विज्ञापन
Home » Economy » InternationalPakistani economy will go back two decade in war with India

अगर भारत के साथ हुई जंग, तो ज्यादा दिन टिक नहीं पाएगा पाकिस्तान, होंगे ये 6 बड़े असर

विदेशी मदद से भरोसे चल रहे पाक की अर्थव्यवस्था हो जाएगी तबाह  

1 of

नई दिल्ली. भारत और पाकिस्तान के बीच जंग के हालात बन रहे हैं। ऐसे में अगर जंग होती है, तो इसमें पाकिस्तान का ज्यादा नुकसान होगा, क्योंकि पिछले कारगिल वार के बाद से भारतीय सेना काफी मजबूत हुई है, जबकि पाकिस्तानी सेना को चीन को छोड़कर कोई भी देश रक्षा उपकरण नहीं दे रहा है। ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान दी जाने वाली 30 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद रद्द रखी है। इसके चलते पाकिस्तान के लिए सैन्य शक्ति को बढ़ाने में मुश्किल हो रही है। 

 

विदेशी मुद्रा भंडार हो जाएगा खाली

युद्ध की स्तिथि में पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार खाली हो जाएगा। पाक के पास महज 18 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है। भारत इस मामले में पाक से 20 गुना आगे हैं। ऐसे में पाक के लिए जरूरी सामानो के आयात करना मुश्किल हो जाएगा। बता दें कि भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार पाकिस्तान के मुकाबले 9 गुना ज्यादा है। 
 

डॉलर के मुकाबले कमजोर होगा पाकिस्तानी रुपया 


आर्थिक जानकारों की मानें तो युद्ध होने पर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी करेंसी की कीमत गिरकर 200 रुपए प्रति डॉलर हो सकती है। इसका यह असर होगा कि महंगाई बढ़ सकती है। कच्चे तेल का इंपोर्ट महंगा हो जाएगा। माल ढुलाई महंगी होगी तो सब्जियां और खाने-पीने का सामान महंगा हो जाएगा। बता दें के भारतीय रुपए के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया करीब दोगुना है। डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपये की विनिमय दर 144 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच चुकी है, जबकि भारतीय रुपया 70 के करीब है।

 

चालू खाता घाटा में होगा इजाफा 

पाकिस्तान की आबादी 197 मिलियन है। उसका जीडीपी बेस 305 बिलियन डॉलर है। पाकिस्तान को टैक्स से केवल 27 बिलियन डॉलर रेवेन्यू मिलता है, जबकि कुल बजट का 26 फीसदी 4200  बिलियन डिफेंस पर खर्च कर देता है। साल 2018 की सितंबर माह की अंतिम तिमाही में पाकिस्तान का चालू खाता घाटा (CAD) बढ़कर 60 फीसदी हो गया। इसके अलावा पाकिस्तान करेंसी कमजोर होती जा रही है। स्टॉक एक्सचेंज उथल पुथल में है।

 

पाक अर्थव्यवस्था हो जाएगी धराशायी

अगर युद्ध हुआ, तो विदेश मदद के भरोसे चल रहे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था धराशाई हो जाएगी। जरुरी सामानों के लिए विदेश मुद्रा जुटाना मुश्किल हो जाएगा। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए की फैक्टबुक की 2017 की रिपोर्ट के मुताबिक खरीददारी की शक्ति के मामले में पाकिस्तान 1 लाख करोड़ डॉलर के साथ काफी नीचे है, जबकि भारत 9.47 लाख करोड़ डॉलर के साथ अच्छी स्थिति में है। 

निवेश पर होगा असर 

पाकिस्तान में चीन और, यूएई और सऊदी अरब जैसे देश ही निवेश नहीं कर रहे हैं। इनमें से चीन ने निवेश कर दिया है, जबकि सउदी अरब ने 20 बिलियन डॉलर निवेश का वादा किया है। साथ ही यूएई की तरफ से भी निवेश का वादा किया गया है। लेकिन युद्ध होने पर पाकिस्तान से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) चला जाएगा। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में निवेश की दर महज 15 फीसदी है, जबकि भारत में यह आंकड़ा 30 फीसदी है। 

 

 

 

जंग में पाक को चीन का सपोर्ट नहीं

चीन ने पाकिस्तान में चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरीड़ोर के लिए अगले 20 सालों में 26.5 बिलियन डॉलर का निवेश किया है, जिसे वो 40 बिलियन डॉलर कर्ज और मुनाफे के साथ वापस करना है। लेकिन जंग की हालात में पाकिस्तान के लिए ऐसा करना संभव नहीं होगा। इसलिए चीन भी पाकिस्तान पर युद्ध शुरू न करने का दबाव डाल रहा है। वहीं विश्व के अन्य देश भी पाकिस्तान पर आतंकी शिविर खत्म करने का जोर दे रहे हैं। 
 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन