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भारत के लिए अपनी बिरादरी के देशों से भिड़ गया था यह मुस्लिम देश

कबूस का परिवार लंबे समय से ओमान की सत्‍ता पर काबिज रहा, लेकिन उन्‍हें यह गद्दी बिरासत में नहीं मिली...

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नई दिल्‍ली। पश्चिम एशियाई देशों के दौरे पर निकले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब ओमान भी गए थे।  इस दौरान भारत और ओमान के बीच करीब 8 समझौतों  पर दस्‍तखत हुए है। ओमान में करीब 46 फीसदी आबादी विदेशी कामगारों की है। इसमें सबसे बड़ी तादाद भारतीयों की है। ओमान के नौसैनिकों का भारत में  प्रशिक्षण दिया जाता है। नौसैन्‍य क्षेत्र में ओमान भारत का बड़ा मददगार भी रहा है। 

 

ओमान के सुल्‍तान का इंडिया कनेक्‍शन  

ओमान के सुल्‍तान कबूस बिन सैद अल-सैद का भारत से खास रिलेशन रहा है। कबूस ने कभी भारत में ही रह कर पढ़ाई की थी। पुणे में कबूस जहां पढ़ाई करते थे वहीं देश के पूर्व राष्‍ट्रपति डॉक्‍टर शंकर दयाल शर्मा पढ़ाया करते थे। कबूस इसके बाद ब्रिटेन चले गए। यहां पढ़ाई पूरी करने के बाद ब्रिटिश आर्मी का हिस्‍सा बने। 

पिता का तख्‍तापलट कर बने सुल्‍तान 
यूं तो कबूस का परिवार लंबे समय से ओमान की सत्‍ता पर काबिज रहा, लेकिन उन्‍हें यह गद्दी बिरासत में नहीं मिली। सुल्‍तान कबूस ने 1970 में पिता के खिलाफ विद्रोह कर दिया था। इस विद्रोह में उनकी मदद ब्रिटिश खुफिया एजेंसी MI6 ने की। ब्रिटिश एजेंसी के सहयोग से ही वह अपने पिता का तख्‍तापलटने में कामयाब रहे। भारत उनके शासन को मान्‍याता देने वाला शुरुआती देश था। 

 

 

भारत के लिए बिरादरी के देशों से बगावत कर चुका है ओमान 
ओमान भारत के लिए अरब जगत में मौजूद अपनी बिरादरी के देशों के साथ बगावत कर कर बैठा था। दरअसल पाकिस्‍तान के खिलाफ बांग्‍लादेश युद्ध में ओमान ने भारत का साथ दिया था। जबकि अरब समेत दुनिया के सभी मुस्लिम देश पाकिस्‍तान के साथ थे और वो बांग्‍लोदश के निर्माण का विरोध कर रहे थे। इस मामले में संयुक्‍त राष्‍ट्र में भारत के खिलाफ आए प्रस्‍ताव में भी ओमान ने भारत के पक्ष में वोट किया था।  


 

सुल्‍तान ने पलट दी देश की तस्‍वीर 
कबूस को अरब वर्ल्‍ड को ऐसे शासक के तौर पर गिना जाता है, जिसने अपनी जिद से देश की तस्‍वीर बदल दी। 1970 में जब उन्‍होंने ओमान की सत्‍ता संभाली तक ओमान पिछड़ा हुआ देश था। यहां के लोग खेती किसानी और मछली पकड़कर जिंदगी का गुजारा करते थे। कबूस ने अपनी जिद से इस देश को एक विकासित देश के तौर पर तब्‍दील कर दिया। कबूस ने सत्‍ता में आने के बाद तेल से होने वाली कमाई को सबसे ज्‍यादा शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में खर्च किया। इससे देश की तस्‍वीर बदल गई।   

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