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Jet Airways की अबूधाबी से सारी उड़ानें रद्द, यूरोप व अमेरिका जाने वाले यात्री भी परेशान 

जेट ने उड़ानें रद्द करने का कारण ऑपरेशनल बताया, लेकिन असल वजह एतिहाद से मदद न मिलने की 

Jet called the reason for cancellation of flights, but the real reason was not to get help from Etihad.

आर्थिक संकटों से जूझ रही जेट एयरवेज ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए सोमवार से ही अबू धाबी एयरपोर्ट से अपनी सारी उड़ानें अनिश्चित काल के लिए बंद कर दी हैं। एतिहाद एयरपोर्ट सर्विस की ओर से यात्रियों के लिए जारी किए गए नोटिफिकेशन में कहा गया, "जेट एयरवेज ने तत्काल प्रभाव से अबू धाबी से अपनी सभी उड़ानों को 18 मार्च से ही ऑपरेशनल कारणों के चलते रद्द कर दिया है।
 

नई दिल्ली. आर्थिक संकटों से जूझ रही Jet Airways ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए सोमवार से  अबू धाबी एयरपोर्ट से अपनी सारी उड़ानें अनिश्चित काल के लिए बंद कर दी हैं। एतिहाद एयरपोर्ट सर्विस की ओर से यात्रियों के लिए जारी किए गए नोटिफिकेशन में कहा गया है कि Jet Airways ने तत्काल प्रभाव से अबू धाबी से अपनी सभी उड़ानों को 18 मार्च से ही ऑपरेशनल कारणों के चलते रद्द कर दिया है।  अबू धाबी जेट एयरवेज के लिए दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हब में से एक है। यूरोप और इसके अलावा अन्य उड़ानों के लिए डच कैपिटल एम्स्टर्डम एयरलाइन के लिए यूरोपियन गेटवे है।

लाखों यात्री परेशान 

अबू धाबी से अपने संचालन को रद्द किए जाने पर पूछे गए सवाल का पीटीआई को जवाब देते हुए एयरलाइन की ओर से जारी बयान में बताया कि भविष्य में अपने बेड़े में कुछ विमानों की उपलब्धता न होने को ध्यान में रखते हुए जेट एयरवेज ने सक्रिय रुप से अपनी उड़ानों की शेड्यूलिंग में कुछ बदलाव किए हैं।  इन बदलावों के बारे में विमानन नियामक डीजीसीए और यात्रियों को सूचित कर दिया गया है। अबू धाबी की उड़ानें रद्द होने से जेट एयरवेज के लाखों यात्रियों को परेशानी होगी, जो यूरोप व अमेरिका में यात्रा करने के लिए पहले जेट से अबू धाबी और वहां से एतिहाद की फ्लाइट पकड़कर यात्रा करते थे। जेट अभी हर हफ्ते भारत के 15 शहरों से 250 फ्लाइट्स का संचालन करता था। अब न तो एतिहाद के पास इसके लिए कोई प्लान है और न ही दूसरी भारतीय कंपनियों के पास। एयर इंडिया पहले ही हाथ खड़े कर चुका है। 

बढ़ रही है मुश्किलें 

जेट एयरवेज की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। जेट एयरवेट के चेयरमेन नरेश गोयल ने एतिहाद से कंपनी संचालन के लिए 750 करोड़ रुपए मांगे थे लेकिन बैंकों ने ऐसा करने से मना कर दिया है। बैंकों ने एतिहाद से कहा है कि वो नए निवेश को लाने से पहले खुद कंपनी से बाहर हो जाए।  इससे कंपनी की गिरती हालत को सुधारने से बचाने के लिए बनाई गई योजना खटाई में पड़ गई है। 

2013 में बना था हब

2013 में एतिहाद ने जेट एयरवेज में 24 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदी थी। उसके बाद से जेट एयरवेज के लिए अबू धाबी एक हब बन गया था। एतिहाद एयरवेज का मुख्यालय अबू धाबी में स्थित है। अब एतिहाद ने कहा है कि वो जेट से किनारा करने के लिए तैयार है और इसके लिए उसने 150 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से पैसा मांगा है। 

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