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अमेरिका ने किया WTO में इंडिया की एक्सपोर्ट सब्सिडी को चैलेंज

एक्सपोर्ट सब्सिडी स्कीम पर इंडिया अमेरिका के आगे अपना पक्ष रखेगा। कॉमर्स सेक्रेटरी के मुताबिक इंडिया अपनी एक्सपोर्ट स्की

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नई दिल्ली। एक्सपोर्ट सब्सिडी स्कीम पर इंडिया अमेरिका के आगे अपना पक्ष रखेगा। कॉमर्स सेक्रेटरी के मुताबिक इंडिया अपनी एक्सपोर्ट स्कीम पर रिव्यू कर सकता है। अमेरिका ने भारत की एक्सपोर्ट सब्सिडी स्कीम को वर्ल्ड ट्रेड ऑर्ग्नाइजेशन में यह कहते हुए चुनौती दी है कि ऐसी नीतियां अमेरिकी कर्मचारियों के खिलाफ हैं। यूएस ट्रेड रेप्रिजेंटेटिव (यूएसटीआर) ने कहा कि भारत की कई पॉलिसी भारतीय एक्सपोर्टर्स को ऐसे बेनेफिट देती हैं कि वे अमेरिका में अपना सामान कम दाम पर बेच सकते हैं और यह अमेरिका के कर्मचारियों और मैन्युफैक्चर्स के खिलाफ है।

 

इंडिया अमेरिका के आगे रखेगा अपना पक्ष

 

अमेरिका के एक्सपोर्ट सब्सिडी स्कीम को वर्ल्ड ट्रेड ऑर्ग्नाइजेशन पर चैलेंज करने पर कॉमर्स सेक्रेटरी ने कहा कि अमेरिका एक्सपोर्ट प्रमोशन तरीकों को सब्सिडी न माने। इंडिया अमेरिका के आगे अपना पक्ष रखेगा और वह अपनी कुछ स्कीम का रिव्यू कर सकता है।

 

 

अमेरिका ने किया है वर्ल्ड ट्रेड ऑर्ग्नाइजेशन में चैलेंज

 

यूएस ट्रेड रेप्रिजेंटेटिव ने स्पेशल इकनॉमिक जोन, इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेअर टेक्नॉलजी पार्क और एक्सपोर्टर प्रमोशन कैपिटल गुड्स स्कीम सहित ऐसी कई प्रोग्राम को चैलेंज किया है। ट्रेड रेप्रिजेंटेटिव रॉबर्ट लाइटहाइजर ने कहा कि यूएसटीआर अपने कारोबारी पार्टनर के साथ अमेरिका के कारोबारी हितों को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए वह वर्ल्ड ट्रेड ऑर्ग्नाइजेशन और अन्य मंचों पर रखेगा और पारस्परिक कारोाबार को बढ़ावा देगा।

 

इंडिया के फॉरेन सेक्रेटरी हैं अमेरिका की यात्रा पर

 

लाइटहाइजर की तरफ से यह बयान तब आया है जब भारत के फॉरेन सेक्रेटरी सचिव विजय गोखले अपनी पहली अमेरिकी यात्रा पर गए हैं। उनका यूएसटीआर के साथ मिलने का कार्यक्रम भी पहले से तय है। यूएसटीआर ने यह आरोप लगाया है कि भारत की नीतियां कुछ खास टैक्स और फी को माफ कर देती हैं जिससे भारतीय एक्सपोर्टर्स को लाभ मिलता है। इन नीतियों से स्टील, दवाइयां, केमिक, इन्फर्मेशन टेक्नॉलजी प्रॉडक्ट्स, टेक्सटाइल आदि एक्सपोर्ट शामिल है। इंडियन एक्सपोर्टर्स को इन नीतियों की वजह से 7 अरब डॉलर का फायदा मिलता है।

 

अमेरिका का आरोप इंडिया उठा रहा है अनुचित फायदा

 

यूएसटीआर के मुताबिक ऐसी सब्सिडी से कुछ देश इसका अनुचित फायदा उठा रहे हैं। इन देशों में 2015 तक भारत भी शामिल था लेकिन अब वह इसमें शामिल नहीं है लेकिन उसने अपनी एक्सपोर्ट सब्सिडी को वापस भी नहीं लिया है। यूएसटीआर का यह भी आरोप है कि भारत ने इन सब्सिडी को हटाने के बजाए इन प्रोग्राम को और ज्यादा बढ़ावा दिया है।

 

 

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