Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

बीजेपी सरकार बनने के बाद के सबसे ऊंचे रेट पर पेट्रोल, कीमत 74.40 रुपए पर आधी से भी कम कीमत में मिल रही हैं ब्रांडेड घड़ियां, उठाएं मौके का फायदा Tech in gadgets: बैटरी नहीं होती जिम्‍मेदार, स्‍मार्टफोन की स्‍लो चार्जिंग के ये हैं 3 दुश्‍मन नीरव मोदी, माल्‍या जैसे भगोड़ों की प्रॉपर्टी होगी जब्‍त, सरकार ने अध्‍यादेश को दी मंजूरी मैन्‍युफैक्‍चरिंग जीडीपी को बढ़ाएगी नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी : प्रभु 164 लाख करोड़ डॉलर के कर्ज पर बैठी दुनि‍या, पब्‍लि‍क-प्राइवेट डेट बना जोखि‍म मासूम से बलात्‍कार के मामलों में होगी फांसी, कैबिनेट ने अध्‍यादेश को दी मंजूरी यशवंत सिन्‍हा ने भाजपा छोड़ी हैदराबाद में डीजल स्मगलिंग रैकेट का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार और 1 करोड़ का डीजल सीज 349 रु में खरीदिए 1400 रुपए का कुर्ता, गर्मियों में जमेगी धाक बैंकों में जमा हुए रिकॉर्ड जाली नोट, 4.73 लाख हुए संदिग्ध ट्रांजैक्शन; नोटबंदी के बाद पहली रिपोर्ट अगले 2 महीनों में 85 डॉलर/बैरल तक पहुंच सकता है क्रूड, और महंगा होगा पेट्रोल-डीजल GST रिटर्न भरने के लिए आएगा सिंगल पेज का फार्म, 6 महीने में लागू होगी व्‍यवस्‍था इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस को 1030 करोड़ का हुआ मुनाफा, लोन ग्रोथ मजबूत हुई खास खबर : क्‍या रोड इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर से बदलेगी भारत की इकोनॉमी ?
बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Internationalभारत इन्‍वेस्‍टमेंट के लिए दुनिया का 5वां सबसे अट्रैक्टिव मार्केट, एक पायदान बढ़ी रैंकिंग

भारत इन्‍वेस्‍टमेंट के लिए दुनिया का 5वां सबसे अट्रैक्टिव मार्केट, एक पायदान बढ़ी रैंकिंग

दावोस. इन्‍वेस्‍टमेंट के लिए भारत दुनिया का पांचवां सबसे अट्रैक्टिव मार्केट हो गया है। पिछले साल भारत छठे नंबर पर था। WEF की सालाना मीटिंग के दौरान कंसल्‍टेंसी फर्म PwC की ओर से जारी ग्‍लोबल सीईओ सर्वे के अनुसार, 2018 में भारत ने जापान से पांचवे सबसे अट्रैक्टिव मार्केट की पोजिशन छीन ली। टॉप मार्केट की रैंकिंग में अमेरिका पहले नंबर पर बना हुआ है। 

 

सर्वे के अनुसार, 46 फीसदी ग्‍लोबल सीईओ ने अमेरिका को इन्‍वेस्‍टमेंट के लिए सबसे अट्रैक्टिव मार्केट माना है। वहीं, चीन दूसरे (33 फीसदी) और जर्मनी (20 फीसदी) तीसरे नंबर पर है। 15 फीसदी सीईओ के फेवर के साथ यूके चौथे और 9 फीसदी फेवर के साथ भारत पाचवें नंबर पर है। PwC इंडिया  के चेयरमैन श्‍यामल मुखर्जी का कहना है कि मजबूत स्‍ट्रक्‍चरल रिफॉर्म के चलते पिछले एक साल में भारत बेहतर स्थिति में आया है। 

 

साइबर सिक्‍युरिटी, क्‍लाइमेट चेंज चैलेंज 

श्‍यामल मुखर्जी का कहना है कि हमारे अधिकांश क्‍लाइंट भारत में अपनी ग्रोथ को लेकर आशान्वित हैं। सरकार ने इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर, मैन्‍युफैक्‍चरिंग, स्किलिंग से जुड़ी दिक्‍कतों को दूर करने के लिए प्रयास किए हैं। हालांकि इसके बावजूद, साइबर सिक्‍युरिटी और क्‍लाइमेट चेंज जैसी नई समस्‍याओं को लेकर क्‍लाइंट्स चिंताएं सामने आ रही हैं।  

 

जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता ग्‍लोबल समस्‍या 

रिपोर्ट के अनुसार, ग्‍लोबल सीईओ दुनिया कारोबार के लिए बेहतर होते माहौल के बावजूद ग्‍लोबल लेवल पर सोशल और इकोनॉमिक चुनौतियों हैं। इनमें जियोपॉलिटिकल टेंशन, साइबर खतरा और आतंकवाद बड़ा चैलेंज है। 40  फीसदी सीईओ जियोपॉलिटिकल टेंशन और साइबर खतरे को सबसे बड़ा चैलेंज मानते हैं, जबकि 41 फीसदी की नजर में आतंकवाद ज्‍यादा खतरनाक है।  

 

 

ट्रस्‍ट इंडेक्‍स में पिछड़ा भारत 

इससे पहले, सोमवार को जारी ट्रस्ट इंडेक्स में चीन पब्लिक और जनरल पॉपुलेशन दोनों सेगमेंट्स में टॉप पर रहा है, जिनमें उसे क्रमशः 83 और 74 अंक मिले हैं। इन दोनों ही श्रेणियों में भारत तीसरे पायदान पर रहा, जहां पब्लिक सेगमेंट में भारत को 77 और जनरल पॉपुलेशन में 68 अंक मिले। इंडोनेशिया दूसरे पायदान पर रहा। 28 देशों के 33 हजार से ज्यादा रिस्पॉन्डेंट्स पर हुए एक ऑनलाइन सर्वे के आधार पर ये निष्कर्ष निकाले गए। इस सर्वे के लिए फील्डवर्क 28 अक्टूबर और 20 नवंबर, 2017 के बीच कराया गया था। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की एनुअल समिट से पहले जारी 2018 एडलमैन ट्रस्ट बैरोमीटर के मुताबिक सरकार, बिजनेस, एनजीओ और मीडिया के क्षेत्र में लोगों का भरोसा काफी हद तक बीते साल के समान रहा है। हालांकि बीते साल की तुलना में इसमें खासी गिरावट दर्ज की गई है। एक सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है।

 

Get Latest Update on Budget 2018 in Hindi

और देखने के लिए नीचे की स्लाइड क्लिक करें

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.