Home » Economy » Internationalट्रम्‍प ने दिया मोदी को झटका- US slaps anti-dumping duty on polyester staple fiber from India

ट्रम्‍प ने दिया दोस्‍त मोदी को झटका, देश को होगा ये नुकसान

अमेरिका का कहना है कि वह अपने घरेलू कारोबार को बर्बादा होते नहीं देख सकते हैं...

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नई दिल्‍ली. ट्रेड के मसले पर अमेरिका ने भारत को बड़ा झटका दिया है। दरअसल ट्रम्‍प प्रशासन ने अपने देश में इम्‍पोर्ट किए जाने वाले स्टेनलैस स्टील के फ्लेंज और बारीक डेनियर पॉलिएस्टर स्टेपल फाइबर पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगा दी है। जिन देशों के इन प्रोडक्‍ट पर यह एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाई है, उसमें चीन के अलावा भारत भी शामिल है। इसे मोदी सरकार के लिए झटका माना जा रहा है। अमेरिका का कहना है कि वह अपने घरेलू कारोबार को बर्बादा होते नहीं देख सकते हैं।    

 

अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी विल्बर रॉस ने के मुताबिक, चीन और भारत इन प्रोडक्‍ट्स के एक्‍सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए 41 से 47.5 फीसदी और 9.5 से 25.2 फीसदी तक सब्सिडी दे रहे हैं। इसे देखते हुए उन्होंने अमेरिका के संबंधित विभाग को चीन और भारत से इम्‍पोर्ट होने ने वाले फाइन डेनियर पॉलिएस्‍टर स्टेपल फाइबर पर के आखिरी रेट्स पर नकद वसूली करने को कहा है। अमेरिका के इस कदम से भारत की इन दोनों इंडस्‍ट्री को नुकसान होगा। 

 

हम अपना कारोबार बर्बाद होते नहीं देख सकते 
अमेरिका अब चुपचाप बैठकर अपने घरेलू कारोबार को बरबाद होते हुए नहीं देख सकता है। विदेशों में दी जाने वाली अनुचित सब्सिडी से घरेलू उद्योगों को नुकसान नहीं होने दिया जा सकता। हम अमेरिकी व्यावसाय, कर्मचारी और समुदाय को ऐसे अनुचित आयात से बचाने के लिए लगातार कदम उठाते रहेंगे। अमेरिका के कॉमर्स विभाग के अनुसार 2016 में चीन और भारत से फाइन डेनियर पॉलिएस्टर स्टेपल फाइबर का आयात क्रमश: 7.94 करोड़ डॉलर और 1.48 करोड़ डॉलर रहा। इसी तरह 2016 में चीन और भारत से स्टेनलेस स्टील के फ्लेंज का आयात क्रमश: 1.63 करोड़ डॉलर और 3.21 करोड़ डॉलर का था। 

 

 

भारत के पक्ष में ट्रेड डेफिसिट 
भारत और अमेरिका के आपसी कारोबार की बात करें तो यह अब तक भारत के पक्ष में है। 2016 के आंकड़ों के मुताबिक, भारत अमेरिका का 9वां सबसे बड़ा ट्रेड  पार्टनर है। दोनों देशों के बीच का कारोबार 67.7 अरब डॉलर का रहा। इसमें भारत ने जहां अमेरिका से 21.7 अरब डॉलर का इम्‍पोर्ट किया, वहीं उसका एक्‍सपोर्ट करीब 46.0 अरब डॉलर का रहा। इस दौरान 24.3 अरब डॉलर के साथ ट्रेड डेफिसिट भारत के पक्ष  में रहा। 

 

 

ट्रम्‍प सरकार का कड़ा रुख 
दरअसल ट्रम्‍प सरकार का ट्रेड डेफिसिट को लेकर कड़ा रुख रहा है। पिछले साल पीएम मोदी की अमेरिका दौरे के वक्‍त अमेरिका इस मसले को उठा भी चुका है। यही कारण है कि अमेरिका ने एंटी डंपिंग ड्यूटी लागने में किसी तरह का कोताही नहीं बरती। 

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