Home » Economy » InternationalMore Indians prefer US EB-5 visa route with assured migration Green Card

जेब में पैसे हैं तो ट्रंप भी नहीं रोकते, अमेरि‍का का ग्रीन कार्ड यूं ले रहे हैं भारतीय

अब भारतीय पैसों के बदले अमेरि‍की नागरि‍कता हासि‍ल कर ले रहे हैं।

1 of

नई दि‍ल्‍ली। अमेरि‍का के राष्‍ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद ही डोनाल्‍ड ट्रंप ने कह दि‍या था कि वह अमेरि‍का में एंट्री को पहले के मुकाबले टफ बना देंगे। इसके लि‍ए उन्‍होंने एच1 बी वीजा के नि‍यमों में कई तरह के बदलाव भी कि‍ए, मगर एक रास्‍ता ऐसा भी है जिसपर वह अभी भी बैरि‍यर नहीं लगा पाए, इसलि‍ए तो कहा जाता है - सबसे बड़ा रुपइया। अब भारतीय पैसों के बदले अमेरि‍की नागरि‍कता हासि‍ल कर ले रहे हैं। 


एक नई रि‍पोर्ट के मुताबिक, बड़ी संख्‍या में भारतीय ईबी-इन्‍वेस्‍टर वीजा के माध्‍यम से अमेरिका में नि‍वेश कर रहे हैं। यह वीजा अमेरि‍का का ग्रीन कार्ड दि‍लाने का एक पक्‍का और तेज रास्‍ता है। पिछले चार सालों के दौरान ईबी -5 वीजा चुनने वाले लोगों, कॉरपोरेट एग्‍जेक्‍यूटिव्‍स और बि‍जनेस मैन की गि‍नती तीन गुना बढ़ गई है। वर्ष 2016 में इस तरह के 350 से ज्‍यादा आवेदन कि‍ए गए। खास बात ये है कि‍ इस तरह के वीजा के लि‍ए कि‍सी शैक्षि‍क योग्‍यता की बाध्‍यता भी नहीं है।  आगे पढ़ें 

गोल्‍डन वीजा़ कहा जाता है 


यूएस फ्रीडम कैपि‍टल के मैनेजिंग डायरेक्‍टर और इस क्षेत्र के नामी एक्‍सपर्ट डेवि‍ड गुंडर्सन ने कहा कि वैसे तो अभी 2017 के आंकड़ों का इंतजार है मगर यह जरूर है कि ईबी -5 वीजा तेजी से पॉपुलर हो रहा है। इसे गोल्‍डन वीज़ा कहा जाता है। सरकार ने अन्‍य वीजा कैटेगरी में सख्‍ती कर दी है इसलि‍ए भारतीयों ने अमेरि‍का में आने का यह रास्‍ता चुना है। उन्‍होंने बताया कि मौजूदा कानून के तहत ईबी -5 वीजा के लि‍ए भारतीय को करीब 3.2 करोड़ रुपए (500,000 डॉलर)का नि‍वेश अमेरि‍का में करना होता है। आगे पढ़ें कैसे कर सकते हैं नि‍वेश 

 

कोई शैक्षि‍क योग्‍यता नहीं चाहि‍ए

 
यह नि‍वेश उसके नाम से, पत्‍नी के नाम से या फि‍र कुंवारे बच्‍चों के नाम से कि‍या जा सकता है। उन्‍होंने बताया कि इस तरह के वीजा के लि‍ए कोई न्‍यूनतम शैक्षि‍क योग्‍यता होना जरूरी नहीं है। आपको केवल  इतना साबि‍त करना है कि जो रुपया आप अमेरि‍का में लगा रहे हैा वो आपने वैध तरीके से कमाया है। हालांकि अमेरि‍की प्रशासन को इसकी भनक लग गई है। इसलि‍ए नि‍वेश की सीमा को बढ़ाकर 920, 000 डॉलर करने की योजना पर बात चल रही है। 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट