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बिज़नेस न्यूज़ » Economy » InternationalUK में 1 अरब पाउंड का निवेश करेगा भारत, दोनों देशों में नई ट्रेड पार्टनरशिप

UK में 1 अरब पाउंड का निवेश करेगा भारत, दोनों देशों में नई ट्रेड पार्टनरशिप

लंदन. भारत 1 अरब पाउंड से ज्‍यादा (करीब 9340 करोड़ रुपए) यूके में इन्‍वेस्‍ट करेगा। इस कदम से यूके में 5,750 नई नौकरियों के अवसर बनेंगे या उन्‍हें संरक्षण मिलेगा। भारत यह कदम पीएम मोदी की ब्रिटेन यात्रा के दौरान नई भागीदारी के तहत उठाया है। दोनों देशों की तरफ से व्‍यापार, निवेश और तकनीक के क्षेत्र में कई एमओयू, समझौते हुए। ब्रिटिश सरकार ने बुधवार को पीएम मोदी और ब्रिटिश पीएम थेरेसा मे के बीच हुई बातचीत के बाद एक नई इंडिया-यूके ट्रेड पार्टनरशिप की घोषणा की। 

 

 

यूके के डिपार्टमेंट फॉर इंटरनेशनल ट्रेड (डीआईटी) का कहना है कि नई भागीदारी के तहत नए भारतीय निवेश की सीमा 1 अरब पाउंड से ज्‍यादा होगी। इससे अर्थव्‍यवस्‍था के लिए 5750 ब्रिटिश जॉब तैयार होंगी या सेफ होंगी। यूके इंटरनेशल ट्रेड  सेक्रेटरी लिआम फॉक्‍स का कहना है कि व्‍यापार संबंधी बाधाएं दूर करना एक अहम बता है। इससे यूके दुनिया के बाजार में अपनी एक निश्चित ग्रोथ को हासिल कर सकता है। इसलिए भारत के साथ नई ट्रेड पार्टनरशिप अच्‍छी है। 
 
उन्‍होंने कहा कि भारत के साथ व्‍यापार में ग्रोथ की संभावनाएं काफी हैं और एक इंटरनेशनल इकोनॉमिक डिपार्टमेंट के तौर पर हम ट्रेड मिशन जैसे साधनों का इस्‍तेमाल करेंगे। इससे न केवल यूके का एक्‍सपोर्ट बढ़ेगा बल्कि सभी तरह के बिजनेस में विस्‍तार करने में मदद मिलेगबी। इससे संभावित खरीददार और निवेशकों के बीच बेहतर रिश्‍तें बनेंगे। 


यूके-भारत में 18 अरब डॉलर का है ट्रेड 
डीआईटी के अनुसार, 2017 में यूके और भारत के बीच गुड्स एंड सर्विसेज में कुल ट्रेड 18 अरब डॉलर था। 2016 के मुकाबले इसमें 15 फीसदी की बढ़ोत्‍तरी हुई है। भारत को यूके एक्‍सपोर्ट 14.9 फीसदी बढ़ा है। ज्‍यादातर एक्‍सपोर्ट मशीनरी और मैकेनिकल अप्‍लॉयसेंस का होता है। नई पार्टनरशिप से दोनों देशों के लिए व्‍यापार के नए अवसर और बनेंगे। यूके यूरोपीय यूनियन से बाहर निकलेगा। इसमें नया फोकस लाइफ साइंसेज, आईटी और फूड एंड ड्रिंक के तीन अहम सेक्‍टर्स पर है।  

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