भारत का चीन के साथ व्यापार करना पड़ेगा महंगा, दोनों देशों में नहीं हो सकी ये बड़ी डील

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चीन ने भारत के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिसमें दोनों देशों के बीच लोकल करेंसी में व्यापार करने की बात कही गई थी। इससे भारत को चीन संग व्यापार से होने वाले घाटे को कम करने में मदद मिलती। लेकिन चीन ने भारत के इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। गौरतलब है कि वर्ष 2017-18 के बीच भारत से चीन को 13.4 बिलियन डॉलर का एक्सपोर्ट हुआ, जबकि चीन से आयात 76.4 बिलियन डॉलर हुआ। इस तरह भारत को 63 बिलियन डॉलर का व्यापार घाटा हुआ। 

Money Bhaskar

Dec 02,2018 02:47:00 PM IST

नई दिल्ली. चीन ने भारत के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिसमें दोनों देशों के बीच लोकल करेंसी में व्यापार करने की बात कही गई थी। इससे भारत को चीन संग व्यापार से होने वाले घाटे को कम करने में मदद मिलती। लेकिन चीन ने भारत के इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। गौरतलब है कि वर्ष 2017-18 के बीच भारत से चीन को 13.4 बिलियन डॉलर (933 अरब रुपए) का एक्सपोर्ट हुआ, जबकि चीन से आयात 76.4 बिलियन डॉलर (5.3 लाख करोड़ रुपए) हुआ। इस तरह भारत को 63 बिलियन डॉलर (4.3 लाख करोड़ रुपए) का व्यापार घाटा हुआ।

चीन से आयात में हो रहा है प्रति वर्ष इजाफा

भारत की ओर से चीन से आयात में प्रति वर्ष इजाफा हो रहा है, जो भारत के लिए एक चिंता की वजह बना हुआ है। चीन से भारत को वर्ष 2017-18 में 76.4 बिलियन डॉलर का आयात हुआ। यह वर्ष 2016-17 में 51.11 बिलियन डॉलर था। भारत में इस मुद्दे पर दोनों मंत्री स्तर पर अक्टूबर में एक बैठक हुई थी। इसमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और इकोनॉमिक अफेयर विभाग की ओर से चीन और भारत को आपसी मुद्रा में कारोबार का सुझाव दिया गया था।

आगे पढ़ें-अन्य देशों से घरेलू करेंसी में व्यापार पर जोर

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