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क्रिसमस व नए साल के ऑर्डर से हैंडीक्रॉफ्ट एक्‍सपोर्ट को मिला बूस्‍ट, सरकारी छूट से नहीं मिली मदद

जीएसटी लागू होने के बाद भले टैक्स रिफंड पर एक्सपोर्टर्स परेशान हो लेकिन इंटरनेशनल ऑर्डर ने उनके कारोबार को बूस्ट दिया है

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नई दिल्ली। गूड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स (जीएसटी) लागू होने के बाद भले ही टैक्स रिफंड पर एक्सपोर्टर्स परेशान हो लेकिन इंटरनेशनल ऑर्डर ने उनके कारोबार को बूस्ट दिया है। हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स के मुताबिक, इस साल के क्रिसमस और नए साल के ऑर्डर बीते साल की तुलना में 14 से 15 फीसदी अधिक रहे। जीएसटी लागू होने के बाद एक्सपोर्टर्स रिफंड नहीं मिलने से ब्लॉक पैसे से परेशान थे उन्हें इतने अच्छे सीजन की उम्मीद नहीं थी लेकिन यूरोप और अमेरिका से ऑर्डर बीते साल की तुलना में बेहतर होने से इंडस्ट्री को फायदा मिला है।

 

बीते साल से अधिक मिले ऑर्डर

हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट का संगठन एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट के चेयरमैन ओमप्रकाश ने बताया कि क्रिसमस और नए साल के ऑर्डर बीते साल की तुलना में 14 से 15 फीसदी अधिक है। हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट के मामले में 2017 पिछले साल की तुलना में बेहतर रहा है। क्रिसमस और नए साल के सभी ऑर्डर जा चुके हैं। इस बार अमेरिका, यूरोप, लैटिन अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड जैसे देशों से सबसे अधिक ऑर्डर मिले हैं।

 

कारोबारियों को वर्किंग कैपिटल की दिक्‍कत 

एशियन हैंडीक्राफ्ट प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन राजकुमार मल्होत्रा ने बताया कि अभी तक एक्सपोटर्स का जुलाई का रिफंड मिलना शुरू नहीं हुआ है जिसके कारण एक्सपोर्टर्स का पैसा सरकार के पास ब्लॉक है। कारोबारियों को वर्किंग कैपिटल की दिक्कतें हो रही थी। एक्सपोर्टर्स कैपिटल की कमी के कारण अपने ऑर्डर समय पर पूरा करने के लिए परेशान थे लेकिन बीते साल की तुलना में अमेरिका और यूरोप के ऑर्डर 15 फीसदी अधिक होने से एक्सपोर्टर्स को राहत मिली है।

 

नहीं उठा पाए सरकारी मदद का फायदा

सरकार के राहत पैकेज का फायदा भी सभी एक्सपोर्टर्स नहीं उठा पा रहे हैं। एक्सपोर्टर्स के अनुसार, राहत पैकेज में जो इन्‍सेंटिव दिए गए वह इम्‍पोर्ट बेस्ड हैं, जिसकी वजह से वर्किंग कैपिटल की समस्या से पहले से जूझ रहे कारोबारी आसानी से इसका फायदा नहीं उठा पा रहे हैं। करीब 30 से 35 फीसदी छोटे एक्‍सपोर्टर्स इसका फायदा नहीं उठा पाए।

 

सरकार ने एक्सपोर्ट को दिया राहत पैकेज

सरकार ने एक्सपोर्ट को बूस्ट देने के लिए पैकेज दिया था। सरकार ने लेबर इन्‍सेंटिव सेक्टर के लिए एक्सपोर्ट इन्‍सेंटिव बढ़ाने, डॉक्यूमेंटेसन प्रोसिजर्स आसान बनाने और सालाना 8,500 करोड़ रुपए के एडिशनल बेनिफिट्स देने का ऐलान किया। सरकार ने ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप की समय सीमा को बढ़ाकर 24 महीने कर दिया है। मर्चेंडाइज एक्‍सपोर्ट फ्रॉम इंडिया स्‍कीम (MEIS) में इनसेंटिव में 2 फीसदी की बढ़ोतरी की है।


 

 

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सरकार को क्‍यों देना पड़ा राहत पैकेज

जुलाई से अक्टूबर तक का करीब 6,530 करोड़ रुपए का एक्सपोर्टर्स का रिफंड अटका हुआ है। जुलाई से रिफंड नहीं मिलने के कारण एक्सपोर्टर्स को वर्किंग कैपिटल की समस्या हो रही है जिसके कारण सरकार ने पैकेज और बेनेफिट्स की घोषणा की।

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