करतारपुर कॉरिडोर पर भारत-पाक में नहीं बनी बात, इमरान खान ने रखी नई शर्तें

India Pak hold cordial meeting on Kartarpur corridor  करतारपुर कॉरिडोर पर पुलवामा हमले के बाद पहली बार बुधवार को भारत और पाकिस्तान के बीच बैठत हुई। इस बैठक में पाकिस्तान अपनी पुरानी हरकतों से फिर बाज नहीं आया। बैठक में  इमरान खान सरकार गिरगिट की तरह रंग बदलते  नजर आए। इस बैठक से पहले तक इमरान खान की सरकार करतारपुर कॉरिडोर को लेकर लंबे-चौथे वायदे करते हुए नजर आ रही थी। लेकिन बुधवार को बैठक में पाकिस्तान सरकार ने अपनी तंग दिली दिखाई। की प्रस्तावों पर इमरान खान की सरकार ने काफी संकुचित स्वरूप अपनाए रखा जिसके चलते इस बैठक  में अहम निर्णय नहीं लिए गए।

Money Bhaskar

Mar 15,2019 10:09:00 AM IST

नई दिल्ली। करतारपुर कॉरिडोर पर पुलवामा हमले के बाद पहली बार बुधवार को भारत और पाकिस्तान के बीच बैठत हुई। इस बैठक में पाकिस्तान अपनी पुरानी हरकतों से फिर बाज नहीं आया। बैठक में इमरान खान सरकार गिरगिट की तरह रंग बदलते नजर आए। इस बैठक से पहले तक इमरान खान की सरकार करतारपुर कॉरिडोर को लेकर लंबे-चौथे वायदे करते हुए नजर आ रही थी। लेकिन बुधवार को बैठक में पाकिस्तान सरकार ने अपनी तंग दिली दिखाई। की प्रस्तावों पर इमरान खान की सरकार ने काफी संकुचित स्वरूप अपनाए रखा जिसके चलते इस बैठक में अहम निर्णय नहीं लिए गए। जिसके चलते कॉरिडोर पर अगली बैठक आगामी 2 अप्रैल को होगी। करतारपुर कॉरिडोर का मुद्दा भारत पाकिस्तान के बीच काफी लंबे समय से चलता आ रहा है।

करतारपुर कॉरिडोर पर यह कर रहा है पाकिस्तान


इस मुद्दे पर भारत चाहता है कि करतारपुर कॉरिडोर से प्रतिदिन पांच हजार तीर्थ यात्रियों को गुरुद्वारा दरबार सिंह साहिब तक जाने की अनुमति मिले। विशेष अवसर पर यह संख्या 15 तक की हो। लेकिन पाकिस्तान ऐसा करने की अनुमति नहीं दे रहा। पाकिस्तान ने भारत के प्रस्ताव पर विजिटिंग डे का प्रावधन रखने पर जोर दिया है। उसने विजिटिंग डे पर केवल 500 यात्रियों को ही दरबार सिंह साहिब जाने की अनुमति देने पर अभी रजामंदी दिखाई है। किसी विशेष अवसर पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार यह संख्या अधिकतम 700 ही हो सकती है। इसके अलावा इमरान खान सरकार ने विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के नागरिकों के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया गया है।

कोई भी भरतीय तीर्थयात्री अकेले नहीं जा सकता गुरुद्वारा दरबार सिंह साहिब


पाकिस्तान का कहना है कि केवल भारतीय तीर्थ यात्रियों को ही अनुमति दी जा सकती है। वीजा फीस के मामले में भी पाकिस्तान का पक्ष है कि तीर्थयात्रियों को विशेष वीजा लेने की जरूरत पड़ेगी और इसके लिए विशेष फीस का भुगतान करना पड़ेगा। पाकिस्तान का कहना है कि कोई भी तीर्थयात्री अकेले नहीं जा सकता। उसे गुरुद्वारा दरबार सिंह साहिब तक जाने के लिए कम से कम 15 लोगों के समूह में जाना होगा।

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