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अमेरिका ने तेज की ट्रेड वार, चीन के 13.8 लाख करोड़ के प्रोडक्ट पर लगाएगा 10% शुल्क

अमेरिका ने चीन से इंपोर्ट होने वाले 2000 करोड़ डॉलर (13.8 लाख करोड़ रु) के प्रोडक्ट को 10% शुल्क लगाने के लिए चुना है।

US listing 20000 cr dollar worth of chinese products for place tariffs as september

नई दिल्ली। दुनिया की दो बड़ी इकोनॉमी अमेरिका और चीन में ट्रेड वार और गहराता जा रहा है। अमेरिका ने चीन से इंपोर्ट होने वाले 20,000 करोड़ डॉलर (13.8 लाख करोड़ रुपए) के प्रोडक्ट को 10 फीसदी शुल्क लगाने के लिए चुना है। ऐसे प्रोडक्ट की नई लिस्ट जारी कर दी गई है। लिस्ट में करीब 6000 प्रोडक्ट हैं। अमेरिकी सरकार के अनुसार इन प्रोडक्ट्स पर सितंबर से 10 फीसदी शुल्क लगाया जाएगा। इनमें फूड प्रोडक्ट, मिनरल्स और कंज्यूमर गुड्स शामिल हैं। 

 

ट्रम्प सरकार ने इस प्रस्ताव पर अगस्त तक लोगों से सुझाव भी मांगे हैं। सरकार द्वारा कहा गया है कि चीन, अमेरिका के साथ अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस में लगा हुआ है, जिसकी वजह से ये शुल्क लगाया जा रहा है। यूएस प्रशासन का कहना है कि चीन लगातार इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज (डिजाइन और प्रोडक्ट आइडिया) चीनी कंपनियों को ट्रांसफर करने को बढ़ावा दे रहा है। इस पर चीन को रोक लगानी चाहिए। बता दें कि अमेरिका और चीन लगातार एक दूसरे के प्रोडक्ट पर शुल्क लगा रहे हैं। 

 

पिछले हफ्ते ही ट्रम्प ने दिए थे संकेत
पिछले हफ्ते ही ट्रंप ने चीन के प्रोडक्‍ट्स पर 34 अरब डॉलर (2.34 लाख करोड़ रुपए) के शुल्‍क की पुष्‍टि‍ की थी। इसे लागू भी कर दि‍या गया है। उसी दौरान यह रिपोर्ट थी कि आने वाले दो सप्‍ताह में 1600 करोड़ डॉलर का टैरिफ और लगाया जाएगा। ट्रम्प ने संकेत दिया था कि इससे पहले लगाए गए टैरिफ और अब जो टैरिफ लगाए जाएंगे वह कुल मि‍लाकर 55000 करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएंगे। यह रकम चीन के अमेरि‍का को कुल वार्षि‍क एक्‍सपोर्ट से भी ज्‍यादा हो जाएगी। 

 

लगातार टैरिफ लगा रहे हैं दोनों देश
अभी जि‍न चीनी प्रोडक्‍ट पर अमेरि‍का ने इंपोर्ट ड्यूटी लगाई है उनमें सेमिकंडक्‍टर और एयरप्‍लेन के पार्ट शामि‍ल हैं। राष्‍ट्रपति पद संभालने के बाद ही ट्रंप चीन पर बौद्धि‍क संपदा के हनन करने और व्‍यापार घाटे को गैर वाजिब तरीके से बढ़ाने का आरोप लगा रहे हैं। दोनों मुल्‍क लगातार एक दूसरे के प्रोडक्‍ट पर शुल्‍क लगा रहे हैं। अभी तक हर बार शुरुआत अमेरि‍का की ओर से होती है और उसके जवाब में चीन टैरिफ लगाता है। चीनी के राष्‍ट्रपति शी जि‍नपिंग ने कहा था कि‍ वह अपनी अर्थव्‍यवस्‍था को और खोलने को तैयार हैं और वह अमेरि‍का व भारत के साथ व्‍यापार घाटे को कम करने की दि‍शा में भी काम कर रहे हैं। 

 

भारत की ट्रेड पॉलि‍सी पर भी सवाल उठाए
जून के आखि‍री में ही अमेरि‍का के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने एक बार फि‍र भारत की ट्रेड पॉलि‍सी पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि भारत, अमेरि‍का से आने वाले कई प्रोडक्‍ट पर 100 फीसदी टैरिफ लगा दि‍या है। इसके साथ ही ट्रंप ने उस सभी देशों से कारोबारी रि‍श्‍ते तोड़ने की धमकी दी है, जो अमेरि‍का को लूट रहे हैं।
कनाडा के क्‍यूबेक (Quebec) शहर में चल रहे G7 सम्‍मेलन के दौरान उन्‍होंने यह बात कही थी। इस दौरान उन्‍होंने ना केवल आम सहमि‍त से जारी बयान को खारि‍ज कर दि‍या बल्‍कि कार्यक्रम के मेजबान को बुरी तरह बेइज्‍जत भी कि‍या।


हर कोई हमें लूट रहा है: ट्रंप 
इससे पहले एक प्रेस कांफ्रेंस में ट्रंप ने कहा, 'हम तो पि‍गीबैंक की तरह हो गए हैं और हर कोई हमें लूट रहा है।' उन्‍होंने भारत की ओर इशारा करते हुए कि टैरिफ को लेकर अमेरि‍का की जो शि‍कायत वह केवल वि‍कसि‍त देशों से ही नहीं है।
अमेरि‍की राष्‍ट्रपति ने कहा कि ये केवल जी7 नहीं है। मेरा मतलब है हमारे सामने भारत भी है, जहां कई चीजों पर 100 फीसदी टैरिफ है और हम कोई टैरिफ नहीं ले रहे। हम ऐसा नहीं कर सकते। हम इसके अलावा कई और देशों के बारे में बात कर रहे हैं।

 

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