Home » Economy » Internationalइन मशहूर हस्तियों को पसंद नहीं आया पाक, वापस आ गए भारत - Famous personality who left Pakistan and for India

इन लोगों को रास नहीं आया था पाकिस्‍तान, छोड़कर वापस आ गए भारत

आजादी के बाद जब देश दो हिस्‍सों में बंटा तो कई लोगों को भारत से पाकिस्‍तान और पाकिस्‍तान से भारत आना पड़ा।

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नई दिल्‍ली. आजादी के बाद जब देश दो हिस्‍सों में बंटा तो कई लोगों को भारत से पाकिस्‍तान और पाकिस्‍तान से भारत आना पड़ा। कई लोग ऐसे थे, जो ऐसा नहीं करना चाहते थे लेकिन फिर भी उन्‍हें अपनी जमीन-जायदाद, रिश्‍तेदार, पड़ोसी आदि को छोड़ना पड़ा।

 

रोचक बात यह है कि बंटवारे के बाद जितने गैर मुस्लिम पाकिस्‍तान से भारत आए, उतनी तादाद में भारत से मुसलमान पाकिस्‍तान नहीं गए। कई लोग तो ऐसे भी रहे, जिन्‍हें पाकिस्‍तान रास नहीं आया और वे एक दिन बाद ही वापस लौटकर भारत आ गए और ताउम्र भारत में ही रहे।

 

इन लोगों ने न केवल भारत को अपना घर बनाया बल्कि यहां की जानी-मानी हस्तियों में शामिल हो गए। आइए आपको बताते हैं इन्‍हीं हस्तियों के बारे में- 

 

साहिर लुधियानवी

मशहूर उर्दू शायर, गीतकार
 
मशहूर उर्दू शायर साहिर लुधियानवी भारत में पैदा हुए, लेकिन बंटवारे के बाद वह पाकिस्‍तान चले गए और लाहौर में रहने लगे। लेकिन उस जमाने के मशहूर फिल्‍मकार ख्‍वाजा अहमद अब्‍बास ने इंडिया वीकली मैगजीन में एक खुला खत लिखा। इसमें उन्‍होंने कहा, 'भले तुम पाकिस्‍तान में रहो, लेकिन कहलाओगे हिंदुस्‍तानी ही। अब्‍बास ने आगे कहा कि जब तक तुम अपना नाम नहीं बदल लेते तुम भारतीय शायर ही कहलाओगे। हां ये बात दीगर है कि पाकिस्‍तान भारत पर हमला करके लुधियाना को अपने देश में न मिला ले।' बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बात ने साहिर को इतना झकझोरा कि वह अपनी मां के साथ वापस भारत लौट आए। उसके बाद वह ताउम्र भारत में ही रहे और एक से बढ़कर एक फिल्‍मी गीत लिखे। हालांकि पाकिस्‍तानी अखबार ट्रिब्‍यून का दावा है कि पाकिस्‍तान सरकार की ओर से अरेस्‍ट वॉरंट जारी होने के बाद वह भारत आए थे।

 

 

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उस्‍ताद बड़े गुलाम अली खां

शास्‍त्रीय गायक
 
भारतीय शास्‍त्रीय संगीत में रुचि रखने वाला लगभग हर भारतीय बड़े गुलाम अली खां को जरूर जानता है। बड़े गुलाम अली खां भी ऐसे मुसलमानों में शामिल रहे, जिन्‍होंने भारत के लिए पाकिस्‍तान को छोड़ दिया।
वह बंटवारे के बाद पाकिस्‍तान गए लेकिन 1957 में उन्‍होंने भारतीय नागरिकता ले ली। अप्रैल 1968 में उनकी मौत हैदराबाद में हुई। डेली ट्रिब्‍यून के मुताबिक, उन्‍होंने अपने फेमस बयान में कहा था कि अगर हर घर का एक बच्‍चा हिंदुस्‍तानी संगीत सीखता तो भारत का बंटवारा नहीं होता।

 

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बेगम पारा

फेमस एक्‍ट्रेस 
 
बेगम पारा को 1940 के वक्‍त की देश की बेहद बोल्‍ड अभिनेत्रियों में से एक माना जाता था। बेगम पारा पाकिसतान में पैदा हुई थीं। उनकी शादी दिलीप कुमार के छोटे भाई नासिर खान से हुई थी। नासिर खान की 1975 में मौत हो गई थी। नासिर की मौत के बाद वह वापस पाकिस्‍तान चली गईं। लेकिन सिर्फ दो साल बाद वह भारत लौट आईं। बेगम पारा रणबीर कपूर की पहली फिल्‍म सांवरिया में पहली बार दिखीं थीं। 2008 में बेगम पारा की मुंबई में ही मौत हो गई।
 
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कुर्तलैन हैदर

मशहूर उर्दू लेखिका 
 
कुर्तलैन हैदर को आधुनिक उर्दू के बेहतरीन साहित्‍यकारों में से एक माना जाता है। उनका आग का दरिया उपन्‍यास भारत और पाकिस्‍तान दोनों देशों में बेहद फेमस हुआ था। कुर्तलैन हैदर भी बंटवारे के बाद पाकिस्‍तान चली गई थीं। हालांकि कुछ ही सालों बाद उन्‍हें अपने फैसले पर पछतावा हुआ और वह वापस भारत आ गईं। कुर्तलैन हैदर की मौत 2007 में अलीगढ़ में हुई। 

 

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जोगेंद्र नाथ मंडल

जोगेंद्र नाथ मंडल स्‍वतंत्रता आंदोलन में बड़े दलित नेता हुआ करते थे। वह पाकिस्‍तान की पहली सरकार में कानून और श्रम मंत्री भी बने थे। उन्‍हें अपने दौर में मुस्लिम लीग का बड़ा हिमायती माना जाता था। उन्‍हें उम्‍मीद थी कि वह पाकिस्‍तान में हिंदुओं के सुरक्षित भविष्‍य दिलाने में सफल रहेंगे। लेकिन जब पाकिस्‍तान में सरकार की ओर से हिंदुओं पर अत्‍याचार शुरू हुए तो दुखी होकर वह भारत चले आए। मंडल की मौत पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले में हुई।

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