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भारत की कार्रवाई से बर्बादी की कगार पर पाकिस्‍तान, खुद दे रहा सबूत

MFN का दर्जा समाप्त होने से जरूरी चीजों की किल्लत बढ़ी

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नई दिल्ली। पाकिस्तान समर्थित जैश ए मोहम्मद ने 14 फरवरी को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमला किया था। इस हमले में 44 जवान शहीद हो गए थे। इस आतंकी हमले के बाद से भारत ने पाकिस्तान को चौतरफा घेरना शुरू कर दिया है। भारत की ओर से की गई इस घेराबंदी के कारण अब पाकिस्तान आर्थिक रूप से बर्बादी की कगार पर आ गया है। यह बात खुद पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तानी मीडिया कर रही है। आइए आपको बताते हैं कि भारत की घेराबंदी के कारण पाकिस्तान इस समय आर्थिक रूप से किस कदर परेशान है। 

 

MFN दर्ज समाप्त होने से व्यापार ठप
पुलवामा हमले के बाद भारत ने सबसे पहली कार्रवाई के रूप में पाकिस्तान का मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा समाप्त किया था। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान से आयात होने वाले सामान पर 200 फीसदी आयात शुल्क लगा दिया था। इससे पाकिस्तान से भारत आने वाले सामान पर पूरी तरह से रोक लग गई है। दोगुना टैक्स होने के कारण पाकिस्तान के व्यापारी भारत में अपना सामान नहीं बेच पा रहे हैं। इससे व्यापारियों को रोजाना करीब 100 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। आपको बता दें कि पाकिस्तान हर साल करीब 3500 करोड़ रुपए का सामान बेचता है।

 

चार साल में सबसे ज्यादा महंगाई
पुलवामा हमले के बाद भारत की ओर से की गई घेराबंदी का दूसरा असर यह है कि पाकिस्तान में इस समय महंगाई दर बढ़कर 8.2 फीसदी हो गई है। यह चार साल बाद सबसे ज्यादा है। पाकिस्तान के अखबार डॉन के अनुसार, MFN का दर्जा खत्म होने के बाद पाकिस्तान मं जरूरी चीजों की किल्लत बढ़ गई है। इससे उनकी कीमतें आसमान छू रही हैं। इस कारण महंगाई दर बढ़कर 8.2 फीसदी हो गई है। पाकिस्तान के सांख्यिकी ब्यूरो की ओर 40 शहरों और 76 बाजारों से एकत्र 487 वस्तुओं की खुदरा कीमतों के आधार पर महंगाई दर घोषित की गई है। 


 

150 रुपए किलो के पार पहुंचा टमाटर


जैश ए मोहम्मद की ओर से सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले के बाद भारतीय व्यापारियों ने पाकिस्तान को भेजे जाने वाले जरूरी सामानों पर रोक लगा दी है। इससे इन सामानों की कीमत दोगुने से ज्यादा हो गई है। डॉन अखबार के अनुसार, इस समय पाकिस्तान में टमाटर 150 रुपए प्रति किलो, हरी मिर्च 37 रुपए किलो और अनार की कीमतें 11.24 फीसदी बढ़ गई हैं। आपको बता दें कि पाकिस्तान भारत से हरी सब्जी, ड्राई फ्रूट, फ्यूल आदि चीजों को आयात करता है। 

 

बुरे दौर में पाकिस्तानी रुपया


भारत की ओर से लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की बेरूखी के कारण इस समय पाकिस्तान का रुपया अपने निचले स्तर पर चला गया है। इस समय एक डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया 139 के स्तर तक पहुंच गया है। आतंकी फंडिग के कारण पाकिस्तान इस समय फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्ट में पहुंच गया है। यदि वह आतंकियों के खिलाफ प्रभावी कदम नहीं उठाता है तो कभी भी ब्लैक लिस्ट में पहुंच सकता है।

 

पाकिस्तान को ऋण नहीं दे रही अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं


आतंक के खिलाफ भारत की मजबूत लड़ाई के कारण आज तमाम अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं पाकिस्तान को ऋण देने से कतरा रही हैं। भारत की नीतियों के कारण आज पाकिस्तान का सबसे गहरा दोस्त चीन भी उसकी मदद करने के लिए आगे नहीं आ पा रहा है। अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण ही पाकिस्तान ने भारतीय वायुसेना के पायलट अभिनंदन को दो दिन बाद ही रिहा करना पड़ा। 

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