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अमेरिका की दादागीरी का भारत ने निकाला तोड़, ईरान से ऐसे खरीदेगा सस्ता तेल

सऊदी से भी सस्ता तेल दे रहा था ईरान, अमेरिका ने दिखाई दादागीरी, भारत ने ऐसे निकाला तोड़

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नई दिल्ली। अमेरिका की ओर से ईरान पर लगाए गए ताजा प्रतिबंधों के चलते ईरान से आयॅल इम्पोर्ट बंद होने का चीन, तुर्की समेत भारत ने नया तोड़ निकाल लिया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने अब ईरानी टैंकर्स से अपने यहां पेट्रोलियम प्रोडक्ट मंगाने का निर्णय लिया है। बता दें कि अमेरिका की ओर से ईरान पर नवंबर में नए सिरे से प्रतिबंध लगने वाले हैं। ऐसे में चीन और भारत इससे निपटने के लिए अभी से तैयारियों में जुट गए हैं। ईरानी टैंकर्स से ऑयल मंगाना इसी स्ट्रैटेजी का हिस्सा है। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 2015 में यूएस को एक परमाणु डील से बाहर कर लिया था जो ईरान और 6 बड़े देशों के बीच होनी थी। साथ ही ईरान पर फिर से प्रतिबंध लगाने की बात भी कही थी। 

टॉप शिपिंग कंपनियां नहीं जा रहीं ईरान 

अमेरिका की ओर से प्रतिबंध की घोषणा के बाद भारत की टॉप शिपिंग कंपनियां अब ईरान जाने से कतरा रहीं हैं। उन्हें डर है कि ऐसा करने से उनके इंश्योरेंस और पेमेंट अटक सकता है। ये दोनों सुविधाएं ज्यादातर अमेरिकी और अमेरिकी प्रभाव वाली कंपनियां ही मुहैया कराती हैं। इसके चलते भारत और चीन का नया स्ट्रैटेजी पर काम करना पड़ा है। अब भारत सरकार ने इसका तोड़ निकालते हुए, राज्य की रिफाइनरीज को इजाजत दी है कि वे ईरान की ओर से मुहैया करवाए जा रहे टैंकर्स और इंश्योरेंस  की सुविधा का फायदा उठाकर तेल मंगा सकती हैं। 

 

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चीन पहले ही ले चुका है फैसला 

भारत सरकार ने यह फैसला चीन के बाद लिया है। प्रतिबंध का वक्त नजदीक आते-आते चीन ने भी सारा आयात नैशनल ईरानियन टैंकर कंपनी (NITC) से करवाना शुरू कर दिया था। दरअसल, यूएस के प्रतिबंधों के बाद पश्चिम की बीमा कंपनियां डर गई हैं और शिपिंग का बीमा नहीं कर रहीं। भारत को भी NITC का रुख इसलिए ही करना पड़ा है। ब्लूमर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्की भी कुछ इसी तरह की स्ट्रैटेजी पर काम कर रहा है। 

 

 

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ईरान के साथ अब CIF के तहत डील करें कंपनियां 
सरकार ने राज्य की रिफाइनरीज को कहा है कि वह ईरान के साथ अब CIF (कॉस्ट, इंश्योरेंस और फ्रेट) के तहत डील करें। इसके अंतर्गत ईरान इंश्योरेंस और शिपिंग की व्यवस्था करेगा। ऐसे में भारत पश्चिमी बीमा कंपनियां के बीमा न करने के बावजूद राहत में रहेगा। भारत और चीन ईरान से तेल खरीदनेवाले मुख्य दो देश हैं। अगर दोनों देश प्रतिबंध के बाद भी ईरान से तेल खरीदना जारी रखेंगे तो उसपर असर कम होगा और वह ऑइल की वैश्विक मार्केट से पूरी तरह से बाहर नहीं होगा। 

 

 

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भारत को सस्ता तेल दे रहा है ईरान 
अब भारत की इस डील से इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम और मैंगलोर रिफाइनरी (एमआरपीएल) को फायदा होगा। भारत ईरान से तेल खरीदना जारी रखना चाहता है क्योंकि वह लगभग फ्री शिपिंग और क्रेडिट पीरियड में भी छूट दे रहा है। इसके चलते ईरानी कच्चा तेल सऊदी अरब से भी सस्ता पड़ रहा है। इस वजह से राज्यों की रिफाइनरी, जिन्होंने जुलाई में ईरान से 768,000 बैरल (प्रति दिन) तेल लिया है वह इस प्रॉडक्शन को 2018/19 में डबल करना चाहते हैं। बता दें कि चीन के बाद भारत ही ईरान का सबसे बड़े तेल का खरीददार है। 

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