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भारत की एनर्जी डिमांड पूरी करने में कनाडा सक्षम: मोदी; दोनों देशों में 6 समझौते

PM मोदी ने कहा कि कनाडा एनर्जी में एक सुपर पावर देश है और वह भारत की बढ़ती एनर्जी डिमांड को पूरी कर सकता है।

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नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कनाडा एनर्जी में एक सुपर पावर देश है और वह भारत की बढ़ती एनर्जी डिमांड को पूरी कर सकता है। मोदी ने शुक्रवार को कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडों के साथ हैदराबाद हाउस में हुई डेलिगेशन लेवल की बातचीत के बाद ज्‍वाइंट प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कही। उन्‍होंने कहा कि कनाडा हमारे लिए काफी अहम है। हम उनके साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और भारत के विकास में उनकी भागीदारी चाहते हैं। दोनों देशों के बीच सिक्युरिटी, एजुकेशन, बिजनेस, आतंकवाद जैसे कई अहम मुद्दों पर डेलिगेशन लेवल की बातचीत हुई।

 

 

कनाडा एनर्जी सुपर पावर 

ज्‍वाइंट प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि कनाडा ऊर्जा क्षेत्र की बड़ी महाशक्ति है और वह हमारी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर सकता है। इसे देखते हुए दोनों देशों ने इस क्षेत्र में बातचीत को बढ़ाने और ऊर्जा साझेदारी के भविष्य की रूप-रेखा तैयार करने का निर्णय लिया है। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी के लिए एक संस्थागत ढांचे की व्यवस्था जरूरी है। इस संबंध में बायलेटरल इन्‍वेस्‍टमेंट और प्रमोशनल एग्रीमेंट तथा इकोनोमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत की प्रक्रिया तेज की जाएगी। 

 

कनाडा के साथ आर्थिक संबंधों को बढ़ाएंगे 

पीएम मोदी ने कहा कि 'कनाडा का पेंशन फंड भारत का आर्थिक साझेदार बना हुआ है। कनाडा के साथ आर्थिक संबंधों को और बढ़ाएंगे। हायर एजुकेशन के लिए कनाडा बेहतर देश है। आज 1.20 लाख भारतीय स्टूडेंट वहां पढ़ाई कर रहे हैं। टेक्नोलॉजी को बढ़ाने के लिए प्रयास जारी हैं। दोनों देशों के बीच इसकी पार्टनरशिप जरूरी है। सूचना और संचार के क्षेत्र में बेहतरी के लिए दोनों सरकारें तैयार हुई हैं। 'हमारे एटोमिक कैपिसिटी बढ़ाने की जरूरत है। कनाडा यूरेनियम का बड़ा सप्लायर है। उत्तर कोरिया में हथियारों के इस्तेमाल और मालदीव में लोकतंत्र की स्थिति को लेकर हमारे विचार एक हैं। कनाडा के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रति हम प्रतिबद्ध हैं और भारत के विकास में कनाडा की भागीदारी चाहते हैं। 

 

6 समझौतों पर हुए दस्‍तखत 

मोदी और ट्रूडो की मौजूदगी में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने आईटी, एनर्जी, यूथ एंड स्‍पोर्ट्स, इंडस्‍ट्री एंड कॉमर्स, हायर एजुकेशन और परमाणु एनर्जी के क्षेत्र में छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।   

 

एकता, अखंडता को चुनौती बर्दाश्त नहीं: भारत-कनाडा

भारत और कनाडा ने कहा है कि आतंकवाद और उग्रवाद दोनों के लिए बड़ा खतरा है और उनकी संप्रभुता, एकता और अखंडता को चुनौती देने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के साथ डेलिगेशन लेवल मीटिंग के बाद ज्‍वाइंट प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा कि वह और कनाडाई प्रधानमंत्री आतंकवाद और उग्रवाद से मिलकर लड़ने के लिए सहमत हुए हैं। दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने भी पहले मुलाकात की है और इन समस्‍याओं से निपटने के लिए सहयोग की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया है। 

 

सुरक्षा सहयोग मजबूत करने पर सहमति 

प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ और अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए धर्म का दुरूपयोग करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि मीटिंग में दोनों देश सुरक्षा सहयोग को सुदृढ़ करने पर सहमत हुए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद और उग्रवाद भारत और कनाडा जैसे लोकतांत्रिक, बहुलवादी समाजों के लिए खतरा हैं। इन ताकतों का मुकाबला करने के लिए हमारा साथ आना महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के संबंध लोकतंत्र, बहुलवाद, कानून की सर्वोच्चता और आपसी संपर्क पर आधारित है। भारत कनाडा स्थित भारतीय समुदाय के साथ मित्रता को आगे बढ़ाने के लिए कमिटेड हैं और भारत की प्रगति में उनकी सक्रिय भागीदारी चाहते हैं। भारत-कनाडा की साझेदारी साझा मूल्यों पर आधारित है।

 

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