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30-35 % एक्सपोर्टर्स अभी भी नहीं उठा पाएंगे राहत पैकेज का फायदा, ये फैक्टर बढ़ाएंगे​ मुश्किल

एक्सपोर्टर्स सरकार की एमईआईएस स्कीम में ज्यादा डॉक्युमेंटेंशन जिसके कारण छोटे एक्सपोटर्स फायदा नहीं उठा पाएंगे।

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नई दिल्ली। सरकार ने बड़े जोर-शोर से एक्सपोर्ट के लिए राहत पैकेज की घोषणा कर दी है लेकिन इसका फायदा सभी एक्सपोर्टर्स को मितना मुश्किल नजर आ रहा है। एक्सपोर्टर्स के अनुसार राहत पैकेज में जो इंसेटिव दिए जाएंगे वह इंपोर्ट बेस्ड है, जिसकी वजह से वर्किंग कैपिटल की समस्या से पहले से जुझ रहे कारोबारी आसानी से इसका फायदा नहीं उठा पाएंगे। एसोसिएशन के अनुसार छोटे कारोबारियों को स्कीम का फायदा उठाने के लिए डॉक्युमेंटेशन     काफी​   करना होगा जो इतना आसान नहीं। ऐसे में बड़े एक्सपोर्टर्स ही इसका फायदा उठा पाएंगे।

 

30-35 फीसदी एक्सपोर्टर्स नहीं उठा पाएंगे फायदा

 

सरकार का राहत पैकेज गारमेंट, इंजीनियरिंग गुड्स, हैंडीक्राफ्ट, फैबरिक, केमिकल, सिरेमिक जैसे लेबर इंटेसिव सेक्टर को इससे मदद मिलेगी। लेकिन सरकार की इस स्कीम का फायदा बड़े एक्सपोर्टर्स ही उठा पाएंगे। छोटे एक्सपोर्टर्स इसका बेनेफिट आसानी से नहीं उठा पाएंगे। ईपीसीएच के चेयरमैन ओमप्रकाश प्रह्लाद ने moneybhaskar.com कहा कि इस स्कीम का बहुत अधिक फायदा छोटे एक्सपोर्टर्स नहीं उठा पाएंगे क्योंकि छोटे एक्सपोर्टर्स के पास इतनी बड़ी अकाउंट्स की टीम नहीं होती,  इसमें डॉक्युमेंटेशन अधिक है। हैंडीक्राफ्ट में करीब 35 से 40 फीसदी छोटे एक्सपोर्टर्स हैं।

 

छोटे एक्सपोर्टर्स के लिए इंसेटिव लेना होगा मुश्किल

 

एशियन हैंडीक्राप्ट प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन राजकुमार मल्होत्रा ने moneybhaskar.com को बताया कि एमईआईएस का फायदा इंपोर्ट करने वाले एक्सपोर्टर्स को ही हो सकता है। जो एक्सपोर्टर इंपोर्ट करता है वह ही एमईआईएस स्कीम के तहत ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप पर छूट का फायदा उठा पाएंगे। इसका फायदा उठा पाना इंपोर्ट नहीं करने वाले एक्सपोर्टर के लिए मुश्किल हो जाएगा।

 

क्या है एमईआईएस स्कीम

 

अभी तक एमईआईएस स्कीम के तहत सरकार एक्सपोर्टर को 2 से 5 फीसदी का ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप उनके टर्नओवर पर देती है। अब ये ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप सभी रेट स्लैब पर 2 फीसदी बढ़ा दी गई है यानी एक्सपोर्टर्स को अब 4 से 7 फीसदी का बेनेफिट मिलेगा। ये कस्टम ड्यूटी जैसी बेसिक ड्यूटी की पेमेंट के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। ये स्क्रिप ट्रांसफर भी की जा सकती है। इसका फायदा एक्सपोर्टर्स इंपोर्ट के समय उठा सकते हैं।

 

सरकार ने एक्सपोर्ट को दिया राहत पैकेज

 

सरकार ने एक्सपोर्ट को बूस्ट देने के लिए पैकेज दिया है। सरकार ने लेबर इंटेसिव सेक्टर के लिए एक्सपोर्ट इंसेंटिव बढ़ाने, डॉक्यूमेंटेसन प्रोसिजर्स आसान बनाने और सालाना 8,500 करोड़ रुपए के एडिशनल बेनिफिट्स देने का ऐलान किया है। सरकार ने ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप की समय सीमा को बढ़ाकर 24 महीने कर दिया है। मर्चेंडाइज एक्‍सपोर्ट फ्रॉम इंडिया स्‍कीम (MEIS) में इनसेंटिव में 2 फीसदी की बढ़ोतरी की है। कामर्स मिनिस्‍ट्री के दावा है कि इन कदमों से नए मार्केट में निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी और ट्रेडिशनल मार्केट में फोकस बढ़ाने में मदद मिलेगी।

 

आगे पढ़े - सरकार को क्यूं देना पड़ा राहत पैकेज

सरकार को क्यूं देना पड़ा राहत पैकेज

 

जुलाई से अक्टूबर तक का करीब 6,530 करोड़ रुपए का एक्सपोर्टर्स का रिफंड अटका हुआ है। जुलाई से रिफंड नहीं मिलने के कारण एक्सपोर्टर्स को वर्किंग कैपिटल की समस्या हो रही है जिसके कारण सरकार ने पैकेज और बेनेफिट्स की घोषणा की है।

 
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