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चीनी पैसे से बने श्रीलंका के एयरपोर्ट को अब भारत संभालेगा, हो गया है खस्‍ता हाल

दुनि‍या का सबसे खाली हवाई अड्डा कहा जाता है, मगर भारत और चीन के रणनीति‍क नजरि‍ए से देखा जाए तो यह बहुत महत्‍वपूर्ण है।

India ready to discuss running of loss-making airport as a joint venture

नई दिल्‍ली। श्रीलंका ने चीन से भारी कर्ज लेकर जो हवाई अड्डा बनाया था, अब उसकी बागड़ोर भारत अपने हाथ में लेने जा रहा है। यह हवाई अड्डा लंबे अर्से से घाटे में चल रहा है और इसे दुनि‍या का सबसे खाली हवाई अड्डा कहा जाता है, मगर भारत और चीन के रणनीति‍क नजरि‍ए से देखा जाए तो यह बहुत महत्‍वपूर्ण है। 

 

ज्यादा उड़ान न होने के कारण यह घाटे में है
श्रीलंका के डि‍प्‍टी मि‍नस्‍टर ऑफ ट्रांसपोर्ट अशोक अभयसिंघे ने सदन में विपक्ष की ओर से पूछे एक सवाल का जवाब देते हुए यह जानकारी दी। उनसे पूछा गया था कि क्‍या मत्‍ताला एयरपोर्ट को बेचा जा रहा है। अभयसिंघे ने कहा कि भारत ने इस हवाई अड्डे को संयुक्‍त उपक्रम के तौर पर चलाने की पेशकश दी है।

 

उन्‍होंने कहा कि नुकसान होने के बावजूद इस एयरपोर्ट को कभी बेचा नहीं जाएगा। मत्‍ताला एयरपोर्ट को चीन के सहयोग से बनाया गया था। इसका आधि‍कारि‍क रूप से उद्घाटन मार्च 2013 में कि‍या गया था। मत्ताला इंटरनेशनल एयरपोर्ट राजधानी कोलंबो से 241 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में है। इसे 21 करोड़ डॉलर की लागत से बनाया गया है, लेकिन यहां से ज्यादा उड़ान न होने के कारण यह घाटे में है। 

 

कोई प्रस्‍ताव नहीं आया
इस एयरपोर्ट की क्षमता 10 लाख यात्री प्रतिवर्ष की है। उम्‍मीद की जा रही थी कि वर्ष 2028 से यह प्रतिवर्ष 50 लाख यात्री, 50 हजार टन कार्गो और 6250 ट्रैफिक ऑपरेशंस को हैंडल करेगा। सरकार ने 2017 में नि‍वेशकों को आमंत्रि‍त कि‍या था ताकि उनकी मदद से इसे लाभ कमाने वाले ज्‍वाइंट वेंचर में बदला जा सके। हालांकि इस एयरपेार्ट के रखरखाव या इसे ऑपरेट करने के लि‍ए कोई प्रस्‍ताव नहीं आया। अब भारत में इसमें दि‍लचस्‍पी दि‍खाई है। 

 

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