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ना बम ना बारूद, भारत की इस पावर से डरा चीन, बोला- इंडिया हमसे बेहतर

अपने रक्षा बजट में 3 गुना बढ़ोतरी करने के करीब एक हफ्ते बाद चीन ने भारत की सॉफ्ट पावर की जमकर तारीफ की है....

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नई दिल्ली। अपने रक्षा बजट में 3 गुना बढ़ोतरी करने के करीब एक हफ्ते बाद चीन ने भारत की सॉफ्ट पावर की जमकर तारीफ की है। चीन ने कहा कि सॉफ्ट पावर के मामलेे  में भारत हमसे बेहतर है और हमे चीन से सीखना चाहिए। चीन के सरकारी मीडिया ने कहा कि भारत 'सॉफ्ट पावर' के क्षेत्र में चीन से ज्यादा अच्छा काम कर रहा है। चीने अपने देश में बढ़ते योग और हॉलीवुड के असर को इसका सबसे बड़ा उदाहरण बताया है। एक्‍सपर्ट भी इस बात से इनकार नहीं करते हैं। 

 

योग ने भारत को बनाया सॉफ्ट पावर 
चीन के अखबार ग्लोबल टाइम्स ने छपी रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को सॉफ्ट पावर बनाने में योग ने सबसे बड़ी भूमिका अदा की है। चीन इससे प्रभावित है। हमें भारत से सीखना। किस तरह आसानी ने भारत ने योग को पूरी दुनिया में पॉपुलर कर दिया, जबकि अपने सहयोग से दुनिया भर के देशों में कई कल्‍चरल प्रामोशनल प्रोग्राम चलाने के बाद भी चीनी सरकार ऐसा करने में नाकाम रही है। पिछले दो सालों में चीन में योग काफी लोकप्रिय हुआ है। अखबार का दावा है कि चीन में योग क्लब तेजी से बढ़ रहे हैं। 

 

 

हिंदी फिल्‍मों का योगदान भी कम नहीं 
योग के अलावा जिस दूसरी चीन ने भारत को सॉफ्ट पावर बनाने में मदद की है, वह हैं हिंदी फिल्‍में। अखबार ने यह भी बताया कि किस तरह से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री चीन में भारत के सॉफ्ट पावर को मजबूत कर रही है। कई बॉलिवुड फिल्मों ने भारत को लेकर चीन और यहां के लोगों का अनुभव बदला है। आमिर खान आज चीन के घर घर में पहचाने जाने वाले अभिनेता हैं। उनकी फिल्‍म दंगल ने चीन में कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। सलमान की ट्यूबलाइट को भी चीन में काफी पॉपुलैरिटी मिली। सलमान खान एक और फिल्‍म 'बजरंगी भाईजान' बीजिंग में अभी भी हाउसफुल चल रही है।
 
 

क्‍या है इस साफ्टपॉवर का मतलब  
चीनी मीडिया के इस बखान से एक्‍सपर्ट भी सहमत हैं। उनका मानना है कि एक हद तक चीन तथा कई अन्‍य देशों में भारत अपनी सॉफ्ट पावर दिखाने में जरूर कामयाब रहा है। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में अंतरराष्‍ट्रीय मामलों के प्रोफेसर संजय भारतद्वाज के मुताबिक, एक हद तक हम यह जरूर कह सकते हैं, कि सॉफ्ट पॉवर दिखाने में कहीं न कहीं भारत कामयाब जरूर रहा है। 


 

इस पॉवर के भारत के लिए मायने 
इस सवाल पर प्रोसेसर भारतद्वाज थोड़ा क्रिटिकल नजर आते हैं। निश्चित तौर पर भारत के लिए चीनी मीडिया में खबरें आना यह बताता है कि हम सॉफ्ट पावर के तौर पर तेजी के साथ ओगे बढ़ रहा है। हालांकि हम अब भी इसे अपने फायदे में कन्‍वर्ट करने में कामयाब नहीं हो पाए हैं। भारद्वाज के मुताबिक, अगर भारत की साफ्ट इकोनॉमिक या पॉलिटिकल फायदे में बदल पाए तो इसका असर गहरा होगा।  

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