आतंकी मसूद को बचाने वाले चीन की एक और नापाक करतूत, दुनिया को पाट रहा है नकली सामानों से 

 पुलवामा हमले के आरोपी आतंकी अजहर मसूद को बचाने वाले चीन की एक और नापाक करतूत सामने आई है। आर्गेनाइजेशन ऑफ इकोनॉमिक कॉरपोरेशन एंड डेवलपमेंट और यूरोपीय संघ के बौद्धिक संपदा कार्यालय द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक कारोबार में चीन व हांगकांग नकली उत्पादों के सप्लाई में अव्वल हैं।

 

 

money bhaskar

Mar 18,2019 07:15:00 PM IST

नई दिल्ली. पुलवामा हमले के आरोपी आतंकी अजहर मसूद को बचाने वाले चीन की एक और नापाक करतूत सामने आई है। आर्गेनाइजेशन ऑफ इकोनॉमिक कॉरपोरेशन एंड डेवलपमेंट और यूरोपीय संघ के बौद्धिक संपदा कार्यालय द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक कारोबार में चीन व हांगकांग नकली उत्पादों के सप्लाई में अव्वल हैं। नकली उत्पादों के कारोबार की हिस्सेदारी 3.3 प्रतिशत है। इसमें सबसे अधिक हिस्सेदारी फुटवियर, परिधान, चमड़े के सामान, इलेक्ट्रिक उपकरण, घड़ियों, मेडिकल उपकरण, इत्र, खिलौनों, जेवरात और दवाईयों की है।

509 अरब डालर के नकली सामान पकड़ाए

वर्ष 2016 में दुनिया भर में सीमाशुल्क अधिकारियों द्वारा 509 अरब डॉलर के नकली उत्पाद के आयात को जब्त किया गया जबकि वर्ष 2013 में यह आंकड़ा 461 अरब डॉलर रहा था। वर्ष 2013 में कुल वैश्विक कारोबार में नकली उत्पादों के कारोबार की हिस्सेदारी ढाई प्रतिशत थी। यूरोपीय संघ में संघ से बाहर के देशों से आयातित नकली उत्पादों का योगदान वर्ष 2016 में 6.8 प्रतिशत रहा जबकि वर्ष 2013 में यह पांच प्रतिशत था। इस आंकड़े में घरेलू स्तर पर उत्पादित नकली उत्पाद, उपभोग किये गये नकली उत्पाद और इंटरनेट के माध्यम से वितरित किये गये नकली उत्पाद शामिल नहीं हैं।नकली उत्पादों के कारोबार के मामले में भारत छठे स्थान पर है

रहिए सावधान

अगर आप बड़े ब्रांड के प्रोडक्ट खरीद रहे हैं तो सावधान रहिए। संभव है कि प्रोडक्ट नकली हो। वैसे तो हैंडबैग और परफ्यूम से लेकर ब्रांडेड स्ट्रॉबेरी और केले तक की नकल हो रही है, पर सबसे ज्यादा नकल फुटवियर की होती है। इसके बाद कपड़े, लेदर गुड्स और गैजेट्स हैं। बड़ी कंपनियों के नाम से मशीन, कलपुर्जे, दवाएं, मेडिकल इंस्ट्रुमेंट्स, खाने-पीने की चीजें, खिलौने भी बनाए जा रहे हैं।


जानिए कहां बनाए जा रहे हैं नकली प्रोडक्ट...

  • बड़े ब्रांड्स की नकल सबसे ज्यादा चीन में बनती हैं। ओईसीडी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 63.2% नकली चीजें चीन में बनाई जाती हैं।
  • 2013 में तमाम देशों में 461 अरब डॉलर (30.6 लाख करोड़ रु.) की नकली चीजें आयात की गईं।
  • यह कुल ग्लोबल इम्पोर्ट का 2.5% है। 2013 में दुनिया में कुल 17.9 लाख करोड़ डॉलर (1190 लाख करोड़ रुपए) का इम्पोर्ट हुआ था।
  • स्टडी में ऑनलाइन पायरेसी को शामिल नहीं किया गया है। ओईसीडी ने 2008 की रिपोर्ट में कहा था कि वैश्विक आयात का 1.9% नकली प्रोडक्ट का है।
  • 2011-13 के दौरान विभिन्न देशों के कस्टम विभाग ने नकली प्रोडक्ट के पांच लाख मामले पकड़े।

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