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नीरव मोदी या उसकी गिरफ्तारी के बारे में हांगकांग से अभी नहीं मिली है कोई जानकारी: सरकार

पीएनबी घोटाले के मुख्‍य आरोपी नीरव मोदी के बारे हांगकांग से अभी कोई जानकारी नहीं मिली है।

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नई दिल्‍ली. करीब 13 हजार करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले के मुख्‍य आरोपी नीरव मोदी के बारे हांगकांग से अभी कोई जानकारी नहीं मिली है। विदेश मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी बयान के अनुसार, सरकार को अभी तक हांगकांग अथॉरिटीज की ओर से नीरव मोदी के बारे में या उसकी गिरफ्तारी को लेकर कोई  जानकारी नहीं मिली है। 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता रवीश कुमार ने बताया कि हमें संसद में दिए गए उस लिखित जवाब के बारे में जानकारी है, जिसमें यह कहा गया था कि नीरव मोदी हांगकांग में हैं। हमने हांगकांग अथॉरिटीज से नीरव मोदी को सरेंडर करने का अनुरोध किया है। उन्‍होंने बताया कि भारत और हांगकांग के बीच भगोड़े अपराधियों के सरेंडर को लेकर एक समझौता है। हम अभी भी हांगकांग के जवाब का इंतजार कर रहे हैं। 

 

नीरव पर हांगकांग ले सकता है फैसला: चीन 
चीन पहले ही कह चुका है कि हांगकांग भारतीय हीरा कारोबारी नीरव मोदी की गिरफ्तारी को लेकर भारत की ओर से की गई अपील पर खुद फैसला ले सकता है। फैसला हांगकांग के लोकल कानूनों और म्‍यूचुअल ज्‍यूडीशियल असिस्‍टेंस एग्रीमेंट्स के आधार पर लिया जा सकता है। PNB घोटाले के प्रमुख आरोपी नीरव मोदी के हांगकांग में होने की सूचना है। हांगकांग चीन का स्‍पेशल एडमिनिस्‍ट्रेटिव रीजन है। यहां चीन से अलग पॉलिटिकल और इकोनॉमिक सिस्‍टम लागू है।
 
भारत ने मार्च में की थी नीरव मोदी की गिरफ्तारी की मांग
भारतीय विदेश मंत्रालय ने मार्च में हांगकांग सरकार से PNB घोटाले के आरोपी नीरव मोदी को गिरफ्तार करने की अपील की थी। भारत के विदेश राज्‍य मंत्री वीके सिंह ने पिछले हफ्ते संसद को बताया था कि मंत्रालय ने हांगकांग स्‍पेशल एडमिनिस्‍ट्रेटिव रीजन (HKSAR), पीपुल्‍स रिपब्लिक ऑफ चाइना की सरकार द्वारा नीरव मोदी के प्रोविजनल अरेस्‍ट की मांग की थी।

 

बेसिक लॉ के आधार पर हांगकांग ले सकता है निर्णय
भारत की इस अपील को लेकर सवाल पूछे जाने पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता गेंग शुआंग ने यहां एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि सेंट्रल गवर्मेंट के असिस्‍टेंस और ऑथराइजेशन के तहत आने वाले HKSAR के एक देश दो व्‍यवस्‍था व बेसिक लॉ के मुताबिक, HKSAR अन्‍य देशों के साथ ज्‍यू‍डीशियल म्‍यूचुअल असिस्‍टेंस पर उचित व्‍यवस्‍था कर सकता है। अगर भारत HKSAR से उचित अपील करता है तो हमें लगता है कि HKSAR बेसिक कानून और संबंधित मुद्दे पर भारत के साथ ज्‍यूडीशियल एग्रीमेंट्स के तहत उचित कानूनों का पालन करेगा।

 

22 अप्रैल को चीन यात्रा पर जाएंगी सुषमा स्‍वराज 
रवीश कुमार ने बताया कि कि विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज 22, 23 अप्रैल को चीन और 24, 25 अप्रैल को मंगोलिया की यात्रा पर जाएंगी। 

 

 

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कैसे सामने आया PNB फ्रॉड?
- पंजाब नेशनल बैंक ने स्‍टॉक एक्‍सचेंज बीएसई को बताया कि उसने 1.8 अरब डॉलर (करीब 11,356 करोड़ रुपए) का संदिग्‍ध ट्रांजैक्‍शन पकड़ा है।
- इस घोटाले की शुरुआत 2011 से हुई। 7 साल में हजारों करोड़ की रकम फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (LoUs) के जरिए विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई।
- बैंक के अनुसार, ऐसा लगता है कि इन ट्रांजैक्‍शन के आधार पर विदेश में कुछ बैंकों ने उन्हें (चुनिंदा अकाउंट होल्‍डर्स को) कर्ज दिया है। ये अकाउंट्स कितने थे, कितने लोगों को फायदा हुआ? इस बारे में अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। 
- इस पूरे फ्रॉड को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) के जरिए अंजाम दिया गया। यह एक तरह की गारंटी होती है, जिसके आधार पर दूसरे बैंक अकाउंटहोल्डर को पैसा मुहैया करा देते हैं। अब यदि अकाउंटहोल्डर डिफॉल्ट कर जाता है तो एलओयू मुहैया कराने वाले बैंक की यह जिम्मेदारी होती है कि वह संबंधित बैंक को बकाये का भुगतान करे।

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