पीएम मोदी की कूटनीति का असर, चीन से नाता तोड़ भारत से व्यापार बढ़ा रहा ये मुस्लिम देश

Libral visa scheme for Indians: भारत और मालदीव ने दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए वीजा सुविधा समझौते को लागू करने के लिए मंगलवार को राजनयिक संवाद (डिप्लोमैटिक नोट्स) का आदान-प्रदान किया।

Money Bhaskar

Feb 13,2019 01:41:00 PM IST

नई दिल्ली. भारत और मालदीव ने दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए वीजा सुविधा समझौते को लागू करने के लिए मंगलवार को राजनयिक संवाद (डिप्लोमैटिक नोट्स) का आदान-प्रदान किया। मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम सोलीह की पिछले साल दिसंबर में भारत यात्रा के दौरान समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। यह समझौता 11 मार्च, 2019 से प्रभावी होगा।

दोनों देशों के बीच आसान होंगे व्यापारिक रिश्ते

बता दें कि दोनों देशों के संबंधों में अब्दुल्ला यामीन के राष्ट्रपति रहने के दौरान खिंचाव आ गया था। यामीन को चीन का करीबी माना जाता था। यामीन के शासनकाल में कई भारतीयों को वीजा देने से इनकार कर दिया था। यह समझौता मालदीव के नागरिकों को पर्यटन, व्यवसाय, शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए भारत आने के लिए एक उदार वीजा व्यवस्था प्रदान करेगा। यह भारतीयों के लिए व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए मालदीव की यात्रा करना भी आसान बनाएगा।

भारत ने चुकाया था चीनी कर्ज

मालदीव, चीन के कर्ज के जाल में बुरी तरह फंस चुका था। ऐसे में पीएम मोदी की अगुआई वाली भारत सरकार ने उसे बचाने के लिए 1.40 अरब डॉलर यानी 10 हजार करोड़ रुपए का पैकेज दिया था। इससे मालदीव की तात्कालिक आर्थिक जरूरतें पूरी होने की उम्मीद है। वहीं जब मालदीव में पिछले साल नवंबर में नई सरकार की ताजपोशी हुई थी, उस वक्त पीएम नरेंद्र मोदी रातों-रात वहां पहुंच गए थे। प्रधानमंत्री के तौर पर यह मोदी का पहला मालदीव दौरा था।

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