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पीएम मोदी 3 खाड़ी देशों के दौरे पर, आज पहुंचेंगे फिलीस्तीन

मोदी का 3 खाड़ी देशों का दौरा शनिवार से शुरू हो रहा है। पहले पड़ाव के तौर पर आज वह फिलीस्तीन पहुंचेंगे।

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 3 खाड़ी देशों का दौरा शनिवार से शुरू हो रहा है। पहले पड़ाव के तौर पर आज वह फिलीस्तीन पहुंचेंगे। इसके अलावा वह यूएई और ओमान भी जाएंगे। माना जा रहा है कि इस विजिट के जरिए खाड़ी देशों के साथ आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने पर ही जोर रहेगा। इसके अलावा आपसी रिश्‍तों को और मजबूत करने पर भी पीएम का फोकस रहेगा। 2015 से अबतक खाड़ी देशों का यह मोदी का 5वां दौरा है। हालांकि फिलीस्तीन जाने वाले वह पहले भारतीय पीएम होंगे।

 

 

फिलीस्तीन जाने वाले पहले पीएम

दौरे से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि यह क्षेत्र भारत की प्राथमिकता में है। हम इन देशों के साथ अपने रिश्‍ते मजबूत करना चाहते हैं। मोदी ने कहा कि पहली बार कोई भारतीय पीएम फिलीस्तीन का दौरा करेगा। इस दौरान फिलीस्तीन के विकास में भारत कैसे सहयोग कर सकता है, इस पर चर्चा के लिए वह फिलीस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से चर्चा को लेकर वह बेहद उत्साहित हैं।

 

UAE भारत का अहम पार्टनर

मोदी ने यूएई को भारत का अहम पार्टनर बताते हुए कहा कि इस दौरे से दोनों देशों के बीच इकोनॉमी, एनर्जी, सिक्युरिटी और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काफी मजबूती आएगी। इन मुद्दों पर यूएई के वाइस प्रेसिडेंट, प्रधानमंत्री और दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के अलावा क्राउन प्रिंस ऑफ अबु धाबी शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नांह्या से बातचीत होगी।

- इसके अलावा मोदी दुबई में 6th वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट में हिस्सा लेंगे। इसमें भारत को गेस्ट कंट्री के तौर पर बुलाया गया है। मोदी यूएई और अरब के लीडिंग सीईओ के साथ भारत में बिजनेस और सहयोग बढ़ाने को लेकर मीटिंग करेंगे।

 

अराफात की कब्र पर जाएंगे मोदी

- मोदी फिलीस्तीन के रामल्ला में पूर्व प्रेसिडेंट यासर अराफात की कब्र पर जाएंगे।

- इसके बाद भारत-फिलीस्तीन के बीच अहम समझौतों पर साइन होंगे और प्रेस स्टेटमेंट भी जारी किया जाएगा।

- रामल्ला दुनिया की सबसे विवादित जगह येरूशलम से महज 8 किमी की दूरी पर स्थित है।

- पिछले साल अमेरिका ने येरूशलम को आधिकारिक तौर पर इजरायल की राजधानी घोषित किया था। जिसके बाद दुनिया के देशों ने अमेरिका के फैसले का विरोध किया था। भारत ने यूएन में इस मुद्दे पर फिलिस्तीन का साथ दिया था।

 

दोस्ती: भारत-फिलीस्तीन के रिश्ते 71 साल पुराने

- भारत का फिलीस्तीन के विकास में तीनतरफा योगदान है। पहला, राजनीतिक समर्थन, दूसरा इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास, तीसरा आर्थिक सहयोग।

- इजरायल-फिलीस्तीन में तनाव के बीच भारत के रिश्ते फिलीस्तीन से हमेशा अच्छे रहे हैं।

- 1947 में भारत ने यूएन में फिलीस्तीन के विभाजन के खिलाफ वोटिंग की थी।

- 1988 में फिलीस्तीन को देश का दर्जा देने वाले देशों में भारत पहले नंबर था।

- 1996 में भारत ने गाजा में रिप्रेंजेटेटिव ऑफिस खोला। 2003 में इसे रामल्ला भेजा। 2015 में फिलिस्तीन के ध्वज को मान्यता दी।

 

 

 

यूएई: ढाई साल में दूसरा दौरा, 26 देशों के प्रमुखों से मिलेंगे

- मोदी 2015 में यूएई गए थे, तब करीब 34 साल बाद कोई भारतीय पीएम यूएई आया। इस बार दोनों देशों के बीच करीब 12 समझौतों पर साइन होंगे।

- यूएई के साथ भारत के पहले से कॉम्प्रेहेंसिव स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट है।

- मोदी रविवार को यूएई में सैनिकों की याद में बने मेमोरियल स्थल भी जाएंगे। दुबई में एक कम्युनिटी इवेंट को संबोधित करेंगे। मंदिर का शिलान्यास भी करेंगे।

- मोदी दुबई में वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट को भी संबोधित करेंगे। इसमें भारत गेस्ट ऑफ ऑनर कंट्री है।

- इसमें 26 देशों की सरकारों के प्रमुख, मंत्री और 2000 से ज्यादा रिप्रेजेंटेटिव भाग लेंगे। खाड़ी देशों के सीईओ से भी मिलेंगे।

- यूएई में 33 लाख भारतीय हैं। वे हर साल भारत को करीब 14 बिलियन डॉलर भेजते हैं। भारत, यूएई का दूसरा बड़ा ट्रेड पार्टनर है। 3.41 लाख करोड़ रु. का ट्रेड होता है।

 

 

 

ओमान: यहां कुल आबादी में 20% भारतीय मूल के लोग हैं

- मोदी सोमवार को यूएई के बाद ओमान पहुंचेंगे। यह उनकी पहली यात्रा होगी। पीएम मोदी ओमान के टॉप नेताओं के साथ मीटिंग करेंगे। साथ ही मस्कट में कम्युनिटी इवेंट को संबोधित करेंगे।

- 12 फरवरी को ओमान के सीईओ के साथ मीटिंग होगी। इसी दिन एक मस्जिद जाएंगे और मस्कट स्थित शिव मंदिर में दर्शन करेंगे।

- पिछले साल फादर टॉम की आईएस से रिहाई में ओमान ने भारत की मदद की थी।

- ओमान में 23 लाख से ज्यादा भारतीय मूल के लोग रहते हैं। यह ओमान की कुल आबादी का करीब 20% है। देश के कुल वर्कर्स में 25% भारतीय हैं। इनमें 30% सेमी स्किल्ड और 35% स्किल्ड वर्कर हैं।

ओमान में अधिकतर दक्षिण भारतीय हैं। वे वहां 10 से ज्यादा भारतीय मूल के लोगों के लिए स्कूल भी चलाते हैं।

 

 

 

109 साल पुराना है मस्कट का शिव मंदिर

- शिव मंदिर मस्कट में सुल्तान के महल से महज कुछ दूरी पर ही स्थित है। मस्कट एयरपोर्ट से यह करीब 30 किमी दूर है।

- शिव मंदिर का 1999 में गुजरात के रहने वाले मर्चेंट समुदाय ने पुनर्निर्माण करवाया था। यह मंदिर करीब 109 साल पुराना है।

- शिव मंदिर में तीन भगवान की मूर्तियां हैं। इनमें श्री आदि मोतिश्वर महादेव, श्री मोतिश्वर महादेव और श्री हनुमान जी हैं। यहां हर हफ्ते करीब 1500 से 4000 श्रद्धालु आते हैं।

 

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