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मोदी का रूस दौरा: अनौपचारिक मुलाकात में आर्थिक, सामरिक समेत कई मुद्दे साधने की कोशिश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को रूस के दौरे पर हैं।

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नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को रूस के दौरे पर हैं। पीएम मोदी और पुतिन की बीच रूस के सोचि में होने वाली इस अनौपचारिक मुलाकात में परस्‍पर आर्थिक, सामरिक सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ अन्‍य कई वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दे पर भी बातचीत की उम्‍मीद है। ऐसा पहली बार नहीं है जब मोदी किसी अनौपचारिक बैठक में शिरकत कर रहे हैं। अभी एक माह पहले ही पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी इसी तरह की अनौपचारिक मुलाकात की थी। इस साल पुतिन और पीएम मोदी की यह पहली बैठक होगी। इससे पहले पिछले साल मोदी दो दिवसीय दौरे पर रूस गए थे।

 

 

लंच के बाद वार्ता कर सकते हैं दोनों नेता

पीएम मोदी के इस दौरे के बारे में रूस में भारत के राजदूत पंकज शरण ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी के बीच यह खास मुलाकात है। इस दौरे में खास बात यह है पुतिन को राष्ट्रपति बने अभी दो हफ्ते हुए हैं और उन्होंने कई मुद्दों पर वार्ता के लिए पीएम मोदी को रूस आने का न्योता दिया है। शरण ने कहा, पुतिन चाहते हैं कि दोनों नेता भविष्य में रूस की प्राथमिकताएं, रूसी विदेश नीति और भारत-रूस संबंधों पर बात हो। इसलिए, दोनों देश आपसी आर्थिक संबंधों को और कैसे मजबूत बना सकते हैं, इसपर चर्चा होने की संभावना है। शरण ने के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन की ओर से आयोजित लंच के बाद दोनों नेता वहां के स्थानीय समय 1 बजे वार्ता कर सकते हैं। दोनों नेता कुछ घंटे एक साथ गुजारेंगे।

 

इन मुद्दों पर होगी बात

पंकज सरण ने न्‍यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि बायलेटरल रिश्तों पर बातचीत के अलावा पीएम मोदी और पुतिन ईरान न्यूक्लियर डील से अमेरिका के अलग होने के बाद के प्रभावों पर भी चर्चा करेंगे। भारत और रूस दोनों ही आतंकवाद के पीड़ित हैं। इसलिए दोनों देशों के बीच ISIS के खतरे और अफगानिस्तान-सीरिया की स्थिति पर भी चर्चा होगी। दोनों देशों के बीच तीसरी दुनिया देशों में परमाणु क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी बातचीत हो सकती है। बांग्लादेश में भारत रूपपुर परमाणु प्लांट बना रहा है। हम उम्‍मीद करते हैं कि यहां रूसी और भारतीय एक्सपर्टीज एक हो पाएगी। दोनों देश एटमी क्षेत्र में कैसे सहयोग कर सकते हैं इसपर भी वार्ता होगी. भारत और रूस मिलकर किसी तीसरे देश में एटमी रिएक्टर पर कैसे काम कर सकते हैं, इसपर बातचीत की संभावना है.

 

राष्‍ट्रपति पुतिन भी आएंगे भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रूस के शीर्ष अधिकारी एयरपोर्ट पर स्वागत करेंगे। इसके बाद उनकी पुतिन से मुलाकात होगी। वहीं, इसी साल पुतिन भी भारत का दौरा करेंगे। बता दें, पिछले 10 दिन में पुतिन ने कई देशों के नेताओं से मुलाकात की है। साल के शुरू होने के बाद मोदी और पुतिन के बीच यह पहली मुलाकात होगी। पीएम मोदी इससे पहले 2017 में रूस के दौरे पर गए थे। यहां दोनों देशों के बीच डिफेंस और ट्रेड को लेकर कई करार हुए थे। दोनों ने परमाणु सहयोग समझौते पर भी हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत रूस के साथ तमिलनाडु के कुडनकुलम में दो नई यूनिट्स लगाने पर सहमति बनी थी।

 

अनौपचारिक मुलाकात का क्‍या मतलब?

वैश्विक स्‍तर पर बदले हालात में भारत और रूस अपनी पुरानी दोस्‍ती को नई ऊर्जा देने की जरूरत है। यही वजह है कि पीएम मोदी महज एक दिन की यात्रा पर रूस जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि मोदी-पुतिन की मुलाकात महज कुछ घंटों की होगी लेकिन दोनों देश के रिश्‍ते और अंतरराष्‍ट्रीय कूटनीति के लिहाज से यह काफी अहम है। दरअसल, अनौपचारिक मुलाकातों का न तो एजेंडा घोषित किया जाता है, न बाद में कोई घोषणा की जाती है। इसके बावजूद इन बैठकों का विशेष महत्व है। ऐसी कवायदें यह दरअसल औपचारिक मुलाकातों और संधियों की तैयारियों के लिए की जाती हैं।

 

 

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दुनिया में कैसे बदल रहे हैं हालात?

बीते कुछ सालों में सीरिया, उत्‍तर कोरिया, साउथ चायना सी जैसे मामलों को देखें तो ऐसा लगता है कि अमेरिका और रूस के बीच बढ़ता टकराव नए शीतयुद्ध का संकेत दे रहा है। उसमें रूस की ऑर्म्‍स कंपनी पर लगाई गई अमेरिकी पाबंदी का असर सीधे भारत पर हो रहा है। अमेरिका से कई ऑर्म्‍स डील होने के बाद अभी भी भारत हथियारों की सबसे ज्यादा डील रूस से ही करता है। रूसी कंपनी पर लगी अमेरिकी पाबंदी से भारत को छूट दिलाने के लिए भारत ट्रम्प प्रशासन के साथ अमेरिकी कांग्रेस में भी पैरवी कर रहा है। इसके अलावा कई अंतरराष्ट्रीय मसलों पर भारत के रुख पर दुनिया की नजर है। इनमें ईरान की परमाणु डील से अमेरिका का अलग होगा, भारत की ओर से विकसित किए जा रहा ईरान का चाबहार बंदरगाह, अफगान-पाकिस्तान की नीति, सीरिया समेत पश्चिम एशिया का संकट जैसे कई मसले शामिल हैं। भारत के पहलू से देखें तो पाकिस्तान और रूस के बीच बढ़ती निकटता भी अहम है लेकिन अनौपचारिक मुलाकात में इस पर बात होगी या नहीं यह स्‍पष्‍ट नहीं है।

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