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पाकिस्तान के वित्त सचिव ने ही चेता डाला पाकिस्तान को, सुधर जाओ, नहीं तो खिसक जाएगी अर्थव्यवस्था की धरती

FATF कर सकता है पाकिस्तान के खिलाफ आर्थिक नाकेबंदी

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नई दिल्ली। 

पाई-पाई के लिए मोहताज पाकिस्तान बड़े आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है। पाकिस्तान की माली हालत इतनी खराब हो चुकी है कि उसे अपने खच्चरों (गधों) को बेचकर काम चलाना पड़ रहा है। पाकिस्तान चीन को गधों का निर्यात कर रहा है। यही वजह है कि पाकिस्तान के वित्त सचिव आरिफ अहमद खान को पाकिस्तान की चिंता सता रही है। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से साफ-साफ कह दिया है कि अगर पाकिस्तान ने फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बात नहीं मानी और पाकिस्तान एफएटीएफ के प्रस्तावों की अनदेखी करता है तो पाकिस्तान के ऊपर आर्थिक प्रतिबंध लग सकता है। पाकिस्तान के मशहूर अखबार डॉन में छपी खबर के मुताबिक खान ने मंगलवार को पाकिस्तान के पब्लिक अकाउंट कमेटी (पीएसी) की बैठक में हिस्सा लिया था। बैठक में उन्होंने इस बात की पुरजोर वकालत की कि पाकिस्तान को एफएटीएफ के सुझावों पर अमल करना चाहिए।

 

 

लग सकते हैं आर्थिक प्रतिबंध 


खान ने कहा कि पाकिस्तान को प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ एफएटीएफ सुझावों के मुताबिक कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने इस बात की आशंका जाहिर की कि अगर पाकिस्तान एफएटीएफ के प्रस्तावों की अनदेखी करता है तो पाकिस्तान पर आर्थिक प्रतिबंध लग सकते हैं। उन्होंने बताया कि एफएटीएफ के दि इंटरनेशनल कोपरेटिव रिव्यू ग्रूप ने जनवरी माह में पाकिस्तान का रिव्यू किया है जो संतोषजनक नहीं पाया गया है। अब अगला रिव्यू जून में होगा और उस दौरान भी रिव्यू संतोषजनक नहीं रहने पर पाकिस्तान के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई हो सकती है। एफएटीएफ ने पाकिस्तान को पहले ही ग्रे लिस्ट में कर रखा है। अगर पाकिस्तान आतंकी संगठनों को आर्थिक मदद देने की अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है तो एफएटीएफ पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डाल सकता है। गत फरवरी माह में फ्रांस में एफएटीएफ की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में भारत ने भी हिस्सा लिया था।

भारत की आर्थिक नाकेबंदी से बर्बादी की कगार पर है पाकिस्तान


पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों के काफिले पर आतंकी हमले के बाद से भारत की ओर से की जा रही आर्थिक नाकेबंदी से पाकिस्तान इस समय बुरी तरह परेशान है। मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा समाप्त किए जाने से पाकिस्तान में जरूरी चीजों की किल्लत हो गई है। इससे इन चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। हाल ही में सांख्यिकी ब्यूरो की ओर से पेश किए गए आंकड़ों के अुनसार पाकिस्तान में महंगाई दर बढ़कर 8.2 फीसदी हो गई है जो बीते चार साल में सबसे ज्यादा है। भारत के प्रभाव के कारण कोई भी देश पाकिस्तान की मदद करने के लिए आगे नहीं आ रहा है।

MFN दर्ज समाप्त होने से व्यापार ठप


पुलवामा हमले के बाद भारत ने सबसे पहली कार्रवाई के रूप में पाकिस्तान का मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा समाप्त किया था। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान से आयात होने वाले सामान पर 200 फीसदी आयात शुल्क लगा दिया था। इससे पाकिस्तान से भारत आने वाले सामान पर पूरी तरह से रोक लग गई है। दोगुना टैक्स होने के कारण पाकिस्तान के व्यापारी भारत में अपना सामान नहीं बेच पा रहे हैं। इससे व्यापारियों को रोजाना करीब 100 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। आपको बता दें कि पाकिस्तान हर साल करीब 3500 करोड़ रुपए का सामान बेचता है।

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