बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Internationalभले हो सबसे बड़ा धन्‍नासेठ, लेकिन अमेरिका में गरीबों का हाल जानकर दंग रह जाएंगेे आप

भले हो सबसे बड़ा धन्‍नासेठ, लेकिन अमेरिका में गरीबों का हाल जानकर दंग रह जाएंगेे आप

सारे पैसे और पावर के बाद भी अमेरिका की कुछ सच्‍चाइयां ऐसी हैं जो दुनिया के सामने कम ही उजागर हो पाती हैं।

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नई दिल्‍ली। अमेरिका को ऐसा देश माना जाता है कि जो पावर और पैसे के मामले में दुनिया पर राज करता है। मौजूदा समय में वह 19 लाख करोड़ डॉलर के साथ दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी चीन का साइज मात्र 11 लाख करोड़ डॉलर का है। अमेरिका के पास दुनिया की सबसे पॉवरफुल सेना है। वह दुनिया के किसी भी हिस्‍से में 24 घंटे के भीतर हमला कर सकता है। विश्‍व के लगभग हर कोने में उसकी सेना का बेस है। यही कारण है कि दुनिया का कोई भी देश अमेरिका की तरह बनना चाहता है। 

 

 

हालांकि इस सारे पैसे और पावर के बाद भी अमेरिका की कुछ सच्‍चाइयां ऐसी हैं, जो दुनिया के सामने कम ही उजागर हो पाती हैं। इसी में से एक सच्‍चाई वहां की गरीबी के बारे में है। आंकड़ों के मुताबिक, आज भी अमेरिका की करीब 4.5 करोड़ आबादी बेहद गरीबी का शिकार है। अमेरिका के सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व की 2016 की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में अमीर और गरीब का फासला लगातार बढ़ रहा है। गरीब लगातार गरीब हो रहे हैं, जबकि अमीर लगातार अमीर होते जा रहे हैं। आइए जानते हैं अमेरिका की इसी गरीबी के बारे में... 

 

सोर्स: बीबीसी कैपिटल, सीएनएन मनी, फॉर्च्‍यून  

1 फीसदी लोगों के पास 38 फीसदी दौलत 
फेडरल रिवर्ज की 2016 की रिपोर्ट के मुताबिक, अमीरी के लिहाज से टॉप पर रहने वाली 1 फीसदी आबादी का इस समय अमेरिका की करीब 38.43 फीसदी दौलत पर कब्‍जा है। वहीं 2012 की बात करें तो यह आंकड़ा मात्र 22 फीसदी था, जबकि 1979 में मात्र 7 फीसदी था। मात्र 2016 की बात करें तो देश के 1 फीसदी अमीरों ने हिस्‍से में देश की टोटल इनकम का करीब 23.8 फीसदी हिस्‍सा आया। वहीं 2013 में यह आंकड़ा 20.3 फीसदी था। 1992 में यह मात्र 10 फीसदी था। आंकड़ों से साफ है कि गरीबों की हिस्‍से की दौलत पर अमीर कब्‍जा कर रहे हैं। 

 

 

90 फीसदी लोगों के कब्‍जे में मात्र 22.8 फीसदी दौलत 
आय के हिसाब से नीचे निचले क्रम पर रहने वाली 90 फीसदी अमेरिकी आबादी के कब्‍जे में देश की कुल दौलत का 22.3 फीसदी हिस्‍सा ही है। इनकम की बात करें तो 2016 में इन लोगों की हिस्‍से देश की कुल इनकम का मात्र 49.7 हिस्‍सा आया। 1992 में यह आंकड़ा मात्र 60 फीसदी था। अमेरिका में गरीबों के और गरीब होने का यह सिलसिला 1980 के दौर में उस समय शुरू हुआ जब अमेरिका ने नॉलेज बेस्‍ड इकोनॉमी की तरफ कदम बढ़ाया। इसी के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अमीर और गरीओं के बीच अंतर पर नजर रखना शुरू किया। 

 

 

अकेले न्‍यूयॉर्क में हाई और लो इनकम ग्रुप में 20 फीसदी का फासला 
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के सबसे बड़े फाइनेंशियल हब न्‍यूयॉर्क की बात करें तो हाई और लोअर इनकम ग्रुप के बीच आय में करीब 20 फीसदी का अंतर है। यहां हाई इनकम ग्रुप के लोगों की औसत आय जहां 282,000 डॉलर है। वहीं लोअर इनकम ग्रुप के लोग मात्र 23,000 डॉलर पर गुजारा कर रहे हैं। आय की असमानता पर रिसर्च करने वाले कई ग्रुप्‍स की मानें तो अमीर और गरीब के अंतर की बात करें तो अमेरिका का रिकॉर्ड ईरान और रूस से भी बदतर है। 

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