मसूद अजहर के सारे अकाउंट हो जाएंगे फ्रीज, 10 दिन में हो जाएगा फैसला

Masood Azhar May Be Banned By UN: अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव रखा है कि जैश-ए-मुहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर काे आतंकवादी घोषित किया जाए। भारत पहले से ही यह प्रस्ताव UN के सामने रख चुका है। अगर संयुक्त राष्ट्र यह प्रस्ताव मान लेता है तो मसूद अजहर के कहीं आने-जाने पर रोक लग जाएगी, सारी संपत्ति फ्रीज हो जाएगी और हथियारों की खरीद फरोख्त पर पाबंदी लग जाएगी। इस बात पर दस दिन में फैसला आने वाला है।

Money Bhaskar

Mar 01,2019 05:50:00 PM IST

नई दिल्ली.

कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में 44 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए। हमले के बाद जैश-ए-मुहम्मद ने कुबूला कि इस हमले को उसने अंजाम दिया था। भारतीय वायुसेना ने ताे पुलवामा हमले का बदला ले लिया है। विंग कमांडर अभिनंदन भी पाकिस्तान से रिहा होकर भारत आ रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम में दुनिया के कई देश भारत के पक्ष में खड़े हुए। अब अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव रखा है कि जैश-ए-मुहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर काे आतंकवादी घोषित किया जाए। भारत पहले से ही यह प्रस्ताव UN के सामने रख चुका है। अगर संयुक्त राष्ट्र यह प्रस्ताव मान लेता है तो मसूद अजहर के कहीं आने-जाने पर रोक लग जाएगी, सारी संपत्ति फ्रीज हो जाएगी और हथियारों की खरीद फरोख्त पर पाबंदी लग जाएगी। इस बात पर दस दिन में फैसला आने वाला है।

सारी संपत्ति हो जाएगी जब्त

जब किसी व्यक्ति या समूह को संयुक्त राष्ट्र आतंकवादियों की सूची में शामिल कर लेता है, तो संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश की जिम्मेदारी बनती है कि उसके सारे फंड्स, सारी संपत्ति, आर्थिक संसाधनों को फ्रीज कर दिया जाए। उस व्यक्ति या समूह के कहने पर काम करने वाले या उसका प्रतिनिधित्व करने वाले व्यक्ति या किसी अन्य सूमह की संपत्ति और आर्थिक संसाधन भी जब्त कर लिए जाते हैं। उस सदस्य देश के लिए इस बात को सुनिश्चित करना जरूरी है कि देश का कोई व्यक्ति या नागरिक या कोई समूह उस आतंकी समूह या व्यक्ति को किसी तरह की कोई आर्थिक मदद न करे।

कहीं आने-जाने पर लग जाएगा बैन

अगर मसूद अजहर आतंकी घोषित हो जाता है तो उसके कहीं भी आने-जाने पर रोक लग जाएगी। संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों में मसूद अजहर को एंट्री नहीं मिलेगी।

हथियारों की खरीद पर लग जाएगा बैन

सभी सदस्य देशों की यह जिम्मेदारी है कि वे आतंकी घोषित किए गए व्यक्ति या समूह को सीधे तौर पर या चोरी-छिपे किसी भी तरह हथियारों, असला बारूद, स्पेयर पार्ट्स और हथियारों को चलाने की तकनीकी सहायता मुहैया नहीं होने देगा। देश का कोई नागरिक देश के बाहर जाकर इन आतंकियों को हथियार मुहैया नहीं कराएगा। देश के राष्ट्रीय जहाज या विमानों का इसमें इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

भारत तीन बार लगा चुका है गुहार

पिछले दस साल में यह चाैथी बार है जब मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने की गुहार लगाई गई है। इससे पहले भारत तीन बार संयुक्त राष्ट्र के सामने यह प्रस्ताव रख चुका है। सबसे पहले भारत ने 2016 में पठानकोट के उड़ी में हुए हमले के बाद यह प्रस्ताव रखा था, इसके बाद 2017 में भी भारत ने यह प्रस्ताव रखा लेकिन वीटो पॉवर वाले देश चीन ने हर बार भारत की कोशिशों को नाकाम कर दिया। बुधवार को 15 सदस्यों वाली Security Council के तीन स्थाई वीटो पॉवर वाले देशों ने पेश किया। अब सिक्योरिटी काउंसिल के पास इस प्रस्ताव पर फैसला देने के लिए 10 दिन का समय है।

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