Home » Economy » Internationalअब पोर्ट पर 24 घंटे मिलेगी कस्टम क्लीयरेंस की सुविधा

अब पोर्ट पर 24 घंटे मिलेगी कस्टम क्लीयरेंस की सुविधा, कन्साइनमेंट क्लीयरेंस टाइम घटाने की तैयारी

अगर आप एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट का बिजनेस करते हैं, तो आपके लिए सरकार ने कई सहूलियतें शुरू कर दी है।

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नई दिल्ली। अगर आप एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट का बिजनेस करते हैं, तो आपके लिए सरकार ने कई सहूलियतें शुरू कर दी है। इसके तहत अब पोर्ट पर 24 घंटे कस्टम क्लीयरेंस की सुविधा मिलेगी। यहीं नहीं कस्टम क्लीयरेंस के लिए डॉक्युमेंट ऑनलाइन सबमिट किया जा सकेगा। साथ ही सरकार की तैयारी है कि जल्द ही कन्साइनमेंट क्लीयरेंस का टाइम भी कम किया जाय। अभी सामान्य तौर पर कन्साइनमेंट क्लीयरेंस में 7-8 दिन का समय लगता है। कारोबारियों की डिमांड है कि सरकार क्लीयरेंस का समय 2 दिन तक करें। जिससे उनके लिए बिजनेस आसान हो सके।

 

24 घंटे मिलेगी कस्टम क्लीयरेंस सुविधा

 

डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार देश के बड़े पोर्ट पर कस्टम क्लीयरेंस सुविधा सातों दिन और 24 घंटे उपलब्ध होगी। पहले कस्टम क्लीयरेंस ऑफिस वर्किंग आवर की तरह आठ से नौ घंटे होती थी लेकिन अब एक्सपोर्टर्स-इंपोर्टर्स को 24 घंटे यह सुविधा मिलेगी।

 

ऑनलाइन सबमिट होंगे डॉक्युमेंट

 

 

इसी तरह कारोबारियों को एक्सपोर्ट और इंपोर्ट के लिए डॉक्युमेंट जमा कराने के लिए कस्टम या पोर्ट ऑफिस नहीं जाना होगा। अब ये काम ऑनलाइन हो जाएगा। सरकार ने ई-संचित सर्विस शुरू कर दी है। इससे कारबोरियों को अपना कन्साइनमेंट क्लीयर करने और पोर्ट से लेने के लिए जाना नहीं होगा। सभी काम ऑनलाइन कर पाएंगे। सभी डॉक्युमेंट ऑनलाइन सबमिट कर पाएंगे। इससे सरकारी एजेंसी और ट्रेडिंग कम्युनिटी के बीच फेस टू फेस मुलाकात कम होगी।

 

 

पोर्ट पर शुरू होगा रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम

 

 

देश के बड़े पोर्ट और एयरपोर्ट पर रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम शुरू होगा। इस सिस्टम के तहत सभी कन्साइनमेंट की चेकिंग नहीं होगी। सिर्फ सेलेक्टिव कन्साइनमेंट की चेकिंग की जाएगी। इससे 80 फीसदी से अधिक कन्साइनमेंट बिना चेकिंग के क्लीयर होंगे जिससे कन्साइनमेंट पोर्ट पर चेकिंग की वजह से रोके जाने का टाइम पीरियड कम होगा।

 

 

कन्साइनमेंट क्लीयर होने में लगेगा कम टाइम

 

 

सभी डॉक्युमेंट इलेक्ट्रॉनिक मोड में स्वीकार भी किएं जाएंगे। साथ ही सभी कन्साइनमेंट की चेकिंग नहीं होने से कन्साइनमेंट जल्द क्लीयर होंगे। इससे फूड प्रोडक्ट जैसे कई प्रोडक्ट जल्द क्लीयर हो पाएंगे क्योंकि इन प्रोडक्ट की शेल्फ लाइफ कम होती है और ये चेकिंग के कारण पोर्ट पर सबसे ज्यादा फंसते हैं। अभी कन्साइनमेंट क्लीयर होने में 5 से 8 दिन का समय लगता है।

 

आगे पढ़े - क्या होगा काराबोरियों को फायदा..

 

 

 

कन्साइनमेंट जल्द क्लीयर होने से मिलेगा फायदा

 

 

मेटल एंड स्टेनलेस स्टील मर्चेंट एसोसिएशन (एमएसएमए) के प्रेसिडेंट जितेंद्र शाह ने moneybhaskar.com बताया कि अगर रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम के तहत जल्द कन्साइनमेंट क्लीयर होंगे तो इससे कारोबारियों की कॉस्ट कम होगी क्योंकि एक टाइमपीरियड के बाद कन्साइनमेंट पोर्ट पर पड़े होने पर किराया चुकाना पड़ता है जो काफी महंगा पड़ता।

 

 

अभी कन्साइनमेंट क्लीयर होने में लगता है से आठ दिन का मसय

 

 

 

अभी ज्यादातर कन्साइनमेंट को क्लीयर होने में 5 से 8 दिन का समय लगता है। टाइम पीरियड ज्यादा लगने से फूड कन्साइनमेंट को सबसे ज्यादा नुकसान होता है क्योंकि खाने की चीजें जल्दी खराब हो जाती है। इसे कारोबारी कम करने की मांग काफी समय से कर रहे हैं। वह चाहते है कि कन्साइनमेंट 2 दिन में क्लीयर हो जाए।

 
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