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चीन के लिए बुरी खबर, अब इस सामान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की तैयारी

वाणिज्य मंत्रालय ने की सिफारिश, वित्त मंत्रालय को लेना है अंतिम फैसला

Commerce ministry for imposition of countervailing duty on imports of Chinese pneumatic tyres

Commerce ministry for imposition of countervailing duty on imports of Chinese pneumatic tyres: जैश ए मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को बचाने की कोशिश कर रहे चीन को भारत ने एक और झटका देने की तैयारी कर ली है। वाणिज्य मंत्रालय ने चीन से आयात होने वाले बसों और लॉरी के टायरों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की सिफारिश की है। मंत्रालय ने यह सिफारिश घरेलू उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए उठाया है।

नई दिल्ली। जैश ए मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को बचाने की कोशिश कर रहे चीन को भारत ने एक और झटका देने की तैयारी कर ली है। वाणिज्य मंत्रालय ने चीन से आयात होने वाले बसों और लॉरी के टायरों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की सिफारिश की है। मंत्रालय ने यह सिफारिश घरेलू उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए उठाया है। 

मंत्रालय ने डीजीटीआर की जांच के बाद की सिफारिश
चीनी अपने टायर उत्पादकों को निर्यात पर सब्सिडी की सुविधा प्रदान करता है। इससे चीनी उत्पाद सस्ते हो जाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए वाणिज्य मंत्रालय ने डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रे़ड रीमिडीज (डीजीटीआर) से जांच करने को कहा था। जांच के बाद डीजीटीआर ने कहा है कि चीनी सब्सिडी की भरपाई के लिए इस पर एक निश्चित प्रतिकारी शुल्क लगाने की आवश्यकता है। डीजीटीआर ने एक नोटिफिकेशन में कहा है कि चीनी उत्पाद पहले ही चीन से एंटी डंपिंग ड्यूटी का लाभ ले रहे हैं। ऐसे में एंटी डंपिंग ड्यूटी और विशेष प्रतिकारी शुल्क के अंतर के बराबर अतिरिकात प्रतिकारी शुल्क लगाया जा सकता है। हालांकि, इस प्रतिकारी शुल्क को लगाने को लेकर अंतिम फैसला वित्त मंत्रालय को लेना है। 

मोटर वाहन टायर निर्माता संघ ने की थी शिकायत 
मोटर वाहन निर्माता संघ ने चीन से आयातित बसों और लॉरी के टायरों पर अतिरिक्त कर लगाने को लेकर याचिका दायर की थी। संघ की याचिका के बाद निदेशालय ने यह जांच की। डीजीटीआर के अनुसार, घरेलू उत्पादकों ने कहा था कि चीन इन टायरों के उत्पादकों और निर्यातकों दोनों को सब्सिडी देता है। इस कारण घरेलू टायर चीनी उत्पादों के सामने नहीं टिक पाते हैं। संघ की याचिका के अनुसार, चीन अपने टायर उत्पादकों को ग्रांट, टैक्स इंसेटिव्स, एक्सपोर्ट फाइनेंशिंग, एक्सपोर्ट क्रेडिट और इक्विटी सपोर्ट के रूप में देता है। 2014-15 के 30,665 टन के मुकाबले चीन से आयात होने वाले टायरों का मात्रा 2016-17 में बढ़कर 81,896 टन हो गई है।
 

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