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अकबर-निजाम के आगे कहीं नहीं टिकते जेफ बेजोस, भले ही बन गए दुनिया के सबसे अमीर

बादशाह अकबर के कंट्रोल में दुनिया की 25% इकोनॉमी थी,जबकि निजाम के पास अमेरिका की जीडीपी के 2% के बराबर दौलत थी।

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नई दिल्‍ली। ब्लूमबर्ग बि‍लि‍नि‍यर्स इंडेक्‍स के मुताबिक, बीते सोमवार को जेफ बेजोस की नेटवर्थ 150 अरब डॉलर (करीब 10.27 लाख करोड़ रुपए) हो गई है। करीब 36 घंटे की समर सेल, प्राइम डे के बाद बेजोस की नेटवर्थ में यह तेजी देखने को मिली। 150 अरब डॉलर की दौलत के साथ ही बेजोस मौजूदा आधुनिक इतिहास के अब तक के सबसे अमीर इंसान बनकर उभरे हैं। इस मामले में उन्‍होंने बिल गेट्स को पीछे छोड़ा। इस उपलब्धि के बाद बेजोस की तुलना मध्‍यकाल में माली के शासक मनसा मूसा से की जाने लगी है। मूसा को अब तक के इतिहास का सबसे अमीर शख्‍स कहा जाता है। 

मूसा के अलावा मानव सभ्‍यता के इतिहास के अमीरों में 2 भारतीयों का भी नाम आता है। इसमें बादशाह अकबर और हैदराबाद के आखिरी निजाम उस्‍मान अली खान का नाम शामिल है। आइए जानते हैं कि 150 अरब डॉलर की दौलत के साथ क्‍या बेजोस बादशाह अकबर और हैदराबाद के आखिरी निजाम से भी अमीर हो चुके हैं।  अगर देखा जाय तो ऐसा नहीं है। अकबर के पास दुनिया की जीडीपी का 25 फीसदी कंट्रोल में था। जबकि हैदराबाद के निजाम की दौलत  1947 में अमेरिका के जीडीपी के 2 फीसदी के बराबर थी। इन दोनो मामलों में जेफ बेजोस काफी पीछे हैं।

 

आखिर निजाम के पास थी कितनी संपत्ति 
हैदराबाद के आखिरी निजाम उस्‍मान अली खान को अब तक का सबसे अमीर भारतीय माना जाता है। टाइम और फॉर्च्‍यून जैसी मैगजीन्‍स ने उस्‍मान को यह खिताब दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1940 के दशक में उस्‍मान अली खान की कुल संपत्ति करीब 2 अरब डॉलर थी। यह संपत्ति उस वक्‍त अमेरिका की इकोनॉमी का करीब 2 फीसदी थी। आजादी के भारत का कुल रेवन्‍यू महज एक अरब डॉलर था, जबकि निजाम के पास 2 अरब डॉलर की संपत्ति थी। इससे हिसाब से वह अपने दौर में भारत सरकार से भी ज्‍यादा रईस था। मौजूदा समय में राष्‍ट्रपति भवन में जितने लोग काम करते हैं, निजाम के महल में उससे ज्‍यादा नौकर काम करते थे। 

 

कितनी थी बादशाह अकबर की दौलत 
टाइम मैगजीन ने बादशाह अकबर को इतिहास के सबसे अमीर लोगों में शामिल किया था। भारत में मुगल वंश के महान शासक अकबर जिस साम्राज्य को संभालते थे, ग्‍लोबल इकोनॉमी में उसकी हिस्‍सेदारी करीब 25 फीसदी थी। टाइम के मुताबिक, अकबर के शासन की जीडीपी एलिजाबेथ के ब्रिटिश एंपायर के बराबर ही था। लेकिन मुगल शासक वर्ग का रहन-सहन ब्रिटिश राजघराने से कहीं ज्‍यादा शानदार था। इकोनॉमिस्‍ट ब्रैंकों मिलनोविस के मुताबिक, मुगल दौर के शासक वर्ग का रहन-सहन पश्चिमी शासकों के मुकाबले ज्‍यादा शाही था। मिलनोविस ने रिसर्च में दावा किया है कि मुगल साम्राज्‍य अब तक के सबसे प्रभावशाली साम्राज्‍यों में से एक रहा है।

 

 

आगे पढ़ें- आखिर निजाम की दौलत के आगे कहां ठहरते हैं जेफ बेजोस  

निजाम और बेजोस की दौलत मे कितना अंतर 


बेजोस दौलत की तुलना हैदराबाद के आखिरी निजाम से करने का सबसे बेहतर तरीका यही है कि दोनों की संपत्तियों के मौजूदा असर को देखा जाए। जैसा की ऊपर बताया गया कि 1940 के दशक में निजाम की कुल संपत्ति उस वक्‍त अमेरिका की इकोनॉमी का करीब 2 फीसदी थी। निजाम के मुकाबले बेजोस की संपत्ति आंकने का बेहतर तरीका यही है कि यह देख लिया जाए कि क्‍या बेजोस की संपत्ति अमेरिकी इकोनॉमी का 2 फीसदी या इससे ज्‍यादा है। अगर है तो वह निजाम से ज्‍यादा अमीर माने जा सकते हैं। अमेरिका की कुल जीडीपी इस समय करीब 19.42 लाख करोड़ डॉलर है। इस हिसाब से देखें तो बेजोस की कुल संपत्ति करीब 388 अरब डॉलर (अमेरिका की मौजूदा इकोनॉमी का 2 फीसदी ) या इससे ज्‍यादा होनी चाहिए। उनकी नेटवर्थ अभी 150 अरब डॉलर ही है। यह दौलत  388 अरब डॉलर के आधे से भी कम है। इस तरह से कहा जा सकता है कि बेजोस अब भी निजाम की दौलत से आधे से ज्‍यादा पीछे हैं। 

 

आगे पढ़ें- बादशाह अकबर और बेजोस की दौलत में कितना अंतर   

 

बादशाह अकबर और बेजोस की दौलत में कितना अंतर   


टाइम के मुताबिक, बादशाह अकबर अपने दौर में दुनिया की कुल जीडीपी के 25 फीसदी हिस्‍से को कंट्रोल करते थे। ऐसे में यह देखना पड़ेगा कि क्‍या बेजोस उस  स्थिति में हैं। ऊपर जैसा की बताया गया कि बेजोस की मौजूदा नेटवर्थ अभी अमेरिकी की कुल जीडीपी का 1 फीसदी भी नहीं पहुंची है। बादशाह अकबर की कब्‍जे में दुनिया की 25 फीसदी जीडीपी थी। मतलब बेजोस बादशाह अकबर के सामने भी कहीं नहीं ठहरते हैं।  

 

 

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