Home » Economy » InternationalIndia preparing for cut in oil imports from Iran

ट्रंप की धमकी ने ढीले कि‍ए मोदी सरकार के तेवर, 30 दिन पहले सुषमा स्‍वराज बोली थीं-हम UN की बंदि‍शें मानते हैं US की नहीं

ट्रंप ने भारत और अन्य देशों से ईरान से तेल का इंपोर्ट खत्म करने या प्रतिबंधों का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा था।

1 of

 

नई दिल्ली. केवल एक महीने पहले 28 मई, 2018 को वि‍देश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने दि‍ल्‍ली में कहा था कि‍ भारत केवल यूएन यानी संयुक्‍त राष्‍ट्र के कानूनों से बंधा है और उन्‍हें मानता है, वह यूएस (अमेरिका) के कानून मानने के लि‍ए भारत को मजबूर  नहीं कि‍या जा सकता। स्‍वराज, अमेरि‍का के उन प्रति‍बंधों की बात कर रही थीं, जो उसने ईरान पर लगाए थे। भारत ईरान से बड़ी मात्रा में कच्‍चा तेल खरीदता है। इस बयान के ठीक 30 दि‍न बाद यानी 28 जून 2018 को  पेट्रोलियम मंत्रालय ने ऑयल रिफाइनिंग कंपनियों से नवंबर तक ईरान से तेल इंपोर्ट ‘भारी कटौती या खत्म करने’ के वास्ते तैयार रहने के लिए कहा है। 


अमेरि‍की धमकी 
अमेरिका ने भारत और अन्य देशों से 4 नवंबर तक ईरान से तेल का इंपोर्ट खत्म करने या प्रतिबंधों का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा है। इस प्रकार अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी देश को इससे छूट नहीं दी जाएगी। आगे पढ़ें 


 

क्‍या कहा था विदेश मंत्री ने 
वि‍देश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने 28 मई को एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दि‍ल्‍ली में कहा था, 'हम अपनी वि‍देश नीति‍ कि‍सी अन्‍य देश के दबाव में नहीं बनाते। भारत और ईरान के संबंध पुराने समय से ही बहुत अच्‍छे रहे हैं और हम आगे भी इस तरह की उम्‍मीद करते हैं।' 


अब क्‍या हैं हालात 
अमेरिका की ईरान से ऑयल इंपोर्ट घटाने की चेतावनी पर भारत का रुख नरम पड़ता दिख रहा है। तेल मंत्रालय ने ऑयल रिफाइनिंग कंपनियों से नवंबर तक ईरान से तेल इंपोर्ट ‘भारी कटौती या खत्म करने’ के वास्ते तैयार रहने के लिए कहा है। रॉयटर्स ने दो इंडस्ट्री सोर्सेस के हवाले से इससे संबंधित रिपोर्ट प्रकाशित की है। माना जा रहा है कि अमेरिकी के कहने पर पहली बार भारत ईरान के साथ ट्रेड रिलेशन खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। आगे पढ़ें 


 

हर जरूरी कदम उठाएगा भारतः विदेश मंत्रालय


उधर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘हमने इस मामले में अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट के अधिकारी का बयान देखा है। ऑयल इंपोर्ट से संबंधित बयान विशेष रूप से भारत के लिए नहीं है और सभी देशों पर लागू होता है। हम अपनी एनर्जी सिक्युरिटी सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स से संपर्क सहित हर जरूरी कदम उठाएंगे। ’


ईरानी ऑयल के विकल्प तलाशें रिफाइनर्सः ऑयल मिनिस्ट्री 
सूत्रों ने कहा कि गुरुवार को ऑयल मिनिस्ट्री ने रिफाइनरी कंपनियों से ईरानी ऑयल के विकल्पों की तलाश करने का अनुरोध किया था। घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा, ‘भारत ने हालात के मद्देनजर रिफाइनर्स से तैयार रहने के लिए कहा है। ऑयल इंपोर्ट में भारी कमी या बंद करने जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।’


2015 से पहले भी लागू थे ये प्रतिबंध
अधिकारी ने कहा, ‘उनकी (भारत और चीन की) कंपनियां भी दूसरों की तरह प्रतिबंधों से बंधी रहेंगी, अगर वे प्रतिबंधित क्षेत्रों में काम करती हैं। ये प्रतिबंध 2015 से पहले लागू थे।’ नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर अमेरिकी अधिकारी ने कहा, ‘हम निश्चित तौर पर अनुरोध कर रहे हैं कि ईरान के साथ ऑयल इंपोर्ट खत्म कर दिया जाए।’ अधिकारी ने कहा, ‘हमारी नजर में राष्ट्रीय सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है।’

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट