा पाकिस्तान, अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव का नहीं करेगा विरोध

पाकिस्तान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के हवाले से एक रिपोर्ट में दावा

Pakistan will not oppose proposal against JEM chief Masood Azhar in UN

नई दिल्ली। भारत की ओर से की जा रही आर्थिक घेराबंदी का असर अब दिख रहा है। आर्थिक रूप से टूट चुका पाकिस्तान अब जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) समेत सभी प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ ‘निर्णायक कार्रवाई’ कर सकता है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के आतंकवादियों की सूची में जैश प्रमुख मसूद अजहर को शामिल करने के प्रस्ताव पर अपने विरोध को वापस भी ले सकता है। रविवार को एक खबर में यह बात कही गई।

 

अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने रखा है प्रस्ताव
अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने बुधवार को पाकिस्तान में रहने वाले अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में नए सिरे से प्रस्ताव रखा था। ऐसा होने से अजहर के वैश्विक रूप से यात्रा करने पर पाबंदी लग जाएगी, उसकी संपत्तियां फ्रीज हो जाएंगी। पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, घटनाक्रम से जुड़े एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के हवाले से एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने कहा कि पाकिस्तान एक बड़े नीतिगत फैसले में सभी प्रतिबंधित संगठनों और साथ ही प्रतिबंधित जैश के प्रमुख के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर सकता है। अजहर के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी, इस बारे में स्थिति साफ नहीं है लेकिन अधिकारी ने संकेत दिया कि पाकिस्तान जैश प्रमुख को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा वैश्विक आतंकी घोषित कराने के प्रस्ताव पर अपने विरोध को वापस ले सकता है।

 

15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद को 10 दिन में लेना है फैसला
जब अधिकारी से पूछा गया कि क्या पाकिस्तान अब अजहर के खिलाफ सुरक्षा परिषद की कार्रवाई का और विरोध नहीं करेगा तो उन्होंने कहा कि देश को फैसला लेना होगा कि व्यक्ति महत्वपूर्ण है या देश का व्यापक राष्ट्रीय हित अहम है। सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध के बारे में निर्णय लेने वाली समिति 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद के वीटो अधिकार प्राप्त तीन स्थाई सदस्य देशों के ताजा प्रस्ताव पर 10 दिन के अंदर विचार करेगी। अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने के लिए पिछले 10 साल में संयुक्त राष्ट्र में इस तरह का यह चौथा प्रयास है। भारत ने 2009 में अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने के लिए प्रस्ताव रखा था।

 

भारत की आर्थिक नाकेबादी से बर्बादी की कगार पर है पाकिस्तान
पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों के काफिले पर आतंकी हमले के बाद से भारत की ओर से की जा रही आर्थिक नाकेबंदी से पाकिस्तान इस समय बुरी तरह परेशान है। मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा समाप्त किए जाने से पाकिस्तान में जरूरी चीजों की किल्लत हो गई है। इससे इन चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। हाल ही में सांख्यिकी ब्यूरो की ओर से पेश किए गए आंकड़ों के अुनसार पाकिस्तान में महंगाई दर बढ़कर 8.2 फीसदी हो गई है जो बीते चार सालों में सबसे ज्यादा है। भारत के प्रभाव के कारण कोई भी देश पाकिस्तान की मदद करने के लिए आगे नहीं आ रहा है।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन