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अरबपतियों ने ट्रम्‍प को बताई हैसियत, कहा- ये 1947 का भारत नहीं

स्‍टील और एल्‍युमीनियम पर इम्‍पोर्ट ड्यूटी लगाने के ट्रम्‍प ने जुड़े फैसले पर अरबपतियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है...

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नई दिल्‍ली। विरोध के बाद भी स्‍टील और एल्‍युमीनियम पर इम्‍पोर्ट ड्यूटी लगाने के अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रम्‍प ने जुड़े फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इंडिया इंक ने साफ कहा है कि हमें अमेरिका को यह बताना होगा कि यह 1947 का भारत नहीं है। अमेरिकी सरकार के इस कदम के खिलाफ अगर हम भी कदम उठाते हैं तो इससे अमेरिका को भी चोट लगेगी। हालांकि कुछ कारोबारियों कहा कि हमें ट्रम्‍प की तर्ज पर नहीं काम करना चाहिए। 

 

बता दें कि ट्रम्‍प के इस कदम से भारत चीन और यूरोपीय यूनियन समेत दुनिया के कई बड़े देशों की ओर से अमेरिका में भेजे जाने वाले स्‍टील पर 25 फीसदी और एल्‍युमीनियम पर 10 फीसदी का अतिरिक्‍त शुल्‍क वसूला जाएगा। इससे अमेरिका में स्‍टील और एल्‍यूमिनिमय को एक्‍सपोर्ट करने वाली कंपनियों जैसे टाटा स्‍टील, हिंडाल्‍को, जेएसडब्‍लू आदि को नुकसान होगा। इसी की प्रतिक्रिया में उन्‍होंने अमेरिका के खिलाफ भारत सरकार से भी कदम उठाने को कहा। 

 

इम्‍पोर्ट ड्यूटी लगाकर ट्रम्‍प को जवाब दे सरकार 
इस फैसले पर पक्रिया देने हुए जेएसडब्ल्यू स्टील के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने कहा है भारत सरकार को ट्रम्‍प के इस कदम की तरह अपने यहां भी स्‍टील पर इम्‍पोर्ट ड्यूटी लगानी चाहिए। जिंदल ने कहा कि हमारे पॉलिसी मेकर्स को समझाना होगा कि चीन, कोरिया और जापान जैसे देश क्या कर रहे हैं। जापान की सालाना स्टील की खपत 6 करोड़ टन है।  वह 11 से 12 करोड़ टन का प्रोडक्‍शन करता है। इनके यहां की कंपनियां अपने 50 फीसदी प्रोडक्‍शन का निर्यात करती हैं और कभी भी इम्‍पोर्ट प्रोडक्‍ट नहीं खरीदती हैं।  

 

 

यह आजादी से पहले का भारत नहीं 
ट्रम्‍प के फैसले के खिलाफ अपनी प्रतिक्रिया देते हुए महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने कहा कि वह नहीं चाहते कि भारत सरकार भी स्‍टील और एल्‍यूमिनियम जैसे मैटल पर इम्‍पोर्ट ड्यूटी लगाए। क्योंकि इससे कॉम्पिटीशन प्रभावित होगा। अपने ट्वीट में भारतीय उद्योपति ने कहा कि मैं प्रोटेक्‍शनिज्‍म में भरोसा नहीं करता हूं। मैं ग्‍लोबल कॉम्पिटीशन का हिमायती हूं। अगर भारत भी ट्रम्‍प की अनुसरण करते हुए शुल्क लगाता है तो इसका प्रभाव आजादी के बाद के समय से काफी अलग होगा।'  महिंद्रा ने कहा कि भारत कोई छोटी इकोनॉमी नहीं है। हम इम्‍पोर्ट ड्यूटी के बाद भी मजबूती के साथ खड़े रह सकते हैं। 

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