मतलबी चीन को आतंक की बजाय अपने इकोनॉमिक कॉरिडोर की चिंता, इसलिए मसूद पर बैन के लिए राजी नहीं 

पाकिस्तानी सरपरस्ती में पुलवामा पर आंतकी हमले को अंजाम देने वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर कार्रवाई के लिए चीन राजी नहीं है। वह नहीं चाहता है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद मसूद पर प्रतिबंध लगाए।

money bhaskar

Mar 08,2019 02:54:00 PM IST

नई दिल्ली.
पाकिस्तानी सरपरस्ती में पुलवामा पर आंतकी हमले को अंजाम देने वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर कार्रवाई के लिए चीन राजी नहीं है। वह नहीं चाहता है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद मसूद पर मसूद पर कोई प्रतिबंध लगाए। पहले कयास लगाए जा रहे थे कि पुलवामा की वजह से इस बार चीन प्रतिबंध के लिए राजी हो सकता है लेकिन उसे यह डर सता रहा है कि मसूद बौखलाकर चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) को टारगेट न कर दे। इसी वजह से प्रतिबंध के प्रस्ताव पर सदस्य देशों को 13 मार्च तक निर्णय लेना मुश्किल साबित हो रहा है।

फ्रांस लाया है मसूद को बैन करने का प्रस्ताव


जैश सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए इस बार फ्रांस की तरफ से सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव लाया गया है। इसे 3 अन्य स्थायी सदस्यों- अमेरिका, ब्रिटेन और रूस का समर्थन हासिल है। सूत्रों के मुताबिक इस बार अजहर पर बैन के नए प्रस्ताव पर समर्थन का मूड बना रहा चीन यह कोशिश भी कर रहा है कि पाकिस्तान से उसे CPEC की सुरक्षा की गारंटी मिले। CPEC न सिर्फ पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान से होकर गुजरता है, बल्कि खैबर पख्तूख्वा के मानशेरा जिले से भी होकर गुजरता है, जहां बालाकोट स्थित है। इसी जिले में कई आतंकी प्रशिक्षण शिविर है। पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में ही जैश के सबसे बड़े ट्रेनिंग कैंप को तबाह किया था।

कारिडोर पर 10 हजारी चीनियों की चिंता


चीन के उप विदेश मंत्री कोंग जुआनयो ने 5-6 मार्च को पाकिस्तान का दौरा किया था। ऐसा माना जा रहा है कि उन्होंने CPEC की सुरक्षा की गारंटी को लेकर चर्चा की। CPEC चीन के महत्वाकांक्षी बेल्ट ऐंड रोड इनिशटिव (BRI) के तहत फ्लैगशिप प्रॉजेक्ट है। चीन के करीब 10,000 कर्मचारी CPEC से संबंधित तमाम प्रॉजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। इन्हीं की चिंता चीन को है।

बालाकोट में ही कारिडोर के लिए हुआ है जमीन अधिग्रहण


चीन ने हाल ही में CPEC के लिए बालाकोट के नजदीक बड़े पैमाने पर जमीन का अधिग्रहण किया है। जबकि POK से होकर पाकिस्तान को चीन से जोड़ने वाला काराकोरम हाइवे भी मानशेरा से होकर गुजरता है।

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