झूठे पाकिस्तान की पोल खोलेगी यह टीम, आतंकियों को धन देने की करेगी जांच

FATF team in Pak to review its progress on global standards against financial crimes: आर्थिक अपराधों तथा मनी लॉन्ड्रिंग पर लगाम लगाने वाले अंतरराष्ट्रीय संगठन फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) का एक विशेषज्ञ दल वैश्विक मानकों पर आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने की दिशा में पाकिस्तान की प्रगति की समीक्षा करेगा। पाकिस्तान पर जैश-ए-मोहम्मद जैसे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों को आश्रय देने का आरोप है।

Money Bhaskar

Mar 26,2019 12:54:00 PM IST

नई दिल्ली। आर्थिक अपराधों तथा मनी लॉन्ड्रिंग पर लगाम लगाने वाले अंतरराष्ट्रीय संगठन फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) का एक विशेषज्ञ दल वैश्विक मानकों पर आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने की दिशा में पाकिस्तान की प्रगति की समीक्षा करेगा। पीटीआई के अनुसार, यह प्रतिनिधिमंडल सोमवार को इस्लामाबाद पहुंच गया। पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के ऊपर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ गया है। उसके ऊपर जैश-ए-मोहम्मद जैसे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों को आश्रय देने का आरोप है।

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एफएटीएफ ने पाक को ग्रे सूची में डाला था
एफएटीएफ ने पिछले साल जून में पाकिस्तान को ‘ग्रे’ सूची में डाल दिया था। किसी भी देश को ‘ग्रे’ सूची में डालने का मतलब होता है कि वह देश मनी लांड्रिग तथा आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने में पूरी तरह कारगर कदम नहीं उठा रहा है। पाकिस्तान के समाचार चैनल जियो न्यूज के अनुसार, एफएटीएफ से संबंधित एशिया-प्रशांत समूह (एपीजी) के प्रतिनिधिमंडल में न्यू स्कॉटलैंड यार्ड के इयान कॉलिंस, अमेरिका के वित्त मंत्रालय के जेम्स प्रुसिंग, मालदीव के वित्तीय सतर्कता विभाग के अशरफ अब्दुल्ला, इंडोनेशिया के वित्त मंत्रालय के बॉबी वाह्यु हर्नावान, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के गांग जिंगयान, तुर्की के विधि मंत्रालय के मुस्तफा नेस्मेद्दीन तथा समूह के दो डिप्टी डाइरेक्टर मुहम्मद अल-राशदान और शैनन रदरफोर्ड शामिल हैं।

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आज से शुरू होंगी बैठकें
पाकिस्तान के अखबार डॉन के अनुसार प्रतिनिधिमंडल इस सप्ताह स्थानीय अधिकारियों से मिलकर वित्तीय अपराधों के खिलाफ वैश्विक मानकों की दिशा में पाकिस्तान की प्रगति की समीक्षा करेगा। पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ खकान एच. नजीब ने कहा कि बैठकें मंगलवार से शुरू होंगी और गुरुवार तक चलेंगी। उन्होंने कहा कि समूह का प्रतिनिधिमंडल स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमिशन ऑफ पाकिस्तान, इलेक्शन कमिशन ऑफ पाकिस्तान, विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी प्राधिकरण, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और आतंकवाद रोधी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठकें करेगा।

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पाकिस्तान रखेगा अपना पक्ष
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मंत्रालयों एवं अन्य प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों को पाकिस्तान के प्रदर्शन के बारे में विश्लेषकों को बताने का अवसर मिलेगा। एपीजी के अंतरराष्ट्रीय सहयोग समीक्षा समूह की उप-इकाई एशिया-प्रशांत संयुक्त समूह में भारत की वित्तीय सतर्कता इकाई के महानिदेशक सह-अध्यक्ष हैं। पाकिस्तान भी एपीजी का एक सदस्य है और एपीजी ही एफएटीएफ के समक्ष पाकिस्तान का मामला पेश कर रहा है। पाकिस्तान ने उचित, तार्किक और बिना भेदभाव की समीक्षा सुनिश्चित करने के लिए एफएटीएफ के अध्यक्ष मार्शल बिलिंग्सलीआ को पत्र लिखकर भारत की जगह किसी अन्य को संयुक्त समूह का नया सह-अध्यक्ष नियुक्त करने की मांग की है।

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