मोदी और माल्या जैसे भगोड़ों  पर नकेल कसने के लिए भारत ने किया दिवालिया कानून और कड़ा, ली विदेशी संस्थानों की मदद

विजय माल्या, नीरव मोदी और ऐसे ही भगोड़े घोषित हो चुके कारोबारियों पर नकेल कसने के लिए भारत विदेशी वित्त संस्थान की मदद लेगा। भविष्य में किसी कंपनी के दिवालिया होने की स्थिति में उसे इससे उबारने व अपने नियंत्रण में लाने के लिए दि इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बोर्ड ऑफ़ इंडिया (IBBI) ने विश्व बैंक समूह (WBG) के सदस्य अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (IFC) के साथ करार किया है।

money bhaskar

Mar 07,2019 02:08:00 PM IST


नई दिल्ली. विजय माल्या, नीरव मोदी और ऐसे ही भगोड़े घोषित हो चुके कारोबारियों पर नकेल कसने के लिए भारत विदेशी वित्त संस्थान की मदद लेगा। भविष्य में किसी कंपनी के दिवालिया होने की स्थिति में उसे इससे उबारने व अपने नियंत्रण में लाने के लिए दि इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बोर्ड ऑफ़ इंडिया (IBBI) ने विश्व बैंक समूह (WBG) के सदस्य अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (IFC) के साथ करार किया है। इस समझौते की मदद से भारत में दिवालिया व कर्ज में डूबी कंपनियों पर नजर रखी जा सकेगी। आईबीबीआई के कार्यकारी निदेश केआर साजी कुमार और आईएफसी भारत के कंट्री हेड झेंग ने समझौते वाले प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर कारपोरेट अफेयर मंत्रालय के सचिव इंजेती श्रीनिवास व आईबीबीआई के चेयरपर्सन एमएस साहू आदि मौजूद थे।

दिवालिया कानून की कमजोरी का फायदा उठाते थे उद्योगपति

भारत सरकार के कारपोरेट अफेयर मंत्रालय के मुताबिक दि इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, 2016 (कोड) के तहत भारत में कॉर्पोरेट व्यक्तियों, फर्मों को इनसॉल्वेंसी रिज़ॉल्यूशन प्रदान करता है। दोनों संस्थाओं का करार होने के बाद आईबीबीआई के अफसरों के लिए सहायता और प्रशिक्षण की सुविधा मिल सकेगी। गौरतलब है कि विजय माल्या व नीरव मोदी दीवालिया कानून की खामी का फायदा उठाकर भारत से बाहर निकलने में कामयाब रहे थे। तब से ही सरकार लगातार इस कानून को मजबूत करने में जुटी है।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.