Home » Economy » InternationalIndia offers soybean exports to China amid trade war with

चीन की चोट पर भारत ने लगाया मरहम, लगे हाथ चला 20 अरब डॉलर का दाव

अमेरि‍का और चीन के बीच छि‍ड़ी कारोबारी जंग पर इस वक्‍त पूरी दुनि‍या की नजर है।

1 of
बीजिंग। अमेरि‍का और चीन के बीच छि‍ड़ी कारोबारी जंग पर इस वक्‍त पूरी दुनि‍या की नजर है। दोनों देश एक दूसरे के प्रोडक्‍ट पर टैरि‍फ लगाकर उसकी एंट्री को टफ बना रहे हैं। चंद दि‍नों पहले ही चीन ने अमेरिका से आने वाले 106 प्रोडक्ट्स पर अतिरिक्त 25 फीसदी ड्यूटी वसूलने का ऐलान किया। चीन के इस कदम की वजह से अमेरि‍का बौखला गया। अभी तक भारत दोनों मुल्‍कों के बीच चल रही इस जंग में कुछ नहीं बोल रहा था, मगर अब भारत को यहां एक कारोबारी मौका दि‍ख गया है।  भारत ने सबसे पहले तो अमेरि‍का की ओर से चलाई जा रही संरक्षणवादी नीतियों पर अपना वि‍रोध दर्ज कराया। उसके बाद एक बड़ा दांव चला, जो अगर सफल हो गया तो भारतीय कि‍सानों को बहुत बड़ा फायदा पहुंचेगा।  आगे पढ़ें 

हमें मौका दें 
बीजिंग में आयोजि‍त एक कार्यक्रम में नीति आयोग के वाइस चेरमैन राजीव कुमार ने कहा कि‍ बीजिंग और नई दि‍ल्‍ली संरक्षणवादी शोरशराबे की परवाह नहीं करते और वि‍श्‍व अर्थव्‍यवस्‍था में बेहतर तरीके से अच्‍छी भूमि‍का नि‍भा सकते हैं। कुमार ने कहा कि हमने ये बात नोट की है कि आप काफी बड़ी मात्रा में एग्रीकल्‍चर प्रोडक्‍ट का आयात करते हैं, संभवत: 20 अरब डॉलर से भी ज्‍यादा का।  
कुमार ने अमेरि‍का और चीन के बीच रहे ट्रेड वार का हवाला देते हुए चीनी पक्ष से कहा कि ऐसा संभव है कि सोयाबीन और शुगर जैसे प्रोडक्‍ट आप अमेरि‍का की बजाए भारत से लें। अगर हमें मौका दि‍या जाए तो हम हर तरह की क्‍वालि‍टी व आपके कि‍सानों के हि‍तों का ध्‍यान रखते हुए इस बात को आगे बढ़ा सकते हैं। भारत ने जो दाव चला है वो अगर लग गया तो भारतीय कि‍सानों को इससे जबरदस्‍त फायदा पहुंचेगा। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट