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ट्रम्‍प ने सख्‍त किया H1-B वीजा अप्रूवल, नैसकॉम- इंडियन IT सेक्टर पर असर नहीं

भारतीय आईटी कंपनियां ज्‍यादातार एच1 बी वीजा का इस्‍तेमाल करती हैं। - सिम्‍बॉलिक भारतीय आईटी कंपनियां ज्‍यादातार एच1 बी वीजा का इस्‍तेमाल करती हैं। - सिम्‍बॉलिक
ट्रम्‍प सरकार के इस फैसले का सबसे ज्‍यादा असर भारतीय आईटी कंपनियों और उनके इम्‍प्‍लॉइज पर होगा। - सिम्‍बॉलिक ट्रम्‍प सरकार के इस फैसले का सबसे ज्‍यादा असर भारतीय आईटी कंपनियों और उनके इम्‍प्‍लॉइज पर होगा। - सिम्‍बॉलिक

ट्रम्‍प प्रशासन की नई पॉलिसी के तहत कंपनियों को यह साबित करने के लिए अधिक मशक्‍कत करनी होगी, कि थर्ड पार्टी वर्कसाइट पर कार्यरत उसके एच1 बी इम्‍प्‍लॉई के पास विशेज्ञता वाले पेशे में खास और गैर-योग्यता वाला असाइनमेंट है।

moneybhaskar

Feb 23,2018 08:49:00 PM IST

वाशिंगटन. ट्रम्‍प प्रशासन ने एक नई पॉलिसी का एलान किया है, जिससे H1-B वीजा जारी करने की प्रक्रिया काफी सख्‍त हो गई है। नई पॉलिसी के तहत एक या एक से ज्‍यादा थर्ड पार्टी वर्कसाइट्स के लिए काम कर रहे इम्‍प्‍लॉइज को वीजा लेना मुश्किल हो गया है। वहीं, इस फैसले पर इंडस्ट्री बॉडी नैसकॉम का कहना है कि यूएस सरकार के इस कदम से इंडियन आईटी फर्म्स पर खास असर नहीं होगा। नैसकॉम ने इसे गैरजरूरी कदम बताया है।

ट्रम्‍प प्रशासन की नई पॉलिसी के तहत कंपनियों को यह साबित करने के लिए अधिक मशक्‍कत करनी होगी कि थर्ड पार्टी वर्कसाइट पर कार्यरत उसके एच1 बी इम्‍प्‍लॉई के पास विशेज्ञता वाले पेशे में खास और गैर-योग्यता वाला असाइनमेंट है। एच1 बी प्रोग्राम कंपनियों को टेम्‍परेरी अमेरिका वीजा ऑफर करता है जिसके तहत कंपनियों को अधिक स्किल्‍ड विदेशी प्रोफेशन्‍स की नियुक्ति की अनुमति देता है। यह नियुक्ति उन क्षेत्रों में की जाती हैं, जहां कुशल अमेरिकी कामगारों की कमी है।

भारतीय आईटी कंपनियों को लगेगा झटका

H-1B वीजा का सबसे ज्‍यादा लाभ उठाने वाले भारतीय आईटी कंपनियों के पास थर्ड पार्टी वर्कसाइट्स पर नियुक्‍त इम्‍प्‍लॉइज की अच्‍छी-खासी संख्‍या है। अमेरिका की बैंकिंग, ट्रैवल और कॉमर्शियल सर्विसेज को अपना काम करवाने के लिए भारत के ऑनसाइट आईटी वर्कर्स पर निर्भर हैं।


नई पॉलिसी से क्‍या होगा?

ट्रम्‍प प्रशासन की ओर से गुरुवार को जारी नई पॉलिसी के बाद यूएस सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) किसी इम्‍प्‍लॉई को एच1बी वीजा केवल उस समय अवधि के लिए जारी करेगा, जिसमें वह थर्ड पार्टी वर्कसाइट पर नियुक्त रहेगा। अब यह तीन साल से भी कम के लिए भी हो सकता है। मसलन, अबतक यह वीजा एक बार में तीन साल के लिए जारी किया जाता था, जो कि अब नहीं होगा। ट्रम्‍प प्रशासन की यह नई पॉलिसी 7 पेज की है। तत्‍काल प्रभाव से लागू यह नई पॉलिसी वित्‍त वर्ष 2019 के लिए H-1B वीजा के शुरू होने वाले सीजन से कुछ हफ्ते पहले जारी हुई है। H-1B वीजा का फाइलिंग सीजन 2 अप्रैल से शुरू हो सकता है। अमेरिका में वित्‍त वर्ष की शुरुआत 1 अक्‍टूबर 2018 से शुरू होता है।

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भारतीय आईटी कंपनियां ज्‍यादातार एच1 बी वीजा का इस्‍तेमाल करती हैं। - सिम्‍बॉलिकभारतीय आईटी कंपनियां ज्‍यादातार एच1 बी वीजा का इस्‍तेमाल करती हैं। - सिम्‍बॉलिक
ट्रम्‍प सरकार के इस फैसले का सबसे ज्‍यादा असर भारतीय आईटी कंपनियों और उनके इम्‍प्‍लॉइज पर होगा। - सिम्‍बॉलिकट्रम्‍प सरकार के इस फैसले का सबसे ज्‍यादा असर भारतीय आईटी कंपनियों और उनके इम्‍प्‍लॉइज पर होगा। - सिम्‍बॉलिक

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