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रिपोर्ट : मिडिल क्लास पर आफत, युवाओं के पास बीती पीढ़ी के मुकाबले कम मौके

विकसित देशों में मध्य वर्ग की आबादी 64% थी, अब 61% रह गई है: ओईसीडी

The middle class population in the developed countries was 64%, now it is 61%: OECD
  • जो परिवार मध्यवर्ग से बाहर हुए हैं उनमें से ज्यादातर की कमाई घटी है
  • स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो कई देशों का आर्थिक विकास और सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हो सकता है। 

नई दिल्ली. अमीरी-गरीबी की खाई लगातार बढ़ रही है। इतनी की अब इसने मध्य वर्ग को भी अपनी चपेट में ले लिया है। मिडिल क्लास में लगातार कमी आ रही है। मिडिल क्लास एक तबका निम्न आय की ओर शिफ्ट हो रहा है। जबकि निम्न आय वर्ग से मिडिल क्लास में आने वालों की संख्या में भी कमी हुई है। यही नहीं, युवाओं के लिए भी मौके कम बीती पीढ़ी के मुकाबले कम हुए हैं। यह जानकारी ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी) की ताजा रिपोर्ट से सामने आई है। 

मिडिल क्लास समुद्री तूफान के बीच कर रहा है सवारी 

रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो कई देशों का आर्थिक विकास और सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हो सकता है।  विकसित देशों में स्थिति और भी ज्यादा खराब हुई है। ओईसीडी के महासचिव जोस एंजेल गुरिया ने रिपोर्ट के साथ जारी बयान में कहा है कि मध्य वर्ग के लिए स्थिति ऐसी है मानो वे समुद्री तूफान के बीच नाव की सवारी कर रहे हों। सरकारों को इस वर्ग की चिंताओं को सुनना चाहिए और उनके हितों की रक्षा करनी चाहिए। 


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घर का खर्च बढ़ने से गरीब हुई मिडिल क्लास 


रिपोर्ट के मुताबिक 1980 के दशक में विकसित देशों में मध्य वर्ग की आबादी 64% थी। यह घटकर 61% हो गई है। अमेरिका, इजरायल, जर्मनी, कनाडा, फिनलैंड और स्वीडन जैसे देशों में और भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। जो परिवार मध्यवर्ग से बाहर हुए हैं उनमें से ज्यादातर की कमाई घटी है। वहीं, कम आयवर्ग से मध्य आयवर्ग में जाने वालों की दर काफी घटी है। पिछले 30 सालों में मध्य वर्ग की आय अमीरों की तुलना में एक तिहाई कम बढ़ी है। घर की कीमतों में सबसे ज्यादा इजाफा हुआ है। 1985 में मध्य वर्ग अपनी आमदनी का 25% घर पर खर्च करता था। 2015 में यह खर्च बढ़कर 32% हो गया। 

 

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मध्य वर्ग पर टैक्स का बोझ कम करने का सुझाव

रिपोर्ट के मुताबिक मध्य वर्ग के ऊपर से टैक्स का बोझ कम किया जाना चाहिए। साथ ही अमीर तबके पर टैक्स बढ़ाया जाना चाहिए। सस्ते घरों का निर्माण बढ़ना चाहिए। शिक्षा, बच्चों की परवरिश और स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं सस्ती की जानी चाहिए। 

 

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युवाओं के लिए मध्यवर्ग में आना मुश्किल हुआ 

रिपोर्ट में कहा गया है कि आज की तारीख में 20 से 30 साल की उम्र में मध्य वर्ग का हिस्सा बनने वाले युवाओं की संख्या 60% है। इससे पिछली पीढ़ी के 64% लोग 20 से 30 की उम्र में मध्य वर्ग का हिस्सा थे। एक पीढ़ी और पीछे जाने पर यह आंकड़ा 70% था। 

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