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मसूद अजहर पर चीन मेहरबान, 43 लाख करोड़ की डील के चक्कर में चौथी बार बचाया बैन से

चीन भारत से सालाना करता है मोटी कमाई, फिर भी पाकिस्तान के साथ निभाता है दोस्ती

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नई दिल्ली. चीन (China) ने जैश सरगना और पुलवामा हमले के मास्टर माइंड मसूद अजहर (Masood Azhar) को चौथी बार बचा लिया। चीन ने संयुक्त राष्ट्र (United nation) में अपने वीटो पावर (Veto power) के इस्तेमाल से मसूद का नाम अंतरराष्ट्रीय आंतकी (Global terrorist) की लिस्ट में नहीं आने दिया। चीन ने 13 मार्च की रात 12. 30 बजे अंतिम वक्त में इस मामले में अपना फैसला दिया।  

43 लाख करोड़ रुपए की डील बनी भारत की राह में रोड़ा

चीन को डर है कि मसूद बौखलाकर चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) को टारगेट न कर दे। इसी वजह से प्रतिबंध के प्रस्ताव पर चीन ने पाकिस्तान का साथ दिया। सूत्रों के मुताबिक इस बार अजहर पर बैन के नए प्रस्ताव पर समर्थन का मूड बना रहा था। लेकिन चीन यह कोशिश भी कर रहा है कि पाकिस्तान से उसे CPEC की सुरक्षा की गारंटी मिले। हालांकि वो मिलने से रही। चीन के करीब 10,000 कर्मचारी CPEC से संबंधित तमाम प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। ऐसे में चीन को उनकी चिंता भी है। बता दें कि CPEC न सिर्फ पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान से होकर गुजरता है, बल्कि खैबर पख्तूख्वा के मानशेरा जिले से भी होकर गुजरता है, जहां बालाकोट स्थित है। इसी जिले में कई आतंकी प्रशिक्षण शिविर है। चीन ने हाल ही में CPEC के लिए बालाकोट के नजदीक बड़े पैमाने पर जमीन का अधिग्रहण किया है। जबकि POK से होकर पाकिस्तान को चीन से जोड़ने वाला काराकोरम हाइवे भी मानशेरा से होकर गुजरता है।  

भारत में चीनी प्रोडक्ट पर प्रतिबंध की मुहिम में आ सकती है तेजी 

चीन के इस कदम से भारत में तीखी प्रतिक्रिया देखी जा सकती है। साथ ही भारत में चीनी प्रोडक्ट पर प्रतिबंध की मुहिम फिर से शुरू हो सकती है। बता दें कि इसी माह होली का पर्व है। इस दौरान भारी तादात चीनी प्रोडक्ट की खरीदारी की जाती है। भारत में गैर सरकारी संस्थान लंबे वक्त से चीनी प्रोडक्ट को प्रतिबंधित करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि सरकारी की तरफ से अभी तक ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है। 

 

चीन कई मौकों पर दिया मसूद का साथ 

पुलवाामा हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस हमले की निंदा की थी। उस समय भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) द्वारा पुलवामा (Pulwama) हमले को लेकर जैश का नाम लिये जाने पर चीन ने अड़ंगा लगाया था। चीन (China) ने मांग की कि पुलवामा हमले से आतंकी संगठन जैश का नाम हटाया जाए। पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हलमे का मास्टर माइंड जैश सरगना मसूद अजहर था। 

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