भारत के बहिष्कार से चीन घबराया, फोरम में 100 देशों की मौजूदगी का किया दावा 

आंतकी मसूद को बैन करने के मुद्दे भारत का विरोध करने वाले चीन को जवाब देने की तैयारी शुरू हो गई है। जैसे को तैसे की तर्ज पर भारत सरकार भी चीन के  बेल्ट एंड रोड फोरम का बहिष्कार करेगा। अमेरिका ने भी इस मामले में भारत का साथ दिया है। इससे घबराए चीन ने कहा है कि उसके इस फोरम पर 100 से ज्यादा देश हिस्सा ले रहे हैं। 

money bhaskar

Mar 31,2019 07:45:00 PM IST

नई दिल्ली. आंतकी मसूद को बैन करने के मुद्दे भारत का विरोध करने वाले चीन को जवाब देने की तैयारी शुरू हो गई है। जैसे को तैसे की तर्ज पर भारत सरकार भी चीन के बेल्ट एंड रोड फोरम का बहिष्कार करेगा। अमेरिका ने भी इस मामले में भारत का साथ दिया है। इससे घबराए चीन ने कहा है कि उसके इस फोरम पर 100 से ज्यादा देश हिस्सा ले रहे हैं।

पाक अधिकृत कश्मीर से गुजरता है चीनी गलियारा

चीन ने अगले महीने शुरू हो रहे फोरम को लेकर कहा है कि इसमें 40 देशों के सरकार के प्रतिनिधियों समेत 100 से ज्यादा देश हिस्सा ले सकते हैं। इनमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पाकिस्तानी पीएम इमरान खान भी शामिल हैं। हालांकि इस बीच भारत ने एक बार फिर से बेल्ट ऐंड रोड फोरम के बायकॉट के संकेत दिए हैं।भारत ने 2017 में आयोजित पहले फोरम में भी इससे किनारा कर लिया था। चीन के बेल्ट एंड रोड प्रॉजेक्ट के तहत बन रहा चाइना-पाकिस्तान इकॉनमिक कॉरिडोर पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर से होकर गुजरता है, जिस पर भारत को आपत्ति है। हाल ही में चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में चीन में भारतीय राजदूत विक्रम मिसरी ने कहा था, 'ईमानदारी से कहूं तो बेल्ट ऐंड रोड प्रॉजेक्ट को लेकर हमने अपनी चिंताएं स्पष्ट तौर पर रखी हैं। हमारा विचार अब भी पहले जैसा ही है और स्थिर है। इस विचार से हम संबंधित पक्षों को अवगत करा चुके हैं।' इस बीच चीन के एक सीनियर अधिकारी ने कहा है कि फोरम में 40 सरकारों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।

यह भी पढ़ें...

खुशखबरी : RBI अप्रैल में करेगा यह अहम बदलाव, आपका यह होगा फायदा



यह है प्रोजेक्ट

चीन ने 2017 में पहले फोरम का आयोजन किया था। खरबों डॉलर के इस प्रॉजेक्ट के तहत चीन दुनिया भर के तमाम देशों तक इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रॉजेक्ट्स के माध्यम से अपना प्रभाव बढ़ाना चाहता है। इन परियोजनाओं को चीनी निवेश के जरिए पूरा किया जाएगा। स्टेट काउंसिलर यांग जेइची ने कहा कि मेजबान देश के तौर पर हम सहयोगी देशों के साथ इसको लेकर बात करेंगे कि अब तक कितना काम हो चुका है और बाकी काम का ब्लूप्रिंट क्या है।

यह भी पढ़ें...

Tulip garden के लिए यूरोप नहीं भारत की इस जगह की सैर कीजिए, यह है एशिया का सबसे बड़ा गार्डन

भारत, अमेरिका समेत कई देशों ने जताई है चिंता

चीन के बेल्ट ऐंड रोड प्रॉजेक्ट को लेकर भारत और अमेरिका समेत कई देशों ने चिंता जताई है। अमेरिका ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि इस प्रॉजेक्ट के जरिए कई छोटे देश बड़े कर्ज के बोझ तले दब सकते हैं। कर्ज के बदले में चीन की ओर से श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह को 99 सालों की लीज पर लिए जाने के बाद से यह आशंका और गहरी हो गई है। यही नहीं कर्ज के संकट को देखते हुए पाकिस्तान और मलेशिया जैसे देशों ने भी चीनी प्रॉजेक्ट्स को कम करने की इच्छा जताई है।

यह भी पढ़ें...

Alert : मोबाइल, लैपटॉप 5 घंटे से ज्यादा प्रयोग कर रहे तो खुदकुशी का खतरा दो गुना!

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.