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कर्ज तो दूर, कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए पाकिस्तान को लेना पड़ रहा उधार

कर्ज का बोझ बर्दाश्त नहीं कर पा रही पाकिस्तान की इकोनॉमी

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नई दिल्ली. पाकिस्तान की नई इमरान खान सरकार ने अपना काम-काज शुरू कर दिया है। इस सिलसिले में इमरान ने हाल में देश की जनता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देश के सामने मौजूदा आर्थिक चुनौतियों और अपनी सरकार का फ्यूचर प्लान भी लोगों के सामने साझा किया। पाकिस्तान के सरकारी टीवी पर एक घंटे से भी ज्यादा देर तक दिए गए भाषण में उन्होंने कुछ ऐसे आंकड़े पेश किए, जो ये बताने के लिए काफी हैं, कि पाकिस्तान की इकोनॉमी हमारी-आपकी सोच से भी ज्यादा बुरे दौर में पहुंच चुकी है। इमरान ने बताया कि कैसे पाकिस्तान की इकोनॉमी अब कर्ज के बोझ को बर्दाश्त करने की हालत में नहीं है। पाकिस्कतान का कर्ज हाल के दौरान बड़ी तेजी के साथ बढ़ा है, जबकि कमाई की हालत पहले के मुकाबले और ज्यादा खराब हो चली है। आइए जानते हैं कि इकोनॉमी के लिहाज से पस्त पाक की कुछ ऐसी ही हकीकत के बारे में ....... 

 

10 साल में कर्ज आसमान पर पहुंचा 
पाकिस्तान का कर्ज इस समय अपनी एतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच चुका है। इमरान ने जो डाटा पेश किया उसके मुताबिक, देश की इकोनॉमी पर 28 हजार अरब पाकिस्तानी रुपए का कर्ज है। अन्य देशों की ओर से जो पाकिस्तान को जो कर्ज दिया गया है, वो अब 95 अरब डॉलर  (करीब 12 हजार अरब पाकिस्तानी रुपए) का हो चुका है। इमरान के मुताबिक, 2013 में यह मात्र 60 अरब डॉलर (करीब 7 हजार अरब पाकिस्तानी रुपए) का था।    


10 साल में 6 हजार अरब से 28 हजार अरब पर पहुंचा कर्ज
इमरान ने दावा किया कि 1947 में मुल्क बनने के बाद से 2008 तक पाकिस्तान के ऊपर मात्र 6 हजार अरब पाकिस्तानी रुपए का कर्ज था। हालांकि 10 साल बाद 2018 में यह कर्ज बढ़कर 28 हजार अरब पाकिस्तानी रुपए के लेवल पर पहुंच गया। बकौल इमरान- देश में 2008 से 2013 के बीच पीपीपी की सरकार रही, इस दौरान देश का कर्ज 6 हजार अरब से बढ़कर 15 हजार अरब पर पहुंच गया। वहीं 2013 में पीएमएल-एन की सरकार में यानी 2013 से 2018 तक यह कर्ज 15 हजार अरब रुपए से बढ़कर 28 हजार अरब रुपए के लेवल पर पहुंच गया। 

 

आगे पढ़ें-  कर्ज का ब्याज भी उतारने के लिए लेना पड़ रहा कर्ज 

 

 

कर्ज का ब्याज भी उतारने के लिए लेना पड़ रहा कर्ज 
इमरान के मुताबिक, पाकिस्तान के आर्थिक हालात अब इतने बदतर हो चुके हैं, कि वह अपने ऊपर चढ़े कर्ज का भुगतान भी नहीं कर पा रहा है। हालत यहां तक पहुंच गई है कि मुल्क को कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए भी कर्ज लेना पड़ रहा है। इमरान के मुताबिक, 2013 में उनका देश हर साल 2 अरब डॉलर का भुगतान सिर्फ कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए कर रहा था, अब उसे हर महीनें 2 अरब डॉलर का भुगतान इस मद में कर रहा है। 

 

आगे पढ़ें- ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स में भी पिछड़ा देश 

 

 

ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स में भी पिछड़ा देश 

 

यही नहीं यूएनडीपी की ओर से तैयार रिपोर्ट में पाकिस्तान ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स में दुनिया के 5 सबसे पिछड़े देशों में शुमार है। इसके मुताबिक, कुपोषण के चलते बच्चों की होने वाली मौत के मामले में पाकिस्तान दुनिया के टॉप 5 देशों में शामिल है। 20 करोड़ की आबानी वाले देश में करीब 2 करोड़ बच्चे अब भी स्कूल का मुंह नहीं देख पाए हैं।  
 

 

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