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पहले था भारत का बोलबाला, अब यहां भी चैलेंज बना चीन

चीन नेपाल की टूरिज्‍म इंडस्‍ट्री के लिए मोस्‍ट इम्‍पॉर्टेन्‍ट कंट्री सोर्स बनकर उभरा है।...

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नई दिल्‍ली। चीन नेपाल की टूरिज्‍म इंडस्‍ट्री के लिए मोस्‍ट इम्‍पॉर्टेन्‍ट कंट्री सोर्स बनकर उभरा है। यह बात नेपाल सरकार ने खुद मानी है। साउथ चाइना मॉर्निंग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी पर्यटकों की संख्‍या नेपान में तेजी के साथ बढ़ी है। इसके चलते इसकी सबसे बड़ी इंडस्‍ट्री में चीन मोस्‍ट इम्‍पोर्टेंट कंट्री सोर्स बनकर उभरा है। नेपाल टूरिज्‍म बोर्ड के सीईओ दीपक राज जोशी के मुताबिक, विदेश टूरिस्‍टों के नेपाल आने आने के मामले में चीनीयों की संख्‍या सबसे तेजी के साथ बढ़ी है। जोशी के मुताबिक, नेपाल विजिट के मामले में चीनियों की संख्‍या 20 से 30 फीसदी सालाना के हिसाब से बढ़ी है। एक दशक पहले जहां नेपाल में 30 से 35 हजार पर्यटक आते थे वहीं अब यह नंबर 1 लाख से ऊपर पहुंच चुका है। 

 

इंडिया को टक्‍कर 
आंकड़ों को बात करें तो चीनी पर्यटक यहां भारत को टक्‍कर देते नजर आ रहे हैं। पिछले साल भारत से करीब 1.60 लाख टूरिस्‍ट नेपाल थे, वहीं चीनियों की संख्‍या करीब 1.04 लाख रही। जोशी के मुताबिक, इस बार भारत से जहां 1.70 लाख टूरिस्‍ट के आने के अनुमान है, वहीं चीनी टूरिस्‍टों की संख्‍या 1.30 से 1.35 लाख के बीच रह सकती है। नेपाल चीन के लोगों का नया ठिकाना बनकर उभरा है। 

  

नेपाल में चीन की मनपसंद सरकार 
बता दें कि नेपाल में इस समय चीन की मनपसंद सरकार है। हाल में देश के पीएम बने केपी शर्मा ओली को चाइना फ्रैंडली लीडर माना जाता है। ऐसे में माना जा रहा है कि आर्थिक हितों का साधने के लिए आने वाले दिनों में नेपाल का झुकाव भारत के मुकाबले चीन की ओर अधिक रह सकता है। हाल के कुछ सालों की बात करें तो चीन में नेपाल में मजबूत आर्थिक जमीन तैयार की है।


 

नेपाल में एयरपोर्ट बना रहा चीन 
चीन नेपाल में 2 बड़े एयरपोर्ट बना रहा है। इसमें एक एयरपोर्ट वह पोखरा जबकि दूसरा लुंबिनी में बन रहा है। पोखरा जहां नेपाल के फेमस ट्रैकिंग गेटवे अन्‍नपुर्णा सर्किट के पास है, वहीं लुंबिनी भगवान बुद्ध की जन्‍म स्‍थली रही है। चीन तिब्‍बत से नेपाल के बीच रेलवे लाइन भी बिछा रहा है। इसकी लंबाई करीब 2 हजार किलोमीटर है। मौजूदा समय में करीब 5 चीनी एयरलाइंस नेपाल के लिए सीधी उड़ान ऑफर करती हैं। नेपाल का मानना है कि अगर रेलमार्ग से लुंबिनी जुड़ा तो सालाना करीब 25 लाख चीनी टूरिस्‍ट नेपाल आएंगे।

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