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Home » Economy » InternationalPakistan Inflation on top in 5 years with more then 9 percent

अब पाकिस्तान पर महंगाई की मार, 10 लाख लोग हो सकते हैं बेरोजगार

सबसे बड़ा दोस्त चीन भी नहीं कर पा रहा मदद

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नई दिल्ली। वित्तीय संकट का सामना कर रहे पाकिस्तान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। आर्थिक मोर्च पर पूरी तरह से विफल प्रधानमंत्री इमरान खान के सामने अब एक और मुसीबत सामने खड़ी हो गई है। पाकिस्तान में मार्च 2019 के दौरान महंगाई की दर पांच वर्ष के उच्चतम स्तर 9.41 प्रतिशत पर पहुंच गई है। 

मंदी के जाल में फंस सकता है पाकिस्तान
पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो की तरफ से सोमवार को जारी महंगाई के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो ने कहा है कि महंगाई बढ़ने से गरीबी रेखा में रहने वालों की संख्या में 40 लाख का और इजाफा हो जाएगा, जबकि इस साल दस लाख लोग और बेरोजगार हो जाएंगे। महंगाई का यह स्तर अप्रैल 2014 के बाद का सर्वाधिक है। उस समय महंगाई 9.2 प्रतिशत आंकी गई थी। मार्च महीने में ही महंगाई एक माह पहले की तुलना में 1.42 प्रतिशत बढ़ गई है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई दहाई अंक में पहुंचने और आर्थिक विकास की गति तीन प्रतिशत से नीचे रहने से देश मुद्रास्फीति जनित मंदी की जाल में फंस सकता है। मुद्रस्फीति जनित मंदी में वस्तुओं और सेवाओं के दाम में तो बढ़ोतरी होती ही है। इस स्थिति में आर्थिक विकास गति मंद पड़ जाती हैं और बेरोजगारी की दर बढ़ जाती है। 

सोमवार को बढ़ाए थे पेट्रोल-डीजल के दाम


पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सोमवार से नौ माह के उच्च स्तर छह रुपए प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की गई। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया था कि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और देश की मुद्रा में गिरावट के कारण दाम बढ़ाने पड़े हैं। तेल एवं गैस नियामक प्राधिकरण ने जो सिफारिश की थी उसकी तुलना में दाम लगभग आधे बढ़ाए गए हैं। मंत्रालय के अनुसार पेट्रोल और डीजल के दाम छह रुपए प्रति लीटर बढ़कर क्रमशः 98.89 और 117.43 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गए। मिट्टी तेल और हल्का डीजल तीन-तीन रुपए बढ़कर क्रमशः 89.31 रुपए और 80.54 रुपए प्रति लीटर हो गए। पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल के दाम जुलाई 18 के बाद सर्वाधिक है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी नहीं मिल रहा सहयोग


पाकिस्तान बीते कई महीनों से आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। इसको लेकर प्रधानमंत्री इमरान खान संयुक्त राष्ट्र और चीन समेत कई देशों के सामने आर्थिक मदद की गुहार लगा चुके हैं। लेकिन कुप्रबंधन और आतंक को वित्त पोषित करने जैसे आरोपों के बीच कोई भी देश पाकिस्तान की मदद करने के लिए सामने नहीं आ रहा है। पाकिस्तान का दोस्त माना जाने वाला चीन भी आर्थिक तौर पर कुछ खास मदद नहीं कर पा रहा है।

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