Advertisement
Home » इकोनॉमी » इंटरनेशनलSummer order of handicraft export order increased by 20 percent

अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और सऊदी अरब से 15-20% हैंडीक्रॉफ्ट प्रोडक्ट की बढ़ी डिमांड, सीजन की अच्छी शुरूआत

रुपए का कमजोरी और अमेरिका,अरब देशों से बड़ी डिमांड ने हैंडीक्रॉफ्ट एक्सपोर्टर के लिए साल 2018-19 की शुरूआत अच्छी की है।

1 of

नई दिल्ली। रुपए का कमजोरी और अमेरिका, अरब देशों से बड़ी डिमांड ने हैंडीक्रॉफ्ट एक्सपोर्टर के लिए साल 2018-19 की शुरूआत अच्छी की है। एक्सपोर्ट्स के अनुसार अप्रैल और मई में अभी तक पिछले साल के मुकाबले 15-20 फीसदी ऑर्डर बढ़े हैं। उनके अनुसार डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने से मार्जिन भी बढ़ा है। जिसकी वजह से उनके लिए अपने प्राइस कॉम्पिटिटिव रखना आसान हो गया है। बीते साल 2016-17 की तुलना में इस साल हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट ने 6.05 फीसदी की गिरावट दर्ज की है।

 

 

बीते साल की तुलना में बढ़े हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट ऑर्डर

 

 

ईपीसीएच के चेयरमैन ओ पी प्रह्लादका ने moneybhaskar.com को बताया कि हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स को मिले अभी तक गर्मियों के ऑर्डर बीते साल से 15 से 20 फीसदी अधिक है। इससे कारोबारियों और गिरते हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट सेंटीमेंट को बूस्ट मिला है।

 

 

डॉलर की मजबूती से बढ़े मार्जिन

 

Advertisement

 

एशियन हैंडीक्राप्ट प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन राजकुमार मल्होत्रा ने moneybhaskar.com को बताया कि डॉलर के मजबूत होने से एक्सपोर्टर्स के मार्जिन में सुधार हुआ है। डॉलर के 64रुपए से 67 रुपए पहुंचने पर इंडियन एक्सपोर्टर्स को मार्जिन और कॉम्पिटिटव बनने में मदद मिली है। इसका फायदा हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट के आंकड़ों में भी नजर आएगा। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, यूरोपीय और अरब देशों से अच्छे ऑर्डर मिले हैं।

 

 

होम एक्सपो 2018 का मिला फायदा

 

एक्सपोर्टर्स के अनुसार भारत में अप्रैल में हुए होम एक्सपो 2018 का उन्हें नए ऑर्डर मिलने में काफी फायदा मिला है। एक्सपो में देश-विदेश के 720 बायर्स ने हिस्सा लिया। इसमें टेक्सटाइल, हाउसवेयर, फर्नीचर के कारोबारियों ने हिस्सा लिया था। ईपीसीएच के ईडी राकेश कुमार ने moneybhaskar.com को बताया कि इंटरनेशनल मार्केट में काफी डेवलपमेंट हो रहा है। अब फॉरेन बायर्स सेगमेंट स्पेशलाइज्ड प्रोडक्ट और एक्सपो में जाना ज्यादा पसंद करते हैं। ऐसे एक्सपो से कारोबारियों को समर ऑर्डर बढ़ाने में मदद मिली है।

Advertisement

 

आगे पढ़ें - हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट में आई कितनी गिरावट

 

 

हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट में आई थी गिरावट

 

 

फाइनेंशियल ईयर 2017-18 में हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट 22,916 करोड़ रुपए रहा जबकि बीते साल 2016-17 में हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट 24,392 करोड़ रुपए था। इस साल इसमें 6.05 फीसदी की गिरावट दर्ज की है जबकि साल 2016-17 में हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट ने 13 फीसदी से अधिक की ग्रोथ दर्ज की थी। हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट सेक्टर में सबसे ज्यादा इमिटेशन ज्वैलरी, हैंडप्रिंटेड टेक्सटाइल और स्कार्फ और आर्टमेटल वेयर प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट गिरा है।

 

 

सरकार ने 2% बढ़ाई MEIS, मिलेगा फायदा

 

 

गिरते हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट को बूस्ट देने के लिए हाल में ही सरकार ने इत्र, कैंडल, ज्वैलरी बॉक्स, वुडन फ्रेम, शॉल जैसे कई प्रोडक्ट पर मर्चेंटन्डाइज एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया स्कीम (एमईआईएस) को 2 फीसदी बढ़ा दिया है। जीएसटी के कारण वर्किंग कैपिटल की परेशानी झेल रहे हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट कारोबारी काफी समय से परेशान थे। हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स को राहत देने के लिए सरकार एमईआईएस बढाई है इससे उन्हें इन्पुट कॉस्ट कम करने में मदद मिलेगी।

 
prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
Advertisement