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5 साल में विदेश भेजी गई रकम में 10 गुना की बढ़ोत्तरी, यहां खर्च किए गए सबसे ज्यादा पैसे

आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2018-19 में करीब 83 हजार करोड़ रुपए विदेश भेजे गए 

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नई दिल्ली. भारतीयों का विदेशी खर्च दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इसका अंदाजा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों से पता चलता है कि हाल के कुछ वर्षों में विदेश में रहने वाले रिश्तेदारों की देखभाल के लिए भेजी गयी राशि में काफी बढोतरी हुई है।

 

विदेश में पढ़ाई के लिए भेजी गई राशि में बढ़ोत्तरी

विदेश में पढ़ाई के लिए भेजी जाने वाली राशि में भी खासी बढोतरी हुई है। इसी तरह विदेश में उपहार देने के नाम पर भी अच्छी-खासी राशि इस सरकार की इस योजना के तहत विदेश भेजी गयी है। आरबीआई की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत देश से बाहर जाने वाली राशि पिछले पांच सालों में बढ़कर 10 गुना हो गई है।  फाइनेंशियल इयर 2018-19 में एलआरएस के तहत सबसे ज्यादा राशि विदेश यात्रा के लिए भेजी गई। 

 

क्या है एलआरएस स्कीम 

रिजर्व बैंक की एलआरएस स्कीम के तहत भारत में रहने वाला कोई भी नागरिक अपने खाते से किसी भी फाइनेंशियल इयर में 2.50 लाख डॉलर तक विदेश भेज सकता है। इस योजना के तहत विदेश में पढ़ाई करने, इलाज कराने, विदेश यात्रा करने और करीबी रिश्तेदार की देखभाल के लिए रकम भेजी जा सकती है। साथ ही विदेशी खाते में भी यह रकम जमा की जा सकती है। देशवासी न सिर्फ विदेश यात्रा, बल्कि दुनियाभर के देशों में रहने वाले अपने रिश्तेदारों का खर्च उठाने के लिए भी यह राशि भेज रहे हैं। 

 

 

ऐसे हुई बढ़ोत्तरी

आरबीआई के आंकड़े बताते हैं कि एलआरएस के तहत वित्त वर्ष 2018-19 में फरवरी तक 1,231 करोड़ डॉलर विदेश भेजे गए, जबकि वित्त वर्ष 2013-14 में सिर्फ 109.3 करोड़ डॉलर ही एलआरएस के तहत विदेश भेजे गए थे। इस तरह पांच साल के भीतर यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 10 गुना हो गया है।

Source- Dainik Jagran 

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