Home » Economy » InternationalH-1B Visa Application, United States Citizenship, Travel Visa, H-1B वीजा के लिए अमेरिका में पिटीशन फाइलिंग की प्रोसेस आज से शुरू

H-1B वीजा के लिए आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू, छोटी सी गलती से रिजेक्‍ट हो जाएगी एप्‍लीकेशन

अमेरिका में H-1B वीजा के लिए पिटीशन फाइलिंग की प्रोसेस 2 अप्रैल से शुरू होगी।

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वाशिंगटन. अमेरिका में H-1B वीजा के लिए पिटीशन फाइलिंग की प्रोसेस 2 अप्रैल से शुरू होगी। H-1B वीजा को लेकर प्रोसेस को देखने वाली फेडरल एजेंसी यूएस सिटीजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने यह संकेत दिया है कि इस प्रोसेस में छोटी से छोटी गलती भी बर्दाश्‍त नहीं की जाएगी। इसे देखते हुए कई सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म्‍स और ग्रुप्‍स पर चर्चा है कि इस बार बड़े पैमाने पर H-1B वीजा के लिए पिटीशन रिजेक्‍ट होंगी। 

 
H-1B वीजा एक नॉन-इमीग्रैंट वीजा है, जो अमेरिकी कंपनियों को थियोर्टिकल और टेक्‍नीकल कामों के लिए विदेशी स्किल्‍ड वर्कर्स को रखने की इजाजत देता है। अमेरिकी टेक्‍नोलॉजी कंपनियां हर साल भारत और चीन जैसे देशों से लाखों इंप्‍लॉइज को हायर करती हैं। 
 

1 वित्‍त वर्ष में दिए जाते हैं 65,000 H1-B वीजा

अमेरिकी कांग्रेस ने H1-B वीजा के तहत हर वित्‍त वर्ष में 65,000 वीजा देना तय किया हुआ है। अमेरिका की मास्‍टर डिग्री या इससे बड़ी डिग्री रखने वालों की ओर से फाइल की गई पहली 20,000 पिटीशंस इस लिमिट से बाहर हैं। 
 

1 अक्‍टूबर से शुरू होगी एप्‍लीकेशन पर आगे की प्रक्रिया 

वित्‍त वर्ष 2019 क लिए H-1B वीजा एप्‍लीकेशंस को लेकर प्रोसेस 1 अक्‍टूबर 2018 से शुरू हो रही है। USCIS ने आगाह किया है कि सभी डुप्‍लीकेट एप्‍लीकेशंस को रिजेक्‍ट कर दिया जाएगा। दरअसल H1-B वीजा के लिए एप्‍लीकेंट्स के लॉटरी में नाम निकलने के चांसेज ज्‍यादा रहें, इसलिए कंपनियां अपनी ओर से डुप्‍लीकेट पिटीशन फाइल कर देती हैं। USCIS ने यह भी कहा है कि वह जल्‍द से जल्‍द रोजगार दिलाने की रिक्‍वेस्‍ट वाली या ASAP लिखी हुई पिटीशंस को भी रिजेक्‍ट कर देगा। 
 

प्रीमियम प्रोसेसिंग को अस्‍थायी तौर पर किया स्‍थगित 

2 अप्रैल से भारी मात्रा में H-1B वीजा के लिए एप्‍लीकेशन आने और उनकी जांच में लगने वाले बहुत ज्‍यादा टाइम को देखते हुए USCIS ने प्रीमियम प्रोसेसिंग को अस्‍थायी तौर पर स्‍थगित कर दिया है। USCIS ने कहा है कि वह जल्‍द ही प्रीमियम प्रोसेसिंग फिर से शुरू किए जाने की तारीख घोषित करेगा। अभी USCIS ने इस बात का संकेत नहीं दिया है कि लॉटरी का ड्रॉ कंप्‍यूटराइज्‍ड होगा या नहीं। 
 

भारतीय कंपनियों के लिए 6000 डॉलर है एक एप्‍लीकेशन पर फीस 

अमेरिका में हाइली स्क्ल्डि इंडियन प्रोफेशल्‍स के खिलाफ चल रहे जनरल कैंपेन को दखते हुए इस बार भारतीय कंपनियों के आवेदनों की कड़ी जांच होने की संभावना है। पहले की तरह ही इस बार भी भारतीय कपंनियों द्वारा प्रति आवदेन पर दी जाने वाली फीस अन्‍य देशों के मुकाबले काफी ज्‍यादा होगी। भारतीय कंपनियों को हर H-1B वीजा एप्‍लीकेशन पर औसतर 6000 डॉलर का भुगतान करना होता है। 
 

अमेरिकी वर्कर्स का हित है प्राथमिकता: USCIS

USCIS ने कहा कि कुछ इंप्‍लॉयर्स H-1B वीजा का गलत इस्‍तेमाल कर अमेरिका के क्‍वालिफाइड और डिजर्विंग वर्कर्स की उपेक्षा करते हैं। इस वीजा प्रोग्राम के गलत इस्‍तेमाल से अमेरिकी वर्कर्स को कम वेतन और अवसरों की कमी का सामना करना पड़ सकता है। अमेरिकी वर्कर्स को इंप्‍लॉयमेंट बेस्ड इमीग्रेशन प्रोग्राम्‍स के जरिए होने वाली धोखेबाजी से बचाना USCIS की प्राथमिकता है। इसलिए एजेंसी H-1B वीजा के लिए पिटीशन फाइल करने वालों को लेकर साइट विजिट, इंटरव्‍यू और जांच को बढ़ाकर इस दिशा में अपने प्रयासों को बढ़ा रही है। 
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